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स्वामी चिदानन्द सरस्वतीजी महाराज को ‘राष्ट्र गौरव अवार्ड’
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स्वामी चिदानन्द सरस्वतीजी महाराज को ‘राष्ट्र गौरव अवार्ड’
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स्वामी चिदानन्द सरस्वतीजी महाराज को ‘राष्ट्र गौरव अवार्ड’
विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित किया गया ‘नेशनल गौरव अवार्ड’
सम्मान वास्तव में एक नैतिक उर्जा है जो नये उत्साह के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है-स्वामी चिदानन्द सरस्वती
ऋषिकेश, 17 दिसम्बर। विज्ञान भवन, नई दिल्ली में नेशनल गौरव पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। इस पुरस्कार समारोह में परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, आरएसएस के वरिष्ठ नेता श्री इंद्रेश जी एवं जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी को ‘राष्ट्र गौरव अवार्ड’ से नवाजा गया।
विज्ञान भवन में आयोजित इस पुरस्कार समारोह का उद्देश्य नये भारत के निर्माण हेतु लोगो को जागरूक एवं प्रेरित करना। भारत के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी के विजन ’नई सोच, नई उम्मीद’ और ‘भारतीयता का उत्सव’ से प्रेरित होकर इसे आयोजित किया गया। इस समारोह में भारत के 11 से भी अधिक राज्यों के 30 विभिन्न वर्गो के सरकारी और गैर सरकारी संगठनों ने सहभाग किया। इसमें राष्ट्रीय गौरव, बहादुरी, महिला सशक्तीकरण, शिक्षा, युवा शक्ति एवं अन्य विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान प्रदान करने हेतु पुरस्कृत किया गया। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष एवं ग्लोबल इण्टरफेेथ वाश एलायंस के सह-संस्थापक स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज को मानवता, पर्यावरण एवं नदियों के संरक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा, शान्ति की स्थापना हेतु किये जा रहे सेवात्मक कार्यो, इण्टरफेथ ’सर्व धर्म सद्भाव एवं एकता’ एवं मानव अधिकारों की सुरक्षा हेतु लगातार किये जा रहे अद्वितीय प्रयासों के लिये ’राष्ट्र गौरव अवार्ड’ से सम्मानित किया गया।
आरएसएस के वरिष्ठ नेता श्री इंद्रेश जी एवं जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी को भी उनके अद्वितिय योगदान के लिये ’राष्ट्र गौरव अवार्ड’ से पुरस्कृत किया गया। साध्वी जी ने पश्चिम से पूर्व की धरती पर आकर भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों को आत्मसात कर दुनिया के विभिन्न देशों में जाकर भारतीय आध्यात्म, सनातन धर्म एवं महिला सशक्तीकरण के विषय अनेक बहुचर्चित मंचों पर उद्बोधन देकर लोगो को प्रेरित किया और एंव उनके द्वारा शान्ति के लिये किये जा रहे उत्कृष्ट योगदान हेतु यह पुरस्कार प्रदान किया गया। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा ‘हर व्यक्ति के जीवन की शुरूआत कोरे पन्ने से होती है। अपने सद्चारण, व्यवहार एवं सामाजिक दायित्व के माध्यम से उन पन्नों को अलंकृत किया जाता है। सम्मान, इनकी प्रामाणिकता सिद्ध करके उन कार्यों को और अधिक उत्साह के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है। सम्मान वास्तव में एक नैतिक उर्जा है जो नये उत्साह के साथ कार्य करने के लिये प्रेरित करता है।
साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि ’बच्चे ईश्वर के समरूप छाप लेकर जन्म लेते है और हम संस्कारों के माध्यम से इस छाप को अमिट बना सकते है। इन्ही संस्कारों के माध्यम से उनके अन्दर युवावस्था तक मानवीय गरिमा विकसित हो जाती है इसलिये कहा जाता है ’युवा भविष्य का निर्माता है’ अतः युवाओं को अपने जीवन के साथ ही विश्व परिवार की जिम्मेदारी भी सम्भालनी होगी सनातन धर्म हमें यही शिक्षा देता है।’ इस अवसर पर विभिन्न धर्मों के धर्मगुरू, व्यवसाय जगत, फिल्म जगत एवं अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे।
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality.View full profile →.
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