Yoga for Insomnia: A Natural and Better Alternative to Sleeping Pills

Yoga for Insomnia: A Natural and Better Alternative to Sleeping Pills

Yoga for Insomnia: A Natural and Better Alternative to Sleeping Pills Insomnia, or difficulty in falling and staying asleep, has become a common issue in today’s fast-paced, stress-filled lifestyle. Many people turn to sleeping pills to get some rest, but these pills often come with side effects and the risk of dependence. In contrast, yoga offers a safe, natural, and long-term solution to improve sleep quality and overall well-being. Let’s explore why yoga can be […]

 March 28, 2025
पुरूषोत्तम मास या अधिकमास क्या होता है ? वैज्ञानिक व्याख्या – पुण्डरीकजी महाराज

पुरूषोत्तम मास या अधिकमास क्या होता है ? वैज्ञानिक व्याख्या – पुण्डरीकजी महाराज

पुरूषोत्तम मास या अधिकमास क्या होता है ? पुरूषोत्तम मास या अधिकमास हिंदू धर्म की एक पावन महीना है। हिंदू महीनों में हर तीन साल में एक बार एक अतिरिक्त माह आता है है, जिसे अधिकमास, मल मास या पुरुषोत्तम मास के नाम से जाना जाता है। पुरुषोत्तम मास 2020 में 18 September से 16 October तक है। हमारी हिंदू संस्कृति में इस अधिक मास की बड़ी महिमा है। और इसके पीछे एक बहुत बड़ा […]

 September 17, 2020
बंगाल में ऐसे मनी महालया 2020 – पूजा पाठ और तर्पण

बंगाल में ऐसे मनी महालया 2020 – पूजा पाठ और तर्पण

आश्विन मास की अमावस्या बंगाल के लिए खास होती है। आज महालया के खास दिन ‘तर्पण’ करने की परंपरा है। पर बंगाल में इस खास दिन पर हर कोई मां दुर्गा की आराधाना में लीन होता है। किसी न किसी तरह से मां दुर्गा को रिझाने और इस महालया की परंपरा को आत्मसात करने की कोशिश सभी की होती है। अदाकारा और तृणमूल सांसद नुसरत जहां रूही ने अपने ट्विटर पर आज एक खास वीडियो […]

 September 17, 2020
Mahalaya 2020 : महालया अमावस्या आज : नवरात्रि कब से शुरू ?

Mahalaya 2020 : महालया अमावस्या आज : नवरात्रि कब से शुरू ?

17 अक्टूबर से नवरात्रि शुरू 25 अक्टूबर नवमीं दशहरा 25 अक्टूबर को मनाया जाएगा महालया की मान्यता आज महालया है। हिंदू धर्म के आश्विन मास की अमावस्या तिथि यानी सर्व पितृ अमावस्या के दिन महालया होता है। आज पितृ पक्ष का आखिरी दिन हैं। बंगालियों में महालया का विशेष इंतजार होता है। वैसे महालया दुर्गा पूजा की शुरुआत और पितृपक्ष का समापन माना जाता है. इस साल अधिक मास के कारण ये एक महीने बाद […]

 September 17, 2020
पितृपक्ष : श्राद्ध में मातृ नवमी का विशेष महत्व, जानिये उपाय

पितृपक्ष : श्राद्ध में मातृ नवमी का विशेष महत्व, जानिये उपाय

मातृ नवमी का पितृ पक्ष में विशेष महत्व है। आश्विन माह के कृष्ण पक्ष यानी श्राद्ध पक्ष की नवमी तिथि पर पितरों की प्रसन्नता के लिए नवमी का श्राद्ध किया जाता है। यह तिथि माता और परिवार की विवाहित महिलाओं के श्राद्ध के लिए श्रेष्ठ मानी गई है। इसलिए इसे मातृ नवमी भी कहते हैं। इस बार ये तिथि 11 सितंबर, शुक्रवार को है। मातृ नवमी का महत्व नवमी तिथि पर श्राद्ध करने से धन, […]

 September 11, 2020
घर पर कैसे करें पिंडदान और तर्पण – पितृपक्ष में पितरों के लिए घर पर पूजा-पाठ

घर पर कैसे करें पिंडदान और तर्पण – पितृपक्ष में पितरों के लिए घर पर पूजा-पाठ

पितृ पक्ष 2020 हर साल की तरह इस बार भी पितृपक्ष की परंपरा चल रही है। लेकिन कोरोना महामारी के चलते पिंडदान, तर्पण और इससे जुड़ी कई परंपराएं किसी स्थान पर जाकर नहीं हो पा रही है। गया धाम में भी इस बार तर्पण नहीं हो रहा है। इससे सालों अपने पुरखों के लिए पूजा पाठ की भावना को रखने वालों को काफी दुख हुआ है। गया में भी फाल्गु नदी, अक्षवट और विष्णुपद मंदिर […]

 September 5, 2020
How to Perform Pitru Paksha Tarpan ?

How to Perform Pitru Paksha Tarpan ?

Meaning of Pitru Paksha Tarpan Tarpan comes from the word ‘Trup’ which means satisfying or pleasing elders. Pitru Tarpan is a way of gratifying the ancestors and freeing them from any unfulfilled desires so that they can complete their journey to the heavenly abode with peace, satisfaction and happiness. The objective of performing tarpan is that God, deceased ancestors’ souls etc. whose names are pronounced while performing Tarpan, should bestow happiness on us. In the […]

 September 2, 2020
Pitru Paksha : Understanding & Observing Pitru Paksha

Pitru Paksha : Understanding & Observing Pitru Paksha

Pitru Paksha according to Holy Scriptures According to the Gita and the Vedas, offerings made to the departed during Pitru Paksha bring peace to their souls. It helps them reach their divine destination. Death is not the end — it merely punctuates the cycle of birth and rebirths. Pitru Paksha marks the end of one’s physical body. For the soul, what follows is a journey determined by each person’s individual karma, which was earned during […]

 September 1, 2020
Pitru Paksha – The Fortnight of the Ancestors

Pitru Paksha – The Fortnight of the Ancestors

Pitru paksha 2020 – Praying the Ancestors Pitru Paksha (Shraadh 2020 dates) also known as Shraaddha or Kanagat start with Purnima Shraddha, ends after 16 days on Sarva Pitru Amavasya which is also known as Sarvapitri Amavasya or Mahalaya Amavasya. Hindus pay homage to their ancestor (Pitrs), especially through food offerings. This year it starts from September 2 till September 17. Hindu Dharma and Pitru Paksha Hindus are bound by their Dharma, or religion, to […]

 August 31, 2020
पितृ पक्ष 2020 : जानें कौवे और पितृ तर्पण का क्या है सम्बन्ध

पितृ पक्ष 2020 : जानें कौवे और पितृ तर्पण का क्या है सम्बन्ध

इस वर्ष 2 सितंबर 2020 से 17 सितंबर तक पितृपक्ष यानि श्राद्ध रहेंगे. हिंदू धर्म में पितृपक्ष या श्राद्ध का काफी महत्व होता है. पितृपक्ष में पित्तरों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है. इस दिन कौवों को भी भोजन कराया जाता है. इस दिन कौवों को भोजन कराना काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. क्या है इसके पीछे का कारण आइये जानते हैं- पितृपक्ष में कौवों का महत्व पितृपक्ष में पित्तरों का श्राद्ध और तर्पण […]

 August 30, 2020
पितृ पक्ष 2020 : जानिए श्राद्ध का महत्व, कब से कबतक हैं पितृ पक्ष

पितृ पक्ष 2020 : जानिए श्राद्ध का महत्व, कब से कबतक हैं पितृ पक्ष

हर साल पितृ पक्ष के समय पर पूर्वजों के लिए श्राद्ध कर्म किया जाता है। इस अवधि में विशेष तौर पर पिंडदान, तर्पण, हवन और अन्न दान किया जाता है। यह समय पूर्ण रूप से पितरों को समर्पित माना जाता है। श्राद्ध करने से पितरों को शांति मिलती है और परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है। ऐसा माना जाता है कि पितृ पक्ष में जो लोग अपने पितरों का तर्पण नहीं कराते हैं उन्हें […]

 August 28, 2020
पितृपक्ष विशेष : श्राद्ध के भी होते हैं प्रकार

पितृपक्ष विशेष : श्राद्ध के भी होते हैं प्रकार

श्राद्ध के प्रकार श्राद्ध में जो दान हम अपने पूर्वजों को देते है वो श्राद्ध कहलाता है. जो जिस दिन इस संसार से मुक्ति पाता है उसी दिन उसका श्राद्ध किया जाता है. इस दिन ब्राह्मणों को दान-पुण्य किया जाता है. जिससे प्रसन्न होकर पूर्वज आपको मनचाहा वरदान देते है. इस बारे हरवंश पुराण में बताया गया है कि भीष्म पितामह ने युधिष्टर को बताया था कि श्राद्ध करने वाला व्यक्ति दोनों लोकों में सुख […]

 September 15, 2017