किस नक्षत्र में गणपति उत्सव हेतु गणपति स्थापना करें ?

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किस नक्षत्र में गणपति उत्सव हेतु गणपति स्थापना करें ?

पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार हरतालिका तीज पर सर्वार्थसिद्धि और अमृतसिद्धि नाम के 2 बड़े शुभ योग बन रहे हैं। वहीं सोमवार को दिन की शुरुआत हस्त नक्षत्र में होगी और गणेश स्थापना चित्रा नक्षत्र में की जाएगी। मंगल के इस नक्षत्र में चंद्रमा होने से शुभ फल प्राप्त होते हैं।चित्रा नक्षत्र और चतुर्थी का संयोग सुबह लगभग 8 बजे से शुरू होगा औरपूरे दिन तक रहेगा। शुक्ल और रवि योगबनने से दिन और भी विशेष हो जाएगा।

 गणेश स्थापना के लिए श्रेष्ठ है मध्याह्न काल

भाद्रपद महीने के शुक्लपक्ष की चतुर्थी को मध्याह्न के समय गणेश जी का जन्म हुआ था।इसलिए भगवान गणेश की स्थापना और पूजा का सबसे श्रेष्ठ समय मध्याह्न काल ही माना गया है। मध्याह्न यानी दिन का दूसरा प्रहर जो कि सूर्योदय के लगभग 3 घंटे बाद शुरू होता है और लगभग 12 या साढ़े 12 बजे तक रहता है। गणेश चतुर्थी पर मध्याह्न काल में अभिजित मुहूर्त के संयोग पर गणेश स्थापना की जा सकती है। जो कि सुबह लगभग 11.55 से दोपहर 12.40 तक रहेगा। इसके अलावा पूरे दिन शुभ संयोग होने से सुविधा अनुसार किसी भी शुभ लग्न या चौघड़िया मुहूर्त में गणेश स्थापना की जा सकती है।

गणेश चतुर्थी की तिथ‍ि और स्‍थापना का शुभ मुहूर्त

गणेश चतुर्थी की तिथि: 02 सितंबर 2019

गणेश चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 02 सितंबर 2019 को सुबह 4 बजकर 57 मिनट से।

गणेश चतुर्थी तिथि समाप्त: 03 सितंबर 2019 की रात  01 बजकर 54 मिनट तक।

गणपति की स्‍थापना और पूजा का समय: 02 सितंबर की सुबह 11 बजकर 05 मिनट से दोपहर 01 बजकर 36 मिनट तक.

अवधि: 2 घंटे 31 मिनट

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