RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

हरियाली तीज 2026: विवाहित महिलाएं व्रत और पूजा के दौरान क्या करें और क्या नहीं? जानिए धार्मिक निय

हरियाली तीज 2026: विवाहित महिलाएं व्रत और पूजा के दौरान क्या करें और क्या नहीं? जानिए धार्मिक निय

हरियाली तीज 2026: विवाहित महिलाएं व्रत और पूजा के दौरान क्या करें और क्या नहीं? जानिए धार्मिक निय
Visual Archive

हरियाली तीज 2026: विवाहित महिलाएं व्रत और पूजा के दौरान क्या करें और क्या नहीं? जानिए धार्मिक निय

हरियाली तीज हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व है, जिसे विशेष रूप से विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए मनाती हैं। अविवाहित कन्याएं भी भगवान शिव और माता पार्वती जैसा आदर्श जीवनसाथी पाने की प्रार्थना करते हुए यह व्रत रखती हैं। इस दिन शिव-पार्वती की पूजा, श्रृंगार, मेहंदी और व्रत का विशेष महत्व माना जाता है।

हरियाली तीज का धार्मिक महत्व

पौराणिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी अटूट भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया। इसी पावन मिलन की स्मृति में हरियाली तीज मनाई जाती है।

हरियाली तीज पर क्या करें?

1. भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें

सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और विधि-विधान से शिव-पार्वती का पूजन करें। व्रत कथा सुनना या पढ़ना भी शुभ माना जाता है।

2. सोलह श्रृंगार करें

धार्मिक परंपराओं में सुहागिन महिलाओं के लिए हरी साड़ी, हरी चूड़ियां, मेहंदी, बिंदी, सिंदूर और अन्य श्रृंगार शुभ माने जाते हैं।

3. व्रत श्रद्धा और संयम से रखें

कई महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं, जबकि कुछ फलाहार के साथ व्रत करती हैं। अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार व्रत रखना उचित है।

4. दान-पुण्य करें

जरूरतमंदों को वस्त्र, भोजन या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है।

5. परिवार के साथ उत्सव मनाएं

झूला झूलना, लोकगीत गाना और पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन इस पर्व की सांस्कृतिक पहचान है।

हरियाली तीज पर क्या नहीं करें?

1. क्रोध और कटु वचन से बचें

धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन मन, वचन और व्यवहार में संयम रखना शुभ माना जाता है।

2. तामसिक भोजन का सेवन न करें

यदि व्रत रख रहे हैं तो मांस, मदिरा और अन्य तामसिक पदार्थों से दूर रहें।

3. पूजा में जल्दबाजी न करें

पूजा श्रद्धा, शांति और एकाग्रता के साथ करें।

4. अपमान या विवाद से बचें

परिवार और बड़ों का सम्मान करना इस दिन विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

5. अस्वस्थ होने पर कठोर व्रत न रखें

यदि स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो, गर्भावस्था हो या डॉक्टर ने उपवास से मना किया हो, तो स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और आवश्यकतानुसार व्रत की विधि अपनाएं।

हरियाली तीज की पूजा विधि

  • प्रातः स्नान कर हरे या पारंपरिक वस्त्र धारण करें।
  • पूजा स्थल पर भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  • जल, अक्षत, चंदन, पुष्प, बेलपत्र, फल और मिठाई अर्पित करें।
  • घी का दीपक जलाएं।
  • हरियाली तीज व्रत कथा का श्रवण करें।
  • “ॐ नमः शिवाय” और माता पार्वती के मंत्रों का जाप करें।
  • अंत में आरती कर परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।

हरियाली तीज का संदेश

हरियाली तीज केवल व्रत और पूजा का पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, समर्पण और पारिवारिक संबंधों को मजबूत बनाने का भी अवसर है। यह त्योहार प्रकृति, हरियाली और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं का उत्सव भी माना जाता है।

निष्कर्ष

हरियाली तीज 2026 का पर्व श्रद्धा, सौभाग्य और वैवाहिक जीवन की मंगलकामना का प्रतीक है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार यदि महिलाएं श्रद्धापूर्वक व्रत, पूजा और सदाचार का पालन करती हैं, तो इसे अत्यंत शुभ माना जाता है। साथ ही, व्रत रखते समय अपनी स्वास्थ्य स्थिति का ध्यान रखना भी उतना ही आवश्यक है।

Editorial Review Note

Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. .

Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

July 25, 2026 3 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

Hinduism

जगन्नाथ बहुदा यात्रा 2026: जब भगवान जगन्नाथ लौटते हैं अपने धाम, जानिए वापसी यात्रा की पूरी परंपरा और धार्मिक महत्व

पुरी की विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण चरण बहुदा यात्रा (Bahuda Yatra) माना जाता है। यह वह पावन अवसर होता है जब भगवान जगन्नाथ, बड़े…

Read now
Hinduism

कलियुग खत्म होने में कितना समय बाकी है? जानिए शास्त्रों में भगवान कल्कि अवतार को लेकर क्या कहा गया है

हिंदू धर्म में समय को चार युगों—सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलियुग—में विभाजित किया गया है। वर्तमान समय को कलियुग माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों में यह भी वर्णित…

Read now
Hinduism

हिमाचल के इस गांव की अनोखी परंपरा: सावन में महिलाएं 5 दिनों तक एकांतवास क्यों करती हैं?

भारत विविध संस्कृतियों, परंपराओं और लोक आस्थाओं का देश है। यहां हर क्षेत्र की अपनी अलग पहचान है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की पार्वती घाटी में स्थित…

Read now