RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

क्या आप जानते हैं, इस बार करवा चौथ पर चांद कब निकलेगा?

क्या आप जानते हैं, इस बार करवा चौथ पर चांद कब निकलेगा?

क्या आप जानते हैं, इस बार करवा चौथ पर चांद कब निकलेगा?
Visual Archive

क्या आप जानते हैं, इस बार करवा चौथ पर चांद कब निकलेगा?

क्या आप जानते हैं, इस बार करवा चौथ पर चांद कब निकलेगा?

करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में से एक माना जाता है। यह दिन पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए रखा जाता है। इस व्रत में महिलाएँ पूरे दिन निर्जला उपवास रखती हैं और रात को चाँद देखकर अपना व्रत पूर्ण करती हैं। आइए जानते हैं, साल 2025 में करवा चौथ कब है, पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा और चंद्रोदय (चाँद निकलने) का समय क्या होगा।

करवा चौथ 2025 की तिथि और महत्व

करवा चौथ 2025 में 10 अक्टूबर, शुक्रवार के दिन मनाया जाएगा। यह व्रत हर वर्ष कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश जी और चंद्र देव की पूजा करती हैं।
करवा चौथ का नाम दो शब्दों से मिलकर बना है — “करवा” अर्थात मिट्टी का छोटा घड़ा, और “चौथ” अर्थात चौथी तिथि। इस दिन मिट्टी के करवे का विशेष महत्व होता है, जिसमें महिलाएं जल भरकर चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं।

पूजा मुहूर्त और शुभ समय

व्रत के दिन महिलाएं सुबह सूर्योदय से पहले सरगी खाकर उपवास की शुरुआत करती हैं और पूरे दिन बिना अन्न और जल के व्रत रखती हैं।
पूजा का शुभ मुहूर्त शाम के समय रहेगा —
➡️ पूजा मुहूर्त: शाम 5:57 बजे से 7:11 बजे तक
इस समय में करवा माता, भगवान शिव-पार्वती और गणेश जी की पूजा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।

चंद्रोदय (चाँद निकलने) का समय

करवा चौथ का सबसे प्रतीक्षित क्षण वह होता है जब रात को आकाश में चाँद निकलता है। महिलाएं छलनी से चाँद और अपने पति का चेहरा देखकर व्रत तोड़ती हैं।
साल 2025 में चाँद का उदय समय लगभग रात 8:13 बजे रहेगा।
चाँद निकलने के बाद महिलाएं अर्घ्य देकर और पति के हाथ से जल ग्रहण कर व्रत समाप्त करती हैं।

पूजा विधि और क्रम

  1. संध्या समय स्नान कर सोलह श्रृंगार के साथ तैयार हों।

  2. पूजा स्थान पर करवा माता, भगवान शिव-पार्वती और गणेश जी की स्थापना करें।

  3. थाली में दीपक, चावल, रोली, चंदन, करवा और मिठाई रखें।

  4. परंपरानुसार करवा चौथ की कथा सुनें या पढ़ें।

  5. चंद्रोदय के समय छलनी से चाँद को देखें, फिर पति का चेहरा देखकर अर्घ्य दें।

  6. पति के हाथ से पानी और मीठा ग्रहण कर व्रत खोलें।

व्रत के दौरान सावधानियाँ

  • दिनभर जल तक ग्रहण न करें, केवल अत्यावश्यक स्थिति में जल लिया जा सकता है।

  • पूजा के समय मन शांत और श्रद्धापूर्ण होना चाहिए।

  • स्वास्थ्य संबंधी समस्या या गर्भावस्था की स्थिति में चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

  • चाँद देखने से पहले व्रत न तोड़ें — यही इस पर्व की मुख्य परंपरा है।

करवा चौथ 2025 का व्रत 10 अक्टूबर (शुक्रवार) को मनाया जाएगा।
पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 5:57 बजे से 7:11 बजे तक
चाँद निकलने का समय: रात लगभग 8:13 बजे

इस दिन श्रद्धा और विश्वास के साथ व्रत रखने से दांपत्य जीवन में प्रेम, सौभाग्य और सुख-समृद्धि बढ़ती है। करवा चौथ न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह पति-पत्नी के अटूट प्रेम और समर्पण का प्रतीक भी है।

~ रिलीजन वर्ल्ड ब्यूरो

Editorial Review Note

Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. .

Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

October 9, 2025 3 min read
Share: