RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

भगवान शिव की पूजा सोमवार को ही क्यों की जाती है? जानिए सावन सोमवार से जुड़ा धार्मिक महत्व और पौराणिक मान्यता

भगवान शिव की पूजा सोमवार को ही क्यों की जाती है? जानिए सावन सोमवार से जुड़ा धार्मिक महत्व और पौराणिक मान्यता

भगवान शिव की पूजा सोमवार को ही क्यों की जाती है? जानिए सावन सोमवार से जुड़ा धार्मिक महत्व और पौराणिक मान्यता
Visual Archive

भगवान शिव की पूजा सोमवार को ही क्यों की जाती है? जानिए सावन सोमवार से जुड़ा धार्मिक महत्व और पौराणिक मान्यता

भगवान शिव को देवों के देव महादेव कहा जाता है और हिंदू धर्म में सोमवार का दिन उनकी आराधना के लिए सबसे शुभ माना जाता है। विशेषकर सावन महीने में आने वाले सोमवार का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस दिन लाखों श्रद्धालु व्रत रखते हैं, शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं और भोलेनाथ से सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य तथा मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मांगते हैं।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भगवान शिव की पूजा के लिए सोमवार ही सबसे विशेष क्यों माना जाता है? इसके पीछे कई पौराणिक मान्यताएं और धार्मिक कारण बताए गए हैं।

सोमवार और भगवान शिव का क्या संबंध है?

‘सोम’ का अर्थ चंद्रमा होता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, भगवान शिव अपने मस्तक पर चंद्रदेव को धारण करते हैं, इसलिए उन्हें चंद्रशेखर भी कहा जाता है।

मान्यता है कि जब चंद्रदेव को दक्ष प्रजापति के श्राप के कारण अपना तेज खोना पड़ा, तब उन्होंने भगवान शिव की कठोर तपस्या की। महादेव उनकी भक्ति से प्रसन्न हुए और उन्हें अपने मस्तक पर स्थान देकर श्राप के प्रभाव को कम किया। तभी से सोमवार भगवान शिव को समर्पित माना जाता है।

सावन सोमवार का महत्व क्यों बढ़ जाता है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन महीना भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना है। समुद्र मंथन के दौरान जब हलाहल विष निकला, तब भगवान शिव ने संपूर्ण सृष्टि की रक्षा के लिए उसे अपने कंठ में धारण किया। इसके बाद देवताओं ने शिव का जल से अभिषेक किया, जिससे उनके शरीर की तपन शांत हुई।

इसी घटना की स्मृति में सावन महीने में शिवलिंग पर जल, गंगाजल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करने की परंपरा चली आ रही है।

सोमवार का व्रत रखने से क्या लाभ मिलता है?

धार्मिक मान्यता है कि सोमवार का व्रत रखने और भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा करने से—

  • विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।
  • दांपत्य जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
  • मानसिक तनाव और भय कम होता है।
  • स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है।
  • आर्थिक उन्नति और परिवार में समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
  • भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त होती है।

इन लाभों को धार्मिक मान्यताओं के रूप में देखा जाता है।

सोमवार को भगवान शिव की पूजा कैसे करें?

  • प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • शिवलिंग पर गंगाजल या शुद्ध जल से अभिषेक करें।
  • बेलपत्र, सफेद चंदन, धतूरा, भांग और आक के फूल अर्पित करें।
  • “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।
  • महामृत्युंजय मंत्र, शिव चालीसा या रुद्राष्टक का पाठ करें।
  • घी का दीपक जलाकर भगवान शिव की आरती करें।
  • अपनी श्रद्धा अनुसार गरीबों को अन्न या वस्त्र का दान करें।

सावन सोमवार पर किन बातों का रखें ध्यान?

  • सात्विक भोजन ग्रहण करें।
  • क्रोध, झूठ और नकारात्मक व्यवहार से बचें।
  • शिव पूजा में खंडित बेलपत्र न चढ़ाएं।
  • पूजा पूरे श्रद्धा और मन की एकाग्रता के साथ करें।
  • यदि व्रत रखें तो अपनी स्वास्थ्य स्थिति का भी ध्यान रखें।

सावन सोमवार का आध्यात्मिक संदेश

सावन सोमवार केवल व्रत रखने का दिन नहीं है, बल्कि यह आत्मसंयम, भक्ति, सेवा और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का अवसर भी है। भगवान शिव का सरल और करुणामय स्वरूप हमें सिखाता है कि सच्ची श्रद्धा, विनम्रता और अच्छे कर्म ही आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग हैं।

निष्कर्ष

सोमवार और विशेष रूप से सावन सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत, जलाभिषेक और मंत्र जाप करने से शिव कृपा प्राप्त होती है तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। यही कारण है कि सावन के प्रत्येक सोमवार को शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और पूरा वातावरण ‘हर हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठता है।

Editorial Review Note

Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. .

Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

July 8, 2026 4 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

Hinduism

कांवड़ यात्रा की शुरुआत सबसे पहले किसने की थी? जानिए भगवान परशुराम से जुड़ी पौराणिक मान्यता

सावन का महीना आते ही देशभर में भगवान शिव की भक्ति का अनूठा उत्साह देखने को मिलता है। लाखों शिवभक्त पवित्र नदियों से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करते…

Read now
Hinduism

तिरुमला मंदिर में दान का नया रिकॉर्ड: सिर्फ 10 घंटे में TTD को मिले 96.98 करोड़ रुपये, भक्तों की आस्था ने रचा इतिहास

क्यों उमड़ा 10 घंटे में इतना दान? वजह है TTD की नई डोनर पॉलिसी इस रिकॉर्ड दान के पीछे एक विशेष कारण था। TTD बोर्ड ने सामान्य श्रद्धालुओं…

Read now
Hinduism

किन्नौर कैलाश यात्रा पर क्यों उठा विवाद? जानिए विरोध की वजह, स्थानीय लोगों की मांग और प्रशासन का फैसला

किन्नौर कैलाश यात्रा 2026 स्थगित: ग्लेशियर का खतरा, ग्रामीणों ने की बहाली की मांग किन्नौर कैलाश यात्रा 2026 इस बार आस्था के साथ-साथ विवाद के कारण भी चर्चा…

Read now