तिरुपति, 13 मई; श्री वेंकटेश्वर मंदिर का संचालन और देख-रेख करने वाले तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने 400 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान के बावजूद अपने लगभग 23,000 कर्मचारियों के वास्ते वेतन कटौती को लागू नहीं किया है और उसे अगले दो से तीन महीनों के लिए पूरे वेतन का भुगतान करने का भरोसा है. एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी.
टीटीडी के अध्यक्ष वाई वी सुब्बा रेड्डी ने कहा कि कोरोनावायरस से निपटने के लिए केन्द्र द्वारा 24 मार्च को लगाए गए लॉकडाउन के बाद हर महीने 200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
उन्होंने कहा कि टीटीडी ने एहतियात के तौर पर 20 मार्च से ही मंदिर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था.
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रेड्डी ने कहा, “गंभीर आर्थिक संकट के बाजवूद टीटीडी अपने सभी स्थायी कर्मचारियों और अन्य कर्मियों, और पेंशनधारियों को अगले दो या तीन महीनों के लिए (पूर्ण) वेतन का भुगतान करने की स्थिति में होगा.”
मंदिर के एक अधिकारी ने कहा कि टीटीडी बोर्ड को आय के वैकल्पिक स्रोतों से अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने की उम्मीद है, जैसे कि सावधि जमा (एफडी) जिसमें 700 करोड़ रुपये का वार्षिक ब्याज मिलता है.
विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों में एफडी में 12,000 करोड़ रुपये है.
अधिकारी ने बताया कि मंदिर में हर साल लगभग 2.5 करोड़ श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं.
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