देहरादून, 27 जून; साल 202 1 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले महाकुंभ का आयोजन परंपरा के अनुरूप निर्धारित समय पर होगा, लेकिन महाकुम्भ के स्वरूप और स्तर के संबंध में उत्तराखंड सरकार आगामी फरवरी में तत्कालीन परिस्थितियों के आधार पर निर्णय लेगी.
रविवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत और अखाड़ा परिषद के संत महात्माओं की बैठक में महाकुंभ मेला 2021 के संबंध में विचार विमर्श किया गया.
एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, बैठक के बाद अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरीगिरी महाराज ने बताया कि उनकी सभी अखाड़ों के संतों के साथ चर्चा हुई है और सभी ने इस बात पर सहमति दी है कि ज्योतिष गणना के अनुसार महाकुंभ मेले का आयोजन निर्धारित समय पर ही हो.
यह भी पढ़ें-अयोध्या: रामजन्मभूमि परिसर में भगवान शशांक शेखर का 28 साल बाद रुद्राभिषेक
हालांकि, उन्होंने कहा कि महाकुंभ का स्वरूप क्या हो और यह किस स्तर का हो, इस पर राज्य सरकार द्वारा अगले वर्ष फरवरी माह में तत्कालीन परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिया जाए. मुख्यमंत्री रावत ने सहयोग के लिए संत समाज का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परंपराओं का ध्यान रखते हुए अगले वर्ष कुंभ मेले का आयोजन समय पर होगा.
कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों के मद्देनजर अगले साल होने वाले महाकुंभ मेले के आयोजन को लेकर संशय के बादल घिरे हुए थे जो इस बैठक के बाद साफ हो गए हैं.
[video_ads]
[video_ads2]
You can send your stories/happenings here: info@religionworld.in
Editorial Review Note
Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.