RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

रिलिजन वर्ल्ड प्रथम वर्षगाँठ विशेष : जो अहिंसा से युक्त हो वही धर्म है – भीष्म पितामाह 

रिलिजन वर्ल्ड प्रथम वर्षगाँठ विशेष : जो अहिंसा से युक्त हो वही धर्म है – भीष्म पितामाह 

रिलिजन वर्ल्ड प्रथम वर्षगाँठ विशेष : जो अहिंसा से युक्त हो वही धर्म है – भीष्म पितामाह 
Visual Archive

रिलिजन वर्ल्ड प्रथम वर्षगाँठ विशेष : जो अहिंसा से युक्त हो वही धर्म है – भीष्म पितामाह 

रिलिजन वर्ल्ड प्रथम वर्षगाँठ विशेष : जो अहिंसा से युक्त हो वही धर्म है- भीष्म पितामाह 

अपनी बात रखने से पहले एक महाभारत कालीन युधिष्ठिर और भीष्म पितामाह के बीच का संवाद बताना चाहती हूँ –

जब युधिष्ठिर ने भीष्म पितामह से पूछा धर्म क्या है तो उन्होंने उत्तर दिया था, जिससे अभ्युदय (लौकिक उन्नति) और नि:श्रेयस (पार लौकिक उन्नति-यानी मोक्ष) सिद्ध होते हों वही धर्म है. धर्म अधोगति में जाने से रोकता है और जीवन की रक्षा करता है. धर्म ने ही सारी प्रजा को धारण कर रखा है. इसलिए जिससे धारण और पोषण सिद्ध हों, वही धर्म है.

जो अहिंसा से युक्त हो वही धर्म है. भीष्म द्वारा धर्म के इस विश्लेषण का मंतव्य है कि जो संतुलन बनाए रखे, वही धर्म है. यह धर्म जब अशक्त हो जाता है तभी अन्याय, अनीति, दुष्कर्म बढ़ते हैं और सज्जन लोगों को कष्ट सहने पड़ते हैं.

इसी तरह वैज्ञानिक आइंस्टीन ने कहा था कि विज्ञान मनुष्य को अपरिमित शक्ति तो दे सकता है, पर वह उसकी बुद्धि को नियंत्रित करने की साम‌र्थ्य नहीं प्रदान कर सकता है. मनुष्य की बुद्धि को नियंत्रित करने और उसे सही दिशा में प्रयुक्त करने की शक्ति तो धर्म ही दे सकता है.

रिलिजन वर्ल्ड के साथ जब मैं जुडी तब धर्म मेरे लिये आस्था का विषय तो था लेकिन साथ ही कुछ नकारात्मक विचार भी थे जो विभिन्न संप्रदायों के मतभेद के कारण दिमाग में बैठ चुके थे. लेकिन पिछले एक साल में न सिर्फ धर्म के प्रति मेरी विचारधारा बदली बल्कि धर्म के सकारात्मक रूप दिखाई दिए.

रिलिजन वर्ल्ड ने आम आदमी का धर्म के प्रति सोचने का नजरिया बदला. रिलिजन वर्ल्ड 12 धर्मों की जानकारी देनी ऐसी एकमात्र वेबसाइट है जहाँ धर्म के प्रति अनसुलझे प्रश्नों का उत्तर ज़रूर मिलेगा.

व्यक्तिगत रूप से अगर मुझसे पुछा जाए तो मैंने रिलिजन वर्ल्ड से जुड़कर बहुत कुछ सीखा और अपने काम को एन्जॉय भी किया फिर चाहे वो योगा सीरीज हो या ध्यान की सीरीज़. धर्मगुरुओं से लिए साक्षात्कार में धर्म के प्रति उनके नए नज़रिए को देखने का मौका मिला. सभी धर्मगुरुओं ने सर्वधर्म समभाव की बात पर जोर दिया.

जब रोहिंग्या मुसलमानों का केस चल रहा था उस समय रिलिजन वर्ल्ड ने दिखाया कैसे खालसा पंथ ने शिविर लगाकर मदद की. इसके अलावा अपने पाठकों से कई चीज़ों से रूबरू भी कराया जैसे नवरात्रों में कैसे मुस्लिम हिन्दुओं की मदद करते हैं या रमजान के दौरान हिन्दू और सिख मस्जिद का निर्माण कराते हैं. या फिर कहाँ पर एक मुस्लिम माता का मंदिर है. सोचिये कहाँ नज़र आ रहा है आपको वैमनस्य.

रिलिजन वर्ल्ड जिस मकसद से शुरू किया गया था वेह उसके काफी करीब पहुँच चूका है इस एक साल में. और पाठकों का सहयोग रहा तो हम आगे भी आपको निराश नहीं करेंगे और धर्म की अलग ही तस्वीर आप सबके सामने पेश करेंगे .

श्वेता सिंह रिलिजन वर्ल्ड प्रथम वर्षगाँठ विशेष

श्वेता सिंह

shweta@religionworld.in

http://3.110.171.229/author/shweta/

===================================

मेरे द्वारा लिखी गयी स्टोरीज जिसे रिलिजन वर्ल्ड के पाठकों द्वारा सराहा गया…

क्या है आयुर्वेद, उसका इतिहास और चिकित्सा प्रणाली

वैद्य धन्वंतरि : आयुर्वेद और शल्य शास्त्र के जनक : धनतेरस पर खास

Interview: Why Yoga is your lifeline?

युगांतर से है यह “योग यात्रा” – योग का इतिहास

रमज़ान या रमादान, भाषा के संबोधन में अंतर क्यूँ ? Ramadan or Ramazan ?

वैट मे कैट नोई : दुनिया का इकलौता नर्क मंदिर

गुजरात के तारंगा हिल्स में खोदाई के दौरान मिला बौद्ध स्तूप

विभिन्न धर्मों से योग का क्या है संबंध…

जानिए अकबरी चर्च का इतिहास, यहां मनाया गया था शहर का पहला क्रिसमस

क्या रामानुजन के महान गणितज्ञ होने के पीछे था देवी नामागिरि का हाथ ?

एक धार्मिक ट्रस्ट की सराहनीय सेवा : 5 रुपये में भरपेट भोजन की थाली

बाबरी मस्जिद की गुम्बद पर मारी थी पहली कुदाल….फिर आखिर क्यों अपनाया इस्लाम धर्म?

बच्चों के लिए क्या है धर्म का अर्थ ?

यज्ञ: Delhi NCR में SMOG की समस्या के लिए समाधान या समस्या?

क्या है अल्लाहु अकबर (अज़ान) का अर्थ? क्या है अज़ान का इतिहास

क्यों बनारस में बने ग्यासर वस्त्र पहनते हैं हिमालय के बौद्ध

भारत की देसी गायें : पूरे देश की देसी गायों की जानकारी

यरूशलम क्यों है ईसाईयों, यहूदियों और मुसलमानों के लिए ख़ास

मैं अयोध्या हूँ …कोई मुझसे पूछे की मैं क्या चाहती हूँ…

RW

Editorial Review Note

Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

July 9, 2018 4 min read
Share:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *