धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भावना हो…

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धर्म की जय हो , अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भावना हो…

धर्म की जय हो , अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भावना हो… कुछ इसी विचार को लेकर रिलिजन वर्ल्ड ने आज से एक साल पहले अपनी वेबसाइट को शुरू किया था। 9 जुलाई 2017 को गुरु पूर्णिमा के दिन ईश्वर का आशीर्वाद लेकर और संतों की प्रेरणा लेकर इस वेबसाइट की शुरुआत की गई। हमारा विचार था कि हम सभी धर्मों की मूल भावना, मानवतावादी सोच उनकी सकारात्मक भूमिका और साथ-साथ सामाजिक विकास में धर्म की भूमिका को रेखांकित करें। 1 साल का सफ़र बहुत ही रोमांचक रहा।

धर्म की जय हो

 1 साल के सफ़र में बहुत सारे ऐसे पड़ाव रहे जब हमें इस बात पर गर्व रहा, कि हम सही दिशा में कार्य कर रहे है। इससे हम अपनी प्रेरणा को और मज़बूत कर पाए।रिलिजन वर्ल्ड एक ऐसी कोशिश है, जो धर्म को लेकर एक नई सोच का निर्माण करने को लेकर है, धर्म हमारे जीवन में हज़ारों सालों से मौजूद है, और इसकी मूल भूमिका हमारे जीवन में नैतिक मूल्यों का विकास करना और समाज को एक दिशा देना है।रिलिजन वर्ल्ड ने यह कोशिश की कि हम उन मूल धारणाओं, विश्वासों, आस्था, श्रद्धा और साथ-साथ धर्म की जो हमारे जीवन में बड़ी भूमिका है उसको पेश करे। 

धर्म की जय हो

 

धर्म की जय हो

रिलिजन वर्ल्ड के लिए एक साल के सफ़र में ख़बरों का चुनाव सबसे प्रमुख चुनौती रहा, क्योंकि अगर हम धर्म को एक गतिविधि के तौर पर देखें तो रोज़ाना लाखों करोड़ों गतिविधियां होती है। मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और साथ-साथ हमारे घरों में हर दिन हम भगवान की पूजा करते हैं, हर दिन घरों में नमाज़ पढ़ी जाती है और हर दिन लोग ईसा मसीह को याद करते हैं, और भी धर्मों के जितने अनुयायी हैं, चाहे वो बौद्ध धर्म के हो, जैन धर्म के हों, सिख धर्म के हों, यहूदी धर्म के हों, पारसी धर्म के हों – अपने अपने तरीक़े से धर्म को जीते हैं। धर्म की इन्हीं सीखों को लेकर हम जीवन में कुछ बड़ा, कुछ सकारात्मक और कुछ प्रभाव पैदा करना चाहते है। रिलिजन वर्ल्ड की कोशिश रही कि हमारी सारी ख़बरों में आपको इस बात की झलक मिले।

एक साल लंबा समय भी होता है, और किसी बहुत बड़े उद्देश्य के लिए कुछ भी नहीं होता है। लेकिन एक साल में हमें इस बात के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं कि हम सही दिशा में काम कर रहे हैं। जिस तरह 10 लाख से ज़्यादा लोगों ने हमारी वेबसाइट को विकसित किया, ख़बरों को पढ़ा, फ़ेसबुक पर लाखों लाइक, कमेंट शेयर हमें प्राप्त हुए, उससे ये लगता है कि शायद इसकी ज़रूरत थी और इसी वजह से इस प्लेटफ़ॉर्म का निर्माण हुआ।

हम आने वाले दिनों में, आने वाले महीनों में भी इसी तरह सतत काम करते रहेंगे और बहुत सारी नई चीज़ों के ज़रिए धर्म, अध्यात्म और उससे जुड़ें जितने भी आयाम और क्षेत्र हैं, उसमें नई नई चीज़ें को आपके सामने पेश करती रहेंगें।

आपका प्यार मिला, सहयोग मिला, हम इसके हृदय से आभारी। 

धर्म की जय हो , अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भावना हो…

रिलीजन वर्ल्ड

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