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राम मंदिर: सीतामढ़ी के पांच मंदिरों से भूमि पूजन के लिए भेजी गई मिट्टी

राम मंदिर: सीतामढ़ी के पांच मंदिरों से भूमि पूजन के लिए भेजी गई मिट्टी

राम मंदिर: सीतामढ़ी के पांच मंदिरों से भूमि पूजन के लिए भेजी गई मिट्टी
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राम मंदिर: सीतामढ़ी के पांच मंदिरों से भूमि पूजन के लिए भेजी गई मिट्टी

लखनऊ, 28 जून; 5 अगस्त को आयोजित होने वाले राम मंदिर भूमि पूजन के लिये कई देवस्थानों से मिटटी भेजी जा रही है.  राम मंदिर के लिए बद्रीनाथ धाम से मिट्टी और अलकनंदा का पवित्र जल निकल गया. वहीं, राम मंदिर के शिलान्यास के लिए मां जानकी की प्राकट्य स्थली सीतामढ़ी से भी मिट्टी भेजी गई है. सीतामढ़ी के जानकी मंदिर, पुणौरा धाम, हलेश्वर स्थान और पंथपाकर धाम बगही मठ से मिट्टी भेजी गई.



राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज को मिट्टी सौंपी जाएगी. जानकी जन्मोत्सव आयोजन समिति ने अयोध्या में शिलान्यास के दिन सीतामढ़ी में अपने-अपने घरों में महाआरती और दीप जलाने की अपील की है.

सीतामढ़ी में मां जानकी जन्मोत्सव आयोजन समिति की अगुवाई में मां जानकी की प्राकट्य स्थली के प्रमुख पांच मंदिरों से मिट्टी भूमि पूजन के लिए भेजी गई है. इसमें जानकी मंदिर, पुनौरा मंदिर, हलेस्वरस्थान मंदिर, पंथपाकड़ स्थित सीता मंदिर और बगही धाम का नाम शामिल है. मिट्टी इकट्ठा कर जानकी मंदिर में विधिवत पूजा कर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष महंत श्री नृत्यगोपाल दास जी महाराज और महासचिव चंपत राय जी को सौंपी जाएगी.

श्रीराम जन्मभूमि के आंदोलन में सीतामढ़ी से ही शिला पूजन की शुरुआत हुई थी और आंदोलन में कई शहरवासी कार सेवा में 1990 और 1992 में अयोध्या गए थे. आंदोलन के दौरान ही कई लोग जेल भी गए थे. राम जन्मभूमि का संघर्ष का कई सौ साल का इतिहास रहा है. हजारों लोगों ने अपनी आहूति दी थी.

यह भी पढ़ें-अयोध्याः राममंदिर की नींव में 200 फीट नीचे टाइम कैप्सूल डाले जाने की क्या है वजह

सीतामढ़ी में 5 अगस्त को होगा महा-उत्सव

सीतामढ़ी में 5 अगस्त को महा-उत्सव होगा. जानकी मंदिर में विधिवत पूजा कर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या भेजा गया है. जानकी जन्मोत्सव आयोजन समिति ने सीतामढ़ी के समस्त नागरिकों से आग्रह किया है. राम जन्मभूमि पूजन के समय सीतामढ़ी का प्रत्येक परिवार अपने पूजा घर में पूजा आरती कर उत्सव मनाएगा.

साथ ही सभी उस ऐतिहासिक दिन दीपोत्सव मनाएंगे. कोरोना वैश्विक महामारी के कारण सामूहिक कार्यक्रम नहीं होगा और सभी अपने घरों से इस एतिहासिक दिन को यादगार बनाने में भगवान राम के ससुराल पक्ष के उत्साह में कोई कमी नहीं रहेगी.

उज्जैन से भी गयी है मिट्टी

राम मंदिर: सीतामढ़ी के पांच मंदिरों से भूमि पूजन के लिए भेजी गई मिट्टीमध्य प्रदेश के उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से राम मंदिर निर्माण के शिलान्यास के लिए महाकाल वन की मिट्टी, शिप्रा नदी का जल और भस्म अयोध्या भेज दिया गया है. राम मंदिर के शिलान्यास में महाकाल वन की माटी, शिप्रा जल और भस्म का उपयोग किया जाएगा.



भगवान महाकाल को भगवान का आराध्या माना जाता है. बाबा महाकाल ने अपने आराध्य को प्रिय भस्म सौंपी है. उज्जैन के पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े से सभी सामग्री विश्व हिन्दू परिषद के मंत्री को सौंपी गई. भस्म लेकर विश्व हिन्दू परिषद के सभी कार्यकर्ता अयोध्या रवाना हुए.

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July 28, 2020 3 min read
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