अयोध्या, 7 मार्च; अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए विश्व हिंदू परिषद द्वारा 25 जनवरी को शुरू किया गया निधि समर्पण अभियान 27 फरवरी को पूरा हो गया. हालांकि, धन एकत्रित करने की प्रक्रिया अभी भी जारी है. विहिप के केंद्रीय उपाध्यक्ष और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने शनिवार को दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान जानकारी दी.
2500 करोड़ की राशि जुटाई
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि चार मार्च तक के आंकड़ों के अनुमान से अब तक 2500 करोड़ की धनराशि जुटाई जा चुकी है. दानकर्ताओं के द्वारा लगातार चंदा भेजा जा रहा है और लोग ऑनलाइन भी अपना योगदान दे सकते हैं. चंपत राय ने कहा कि इस अभियान के माध्यम से विश्व हिंदू परिषद ने चार लाख गांव तक पहुंचने के अपने लक्ष्य को सफलता पूर्वक प्राप्त कर लिया है. हालांकि, अभी और परिवारों के आंकड़े आने शेष हैं. लेकिन अनुमानतः 10 करोड़ परिवारों से इस अभियान के दौरान संपर्क किया गया.
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निधि समर्पण अभियान में 9 लाख कार्यकर्ताओं ने लिया हिस्सा
विश्व हिंदू परिषद के लगभग 9 लाख कार्यकर्ताओं ने 1 लाख 75 हजार टोलियों में खुद को बांटकर, घर-घर जाकर संपर्क किया. कुल 38125 कार्यकर्ताओं के माध्यम से समर्पण निधि को बैंकों में जमा कराया गया है. उन्होंने आगे कहा कि इस अभियान की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जहां देशभर में 49 नियंत्रण केंद्र बनाए गए. वहीं दिल्ली स्थित मुख्य केंद्र में दो चार्टर्ड एकाउंटेंट्स के नेतृत्व में अकाउंट की निगरानी के लिए 23 योग्य कार्यकर्ताओं ने पूरे भारत में लगातार संपर्क बनाए रखा.
मोबाइल एप बना
हैदराबाद की धनुषा इन्फोटेक कंपनी ने एक एप बनाया जिसने कार्यकर्ताओं, बैंक और न्यास के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में काम किया. चंपत राय ने कहा कि हालांकि, अंतिम आंकड़े आने अभी शेष हैं, फिर भी चार मार्च तक की प्राप्ति ओके आधार पर कहा जा सकता है. इस समर्पण की कुल राशि 2500 करोड़ को भी पार करेगी. इसी महीने देश के हर जिले में निधि समर्पण अभियान कि ऑडिट भी पूरी हो जाएगी. राम मंदिर निर्माण के लिए धनराशि एकत्रित करने में लगभग सभी राज्यों से योगदान मिला है.
निधि समर्पण अभियान में सभी राज्यों से मिला दान
पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश से 4.5 करोड़, मणिपुर से दो करोड़, मिजोरम से 21 लाख, नागालैंड से 28 लाख और मेघालय से 85 लाख रुपये की राशि एकत्रित की गई. वहीं दक्षिण के राज्यों में से तमिलनाडु से 85 करोड़ और केरल से 13 करोड़ की राशि जमा की जा चुकी है. अयोध्या में राम जन्मभूमि पर चल रहे कार्य की स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए चंपत राय ने कहा कि नींव की खुदाई और मलबा हटाने का कार्य लगभग 60% तक पूरा हो चुका है और उम्मीद है कि नींव की भराई का काम भी अप्रैल महीने में शुरू हो जाएगा.
मुस्लिम समाज का योगदान
मंदिर निर्माण को पूरा करने का लक्ष्य तीन साल में रखा गया है. उम्मीद है कि इस समय सीमा के भीतर ही निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा. चंपत राय ने जानकारी दी कि राम मंदिर के लिए धनराशि एकत्रित करने के अभियान में मुस्लिम समाज का भी योगदान बढ़-चढ़कर रहा है. हजारों की संख्या में मुसलमानों ने भी राम मंदिर के लिए अपना सहयोग दिया है.
निधि समर्पण अभियान का विवरण किया जाएगा सार्वजनिक
पूरे अभियान के सटीक आंकड़े एकत्रित करने में अभी कुछ और समय लगेगा लेकिन जल्द ही पूरी पारदर्शिता के साथ कुल एकत्रित राशि और दान कर्ताओं का विवरण भी सार्वजनिक किया जाएगा.
राम मंदिर के निर्माण में कितना धन खर्च होगा इसका सटीक अनुमान अब तक नहीं लगाया जा सका है. जितना सोचा गया उससे लगभग डेढ़ गुना ज्यादा खर्च होने का अनुमान है. बतौर चंपत राय उन्होंने और ट्रस्ट के बाकि सदस्यों ने सोचा था कि 400 करोड़ में मंदिर निर्माण हो जाएगा लेकिन अब इसका खर्च ज्यादा होने का अनुमान है.
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