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वाराणसी से उज्जैन तक मंदिरों में भक्त नियमों के साथ कर रहे पूजा

सावन महीने में भगवान शिव की पूजा होती है और इस दौरान सोमवार के दिन का महत्व सबसे ज्यादा होता है क्योंकि यह दिन भगवान भोले नाथ का माना जाता है. इस दिन भोले शंकर की विशेष पूजा की जाती है.



इस बार सावन महीने की खास बात ये है कि इसकी शुरुआत और अंत दोनों ही दिन सोमवार है. इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ गया है.

वाराणसी से उज्जैन तक मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लाइन लगी हुई है.

सावन के महीने में श्रीकाशी विश्वनाथ में हर वर्ष भक्तों की भारी भीड़ लगती है. लेकिन इस वर्ष कोरोना के मद्दे नजर यहां कुछ नियम बनाए गए हैं. यहां सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क की अनिवार्यता के साथ मंदिर में एक बार में केवल पांच श्रद्धालु ही प्रवेश कर सकते हैं. पूरे महीने मंदिर को सैनिटाइज करने का काम चलता रहेगा. सोमवार के दिन सिर्फ 10-30 हजार श्रद्धालुओं के ही दर्शन करने का मौका मिल सकेगा.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में भगवान शिव की पूजा की. मुख्यमंत्री योगी तड़के गोरखपुर स्थित मानसरोवर मंदिर पहुंचे और भोलेनाथ का दुग्धाभिषेक किया. इस मौके पर योगी आदित्यनाथ मास्क पहने नजर आए.

सावन के पहले सोमवार पर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में महादेव की भस्म आरती की गई।

सावन के पहले सोमवार पर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में महादेव की भस्म आरती की गई।

 

दिल्ली में भी मंदिरों में भोले शंकर के भक्तों की भीड़ देखी गई.

यहां चांदनी चौक स्थित गौरी शंकर  मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की.

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Post By Shweta