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भारत व इंडोनेशिया अगले साल नैनीताल में मनाएंगे टैगोर जयंती

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भारत व इंडोनेशिया अगले साल नैनीताल में मनाएंगे टैगोर जयंती

भारत व इंडोनेशिया अगले साल नैनीताल में मनाएंगे टैगोर जयंती

देहरादून, 19 सितम्बर; भारत और इंडोनेशिया अगले वर्ष गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती उत्तराखंड के रामगढ़ (नैनीताल) में मनाएंगे. टैगोर ने अपने महान ग्रंथ गीतांजलि की रचना रामगढ़ में ही की थी. गुरुदेव की इंडोनेशिया यात्रा की 90 वीं वर्षगांठ पर इंडोनेशिया में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में दोनों देशों के बीच यह सहमति बनी. भारत की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर भारतीय संस्कृति और चिंतन पर व्याख्यान दिया. इस मौके पर उन्हें साहित्य सृजन, स्पर्श गंगा अभियान और हिमालय संरक्षण कार्यों के लिए सम्मानित भी किया गया.

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इंडोनेशिया से लौटने पर देहरादून में पत्रकारों से बातचीत में निशंक ने अपनी यात्रा के अनुभव साझा किए. उन्होंने बताया कि इंडोनेशिया ने इस बात पर सहमति दे दी है कि अगले वर्ष टैगोर जयंती पर रामगढ़ में भव्य आयोजन होगा, जो विश्वभर के लिए प्रेरणास्पद होगा. उन्होंने कहा कि भारत व इंडोनेशिया की संस्कृति पूरे विश्व को जीवन की राह दिखाती है. इंडोनेशिया का सर्वधर्म समभाव एक आदर्श है. इस देश में 90 फीसद मुस्लिम आबादी होने के बावजूद वह भारतीय संस्कृति की अनुयायी है. वहां इस्लाम धर्म है तो हदू संस्कृति भी. उसकी विमान सेवा गरुड़ है तो मुद्रा में गणेशजी समेत अन्य देवी-देवताओं के चित्र हैं. विश्वविद्यालयों में ब्रह्माजी की मूर्तियां स्थापित हैं. इंडोनेशिया की रामायण और रामलीला की प्रस्तुतियां विश्वभर में विख्यात हैं.

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उन्होंने बताया कि इंडोनेशिया के गज्जा माडा विवि के शीर्ष अधिकारियों से बातचीत में उनकी पुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल करने पर भी सहमति बनी. सेमिनार के दौरान निशंक के लघु कहानी संग्रह का विमोचन भी हुआ.

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September 19, 2017 2 min read
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