दिल्ली सरकार ने परिवारों के लिए रविवार से शुरू किया Happiness Class
- रविवार शाम 4:00 बजे से लाइव सत्र के माध्यम से फेसबुक और यूट्यूब पर हैप्पीनेस क्लासेज का आयोजन होगा
- यह समय है जब फुल माइंड से माइंडफुल की ओर चला जाए’- मनीष सिसोदिया
- उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने लांच किया ‘हैप्पीनेस ब्लॉग’, जिसमें लोगों की सहायता के लिए होगी ढेर सारी पाठ्य सामग्री।
नई दिल्ली :18-4-2020 – कोरोना संकट के समय में अभिभावकों के लिए ‘पैरेंटिग इन द टाइम ऑफ कोरोना’ के तीसरे सत्र को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री और दिल्ली के शिक्षा मंत्री श्री मनीष सिसोदिया ने लोगों के घर पर हैप्पीनेस क्लासेज को संचालित करने के बारे में बातचीत की। उन्होंने इसमें पैरेंट्स को शामिल किए जाने और लॉकडाउन के समय में परिवारों को खुश रखने के अवसर के बारे में भी अपनी राय रखी।

लाइव सेशन का मुख्य बिंदु “परिवार के लिए हैप्पीनेस क्लास” था। इसलिए शिक्षा मंत्री ने यह घोषणा की कि दिल्ली सरकार का शिक्षा विभाग रोजाना शाम 4:00 बजे से हैप्पीनेस क्लासेज आयोजित करने जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हम कठिन परिस्थिति से गुजर रहे हैं और वर्तमान परिस्थितियां ऐसी हैं जिसका सामना आज के समय में अभिभावकों एवं उनके भी माता-पिता ने कभी नहीं किया है। ऐसे में हमारा लक्ष्य है कि हम इस कठिन समय में किसी भी तरह अपनी चिंताओं और गुस्से को किनारे रखते हुए आगे बढ़ें। इसलिए दिल्ली सरकार का शिक्षा विभाग रोजाना शाम 4:00 बजे से लाइव सत्र के माध्यम से सोशल मीडिया, फेसबुक और यूट्यूब पर हैप्पीनेस क्लासेज शुरू करने जा रहा है। यह क्लासेज किसी एक वर्ग विशेष के लिए सीमित नहीं है और इसमें हर कोई शामिल हो सकता है। हमारे सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की हैप्पीनेस क्लास संचालित करवा रहे हैं। वह अब ऑनलाइन हैप्पीनेस क्लासेज संचालित करेंगे।
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में संचालित की जाने वाली हैप्पीनेस क्लास है, जो बच्चों में ध्यान लगाने की क्षमता और खुशियों के स्तर को बढ़ाने के लिए जानी जाती हैं। इसलिए दिल्ली सरकार का यह प्रयास है कि यह कक्षाएं ऑनलाइन चलें और पूरे परिवार को एक साथ इस कठिन परिस्थिति से निकलने में सहयोग करें।
इस कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आगे कहा “इस समय में यह आवश्यकता है कि हम परिवार को एक साथ ले आएं और एकजुट होकर परिस्थितियों का मुकाबला करें। ऐसे में माइंडफुलनेस एक ऐसी गतिविधि हो सकती है, जो हमें एक दूसरे के प्रति उभर रही खीझ से बाहर निकाल सकती है। मेरी बच्चों और उनके अभिभावकों से विनती है कि जब आप अपने घर पर हैप्पीनेस क्लास से सीखेंगे और इसका अभ्यास करेंगे तो इसके लिए फोटो भी खींचे, और उन्हें हमें भेजें। यह हमें एक तरह से उत्साहवर्धन करेगा और हमारे शिक्षा विभाग में आत्मविश्वास बढ़ाने वाला कदम साबित होगा। ऑनलाइन क्लास लेने में अधिक उत्साह का अनुभव करेंगे।

इस अवसर पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने हैप्पीनेस ब्लॉग की भी शुरुआत की। जिसमें बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों के लिए विभिन्न प्रकार के रेफरेंस मैटेरियल भी प्रोवाइड किए गए हैं। इस ब्लॉग का लिंक (https://happinessdelhi.blogspot.com/) है।
इस कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए अविनाश ने बताया की माइन्डफुलनेस को घर पर करवाने के पीछे का लक्ष्य यह है कि लोगों में आत्म चिंतन और अपने विचारों के प्रति जागरूकता उत्पन्न की जाए। वे अपने गुस्से को रोकने में सफल हों और इसका मतलब बिल्कुल यह नहीं है कि किसी की भावनाओं को दबाया जाए।
शैलेंद्र शर्मा ने एक अभिभावकों की ओर से पूछा कि “वे माइंडफुलनेस और प्राणायाम के बीच का क्या अंतर समझ सकते हैं? और कैसे किसी को हैप्पीनेस पढ़ाई जा सकती है? जबकि यह तो एक भावना होती है।”

इस प्रश्न का उत्तर देते हुए उपमुख्यमंत्री श्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि – “माइंडफूलनेस एक तकनीक है जोकि मेडिटेशन का ही हिस्सा है। यह पूरे संसार द्वारा प्राणायाम के तौर पर स्वीकार की गई एक गतिविधि है। इस पद्धति को पूरे संसार में स्वीकार किया गया है इस तरह की गतिविधि को संचालित करने के पीछे हमारे मन में उत्पन्न हो रहे संवेगों, विचारों और पूरे संसार में जो कुछ भी हो रहा है उसके प्रति सचेत करना है। हम प्रतिदिन विभिन्न तरह की गतिविधियों की ओर आकर्षित हो जाते हैं लेकिन माइन्डफुलनेस के जरिए हम अपने आपको स्वयं की चेतना में वापस ले जा पाएंगे। यह एक तरह से फुल माइंड को माइंडफुल बनाने की प्रक्रिया है।”
“यह सत्य है कि हैप्पीनेस को किसी को सिखाया नहीं जा सकता, लेकिन हमारी मानसिक स्थिति को खुश और सकारात्मक रहने के लिए प्रेरित जरूर किया जा सकता है।”
यह पूरी क्लास किस तरह आयोजित की जाएगी इसके बारे में श्री अविनाश ने एक विशेष प्रकार का डेमो भी दिया। आज इसकी शुरुआत होने के बाद अब रोजाना शाम 4:00 बजे यह क्लास आयोजित की जाएगी और ऐसी उम्मीद की जाती है कि पूरा परिवार एक साथ बैठकर इन गतिविधियों में शामिल होगा।
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
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