क्या आपने धर्म के अनुसार नया साल शुरू किया?

क्या आपने धर्म के अनुसार नया साल शुरू किया?

क्या आपने धर्म के अनुसार नया साल शुरू किया? नया साल आते ही चारों ओर उत्सव का माहौल बन जाता है। लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएँ देते हैं, नए लक्ष्य तय करते हैं और पुराने दुखों को पीछे छोड़ने की बातें करते हैं। लेकिन एक गहरा सवाल अक्सर अनकहा रह जाता है—क्या हमने नया साल धर्म के अनुसार शुरू किया, या केवल कैलेंडर की तारीख बदली? भारतीय परंपरा में नया साल केवल बाहरी बदलाव नहीं, बल्कि […]

 December 26, 2025
धर्म, अहिंसा और भारत: क्या आज भी वही रास्ता काम करता है?

धर्म, अहिंसा और भारत: क्या आज भी वही रास्ता काम करता है?

धर्म, अहिंसा और भारत: क्या आज भी वही रास्ता काम करता है? भारत को विश्व में एक ऐसे देश के रूप में जाना जाता है, जहाँ धर्म केवल पूजा-पद्धति नहीं बल्कि जीवन जीने का तरीका है। भारतीय संस्कृति की जड़ों में अहिंसा, सहिष्णुता और करुणा गहराई से समाई हुई हैं। जैन धर्म की अहिंसा, बौद्ध धर्म का करुणा मार्ग, हिंदू दर्शन का “अहिंसा परमो धर्मः” और सिख धर्म की सेवा भावना—ये सभी भारत की पहचान […]

 December 26, 2025
धर्म और शांति: आज के हालात हमें क्या सिखाते हैं?

धर्म और शांति: आज के हालात हमें क्या सिखाते हैं?

धर्म और शांति: आज के हालात हमें क्या सिखाते हैं? आज की दुनिया तेज़ी से बदल रही है, लेकिन इसके साथ-साथ अशांति, तनाव और अविश्वास भी बढ़ता जा रहा है। युद्ध, हिंसा, सामाजिक विभाजन और धार्मिक टकराव की खबरें हमें बार-बार यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि आखिर धर्म, जिसका उद्देश्य शांति था, आज शांति का आधार क्यों नहीं बन पा रहा? शायद यह समय धर्म को दोष देने का नहीं, बल्कि धर्म से […]

 December 24, 2025
धर्म और सेवा: क्यों हर धर्म मानवता पर ज़ोर देता है?

धर्म और सेवा: क्यों हर धर्म मानवता पर ज़ोर देता है?

धर्म और सेवा: क्यों हर धर्म मानवता पर ज़ोर देता है? धर्म का मूल उद्देश्य केवल ईश्वर तक पहुँचना नहीं, बल्कि इंसान तक पहुँचना भी है। दुनिया के लगभग सभी धर्मों में सेवा को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। चाहे वह भूखे को भोजन कराना हो, पीड़ित को सहारा देना हो या कमजोर के साथ खड़ा होना—हर धर्म किसी न किसी रूप में मानव सेवा को ईश्वर सेवा के बराबर मानता है। सवाल यह है […]

 December 24, 2025
धर्म या दिखावा? धार्मिकता की असली पहचान क्या है?

धर्म या दिखावा? धार्मिकता की असली पहचान क्या है?

धर्म या दिखावा? धार्मिकता की असली पहचान क्या है? आज के समय में धर्म पहले से कहीं ज़्यादा दिखाई देता है। पूजा-पाठ, प्रतीक, वेश-भूषा, नारे और सोशल मीडिया पर धार्मिक अभिव्यक्तियाँ हर जगह हैं। लेकिन इसी के साथ एक गंभीर प्रश्न भी उठता है—क्या यह सब धार्मिकता है, या केवल धर्म का दिखावा? धार्मिक होना और धार्मिक दिखाई देना—इन दोनों के बीच का अंतर समझना आज पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरी हो गया है। धार्मिकता […]

 December 24, 2025
हर धर्म शांति सिखाता है, फिर टकराव क्यों?

हर धर्म शांति सिखाता है, फिर टकराव क्यों?

हर धर्म शांति सिखाता है, फिर टकराव क्यों? दुनिया का कोई भी धर्म खोलकर देखिए, उसकी मूल शिक्षा में शांति, प्रेम, करुणा और सह-अस्तित्व ही मिलेगा। फिर भी इतिहास से लेकर वर्तमान तक, हम बार-बार धर्म के नाम पर टकराव, हिंसा और विभाजन देखते हैं। यह प्रश्न इसलिए महत्वपूर्ण है कि समस्या धर्म में है या हमारी धर्म को समझने की प्रक्रिया में? धर्म का मूल संदेश: एक समान आधार हिंदू धर्म “वसुधैव कुटुम्बकम्” की […]

 December 23, 2025
आज के युग में फैसले गुरु लेते हैं… या तालियाँ?

आज के युग में फैसले गुरु लेते हैं… या तालियाँ?

आज के युग में फैसले गुरु लेते हैं… या तालियाँ? आज का युग सूचना का युग है, लेकिन साथ ही यह प्रदर्शन और तालियों का युग भी बन चुका है। कभी समाज की दिशा गुरु, संत, शिक्षक और विचारक तय करते थे। उनके शब्द अनुभव, तप और विवेक से जन्म लेते थे। पर आज सवाल उठता है — क्या फैसले अब भी गुरु लेते हैं, या फिर तालियों की गूंज ही सत्य और दिशा तय […]

 December 23, 2025
मंदिर, मस्जिद और चर्च से पहले मन का द्वार क्यों ज़रूरी है?

मंदिर, मस्जिद और चर्च से पहले मन का द्वार क्यों ज़रूरी है?

मंदिर, मस्जिद और चर्च से पहले मन का द्वार क्यों ज़रूरी है? धर्म के मार्ग पर चलते हुए मनुष्य अक्सर मंदिर, मस्जिद और चर्च के द्वार तक तो पहुँच जाता है, लेकिन क्या वह अपने मन के द्वार तक भी पहुँच पाता है? यह प्रश्न आज के समय में और भी अधिक प्रासंगिक हो गया है, जब धार्मिक पहचान तो प्रबल है, पर करुणा, शांति और आत्मचिंतन की कमी दिखाई देती है। सच्चा धर्म केवल […]

 December 23, 2025
In Which Countries Is Christmas Celebrated, Including India?

In Which Countries Is Christmas Celebrated, Including India?

In Which Countries Is Christmas Celebrated, Including India? Christmas is one of the most widely celebrated festivals in the world. Observed every year on December 25, it commemorates the birth of Jesus Christ, a central figure in Christianity. While Christmas has religious roots, its message of love, peace, and goodwill has made it a global celebration embraced by people of many cultures and faiths. From India to Europe, the Americas to Africa, Christmas is celebrated […]

 December 22, 2025
Why Is Christmas Celebrated? Its Religious and Spiritual Significance

Why Is Christmas Celebrated? Its Religious and Spiritual Significance

Why Is Christmas Celebrated? Its Religious and Spiritual Significance Christmas is celebrated every year on December 25 to commemorate the birth of Jesus Christ, one of the most influential spiritual figures in human history. For Christians, Christmas marks the arrival of the Son of God, sent to guide humanity toward love, faith, and salvation. Over time, Christmas has grown beyond a single religious observance and has become a global celebration of hope, compassion, and peace. […]

 December 22, 2025
Is Mental Peace Possible Without Medication? What Does Meditation Say?

Is Mental Peace Possible Without Medication? What Does Meditation Say?

Is Mental Peace Possible Without Medication? What Does Meditation Say? In today’s fast-paced and stressful world, mental health challenges such as anxiety, restlessness, and emotional exhaustion have become increasingly common. Many people immediately turn to medication in search of relief. But an important question arises: Is mental peace possible without medication? Ancient wisdom and modern research both point toward meditation as a powerful, natural path to inner calm. This article explores what meditation says about […]

 December 20, 2025
प्राचीन ऋषियों का ध्यान आज भी उतना प्रभावी क्यों है?

प्राचीन ऋषियों का ध्यान आज भी उतना प्रभावी क्यों है?

प्राचीन ऋषियों का ध्यान आज भी उतना प्रभावी क्यों है? आज की तेज़ रफ्तार, तनावपूर्ण और तकनीक-प्रधान जीवनशैली में लोग शांति, संतुलन और मानसिक स्थिरता की तलाश में हैं। इसी खोज में जब आधुनिक विज्ञान और मनोविज्ञान भी सीमित उत्तर देता है, तब मानव जाति फिर से प्राचीन भारतीय ऋषियों के ध्यान-मार्ग की ओर लौटती दिखाई देती है। प्रश्न यह है कि हज़ारों वर्ष पहले विकसित किया गया ऋषियों का ध्यान आज भी उतना ही […]

 December 20, 2025
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