Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality.
त्योहार भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं। ये केवल धार्मिक अनुष्ठान या सामाजिक उत्सव नहीं हैं, बल्कि परिवार, समुदाय और समाज को जोड़ने का माध्यम भी हैं। लेकिन…
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Jan 23, 2026•4 min read
Has the Nature of Festivals Changed Over Time
Festivals have always been an integral part of human civilization, serving as occasions for joy, devotion, and social bonding. In India, festivals hold a special place in the…
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Jan 23, 2026•3 min read
धार्मिक त्योहार समाज को कैसे जोड़ते हैं?
धार्मिक त्योहार केवल उत्सव और पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते। वे समाज के भीतर एकता, सहयोग और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का माध्यम भी हैं। भारत जैसी…
Hinduism
Jan 22, 2026•4 min read
बसंत पंचमी कब और कैसे मनाई जाती है?
बसंत पंचमी क्या है? जानिए इसका धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व बसंत पंचमी हिंदू धर्म का एक पावन पर्व है, जो ज्ञान, विद्या और ऋतु परिवर्तन से जुड़ा…
Hinduism
Jan 22, 2026•4 min read
बसंत पंचमी क्यों मनाई जाती है?
बसंत पंचमी भारत की सांस्कृतिक परंपराएँ केवल त्योहारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे जीवन को समझने और संतुलित ढंग से जीने की सीख देती हैं। बसंत पंचमी…
Hinduism
Jan 22, 2026•3 min read
क्या आज भी संत समाज को दिशा देते हैं?
भारत में संत परंपरा सदियों से समाज का मार्गदर्शन करती रही है। संत केवल आध्यात्मिक शिक्षक नहीं होते, बल्कि समाज सुधारक, नैतिक मार्गदर्शक और मानवता के प्रचारक भी…
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Jan 22, 2026•4 min read
What Is the Relationship Between Saints and Society?
Saints have played a significant role in shaping human society throughout history. In India, in particular, the connection between saints and society is deep and multifaceted. Saints are…
Hinduism
Jan 22, 2026•3 min read
संत परंपरा भारत में कैसे विकसित हुई?
भारत की संस्कृति और आध्यात्मिक जीवन में संत परंपरा का विशेष स्थान है। यह परंपरा केवल धार्मिक साधना तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज सुधार, नैतिक शिक्षा और…
Hinduism
Jan 21, 2026•3 min read
क्या विविधता भारत की ताकत है?
भारत को अक्सर “एकता में विविधता” वाला देश कहा जाता है। यहाँ विभिन्न भाषाएँ, धर्म, संस्कृतियाँ, जातियाँ और परंपराएँ coexist करती हैं। यह भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता ही…
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Jan 21, 2026•3 min read
What Is the Role of Religion in Indian Culture?
Religion has been an integral part of Indian culture for thousands of years. It is not merely a set of rituals or beliefs but a framework that shapes…
Hinduism
Jan 21, 2026•3 min read
भारत को आध्यात्मिक देश क्यों कहा जाता है?
भारत को विश्वभर में केवल एक भौगोलिक राष्ट्र के रूप में नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक चेतना की भूमि के रूप में पहचाना जाता है। यहाँ की संस्कृति, परंपराएँ…
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Jan 20, 2026•3 min read
धर्मग्रंथों की गलत व्याख्या कैसे होती है?
धर्मग्रंथ मानव सभ्यता की आध्यात्मिक, नैतिक और सांस्कृतिक धरोहर हैं। वे जीवन को दिशा देने, सही-गलत का बोध कराने और आत्मिक उन्नति का मार्ग दिखाने के लिए रचे…
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Jan 20, 2026•3 min read
Can Religious Scriptures Be Changed Over Time?
Religious scriptures have shaped human beliefs, morals, and civilizations for thousands of years. They are often regarded as sacred, divine, and unchangeable. Yet in a rapidly evolving world,…
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Jan 20, 2026•3 min read
धार्मिक ग्रंथों को समझना कठिन क्यों है?
धार्मिक ग्रंथ मानव सभ्यता की सबसे प्राचीन और गहन रचनाओं में गिने जाते हैं। वे केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जीवन, नैतिकता, दर्शन और समाज के…
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Jan 19, 2026•3 min read
क्या प्रतीक ध्यान को मजबूत करते हैं?
ध्यान आत्मचिंतन और मानसिक एकाग्रता की एक प्राचीन साधना है। सदियों से विभिन्न आध्यात्मिक परंपराओं में ध्यान को मन की शुद्धि और आत्मबोध का माध्यम माना गया है।…