RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

तिरुमला मंदिर में दान का नया रिकॉर्ड: सिर्फ 10 घंटे में TTD को मिले 96.98 करोड़ रुपये, भक्तों की आस्था ने रचा इतिहास

तिरुमला मंदिर में दान का नया रिकॉर्ड: सिर्फ 10 घंटे में TTD को मिले 96.98 करोड़ रुपये, भक्तों की आस्था ने रचा इतिहास

तिरुमला मंदिर में दान का नया रिकॉर्ड: सिर्फ 10 घंटे में TTD को मिले 96.98 करोड़ रुपये, भक्तों की आस्था ने रचा इतिहास
Visual Archive

तिरुमला मंदिर में दान का नया रिकॉर्ड: सिर्फ 10 घंटे में TTD को मिले 96.98 करोड़ रुपये, भक्तों की आस्था ने रचा इतिहास

क्यों उमड़ा 10 घंटे में इतना दान? वजह है TTD की नई डोनर पॉलिसी

इस रिकॉर्ड दान के पीछे एक विशेष कारण था। TTD बोर्ड ने सामान्य श्रद्धालुओं के दर्शन समय को बेहतर बनाने के उद्देश्य से एक नई डोनर पॉलिसी लागू करने का निर्णय लिया था। पुरानी डोनर पॉलिसी के अंतर्गत दान करने की अंतिम समय-सीमा 14 जुलाई 2026 को समाप्त हो रही थी।

पुरानी नीति के तहत मिलने वाली सुविधाओं (विशेष दर्शन एवं अन्य विशेषाधिकार) का लाभ लेने के लिए दानदाताओं ने अंतिम दिन बड़ी संख्या में ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से योगदान दिया। इसी कारण मात्र 10 घंटे की अवधि में दान राशि 96.98 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो तिरुमला मंदिर (Tirumala Tirupati Devasthanams) के इतिहास में एक दिन की सबसे बड़ी दान राशि मानी जा रही है।

कैसे बना यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड? (तिरुमला मंदिर दान रिकॉर्ड)

TTD के अनुसार, रिकॉर्ड अवधि के दौरान 2,460 से अधिक श्रद्धालुओं ने विभिन्न ट्रस्टों और धार्मिक योजनाओं में योगदान दिया। बड़ी संख्या में भक्तों ने निर्धारित समय सीमा से पहले ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से दान किया, जिसके चलते महज 10 घंटे में कुल दान राशि 96.98 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

TTD का धार्मिक और सामाजिक योगदान

तिरुमला तिरुपति देवस्थानम केवल मंदिर प्रबंधन तक सीमित नहीं है। संस्था द्वारा प्राप्त दान का उपयोग कई धार्मिक और सामाजिक कार्यों में किया जाता है, जिनमें शामिल हैं—

  • अन्नदान (निःशुल्क भोजन सेवा)
  • वेद और धार्मिक शिक्षा का संरक्षण
  • अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन
  • गोशालाओं का रखरखाव
  • शिक्षा और छात्रवृत्ति योजनाएं
  • मंदिरों का संरक्षण एवं विकास

TTD देश के सबसे बड़े धार्मिक ट्रस्टों में से एक है और करोड़ों श्रद्धालुओं को विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराता है।

क्यों करते हैं भक्त दान?

भगवान श्री वेंकटेश्वर को कलियुग का प्रत्यक्ष देवता माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक किया गया दान पुण्य प्रदान करता है और समाज सेवा का माध्यम बनता है। कई श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर भी मंदिर में दान अर्पित करते हैं। हालांकि, दान करना पूरी तरह व्यक्तिगत श्रद्धा और इच्छा का विषय है। तिरुमला मंदिर दान रिकॉर्ड

दुनिया के सबसे समृद्ध मंदिरों में शामिल

तिरुमला का श्री वेंकटेश्वर मंदिर दुनिया के सबसे अधिक दर्शन किए जाने वाले और सबसे समृद्ध धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं और ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से भी बड़ी संख्या में दान करते हैं।

आधुनिक तकनीक से बढ़ी सुविधा

TTD ने हाल के वर्षों में ऑनलाइन दान, दर्शन टिकट बुकिंग, आवास आरक्षण और अन्य सेवाओं को डिजिटल बनाया है। इसके कारण देश-विदेश में रहने वाले श्रद्धालु भी आसानी से मंदिर की विभिन्न सेवाओं और ट्रस्टों में योगदान दे पा रहे हैं।

श्रद्धा और सेवा का अद्भुत उदाहरण

96.98 करोड़ रुपये का यह रिकॉर्ड केवल आर्थिक उपलब्धि नहीं, बल्कि भगवान वेंकटेश्वर के प्रति करोड़ों श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और विश्वास का प्रतीक भी माना जा रहा है। संस्था का कहना है कि प्राप्त दान का उपयोग धार्मिक, सामाजिक और जनकल्याणकारी गतिविधियों के विस्तार में किया जाएगा।

तिरुमला मंदिर

निष्कर्ष

तिरुमला तिरुपति देवस्थानम द्वारा मात्र 10 घंटे में प्राप्त 96.98 करोड़ रुपये का दान भारतीय धार्मिक आस्था का एक ऐतिहासिक उदाहरण बन गया है। यह घटना दर्शाती है कि आधुनिक समय में भी भगवान श्री वेंकटेश्वर के प्रति श्रद्धालुओं का विश्वास और समर्पण पहले की तरह अटूट बना हुआ है।

तिरुमला दान रिकॉर्ड से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

TTD को 10 घंटे में कितना दान मिला और कब?

तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को सोमवार, 14 जुलाई 2026 को केवल 10 घंटे की अवधि में ₹96.98 करोड़ का रिकॉर्ड दान प्राप्त हुआ। इसमें 2,460 से अधिक श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से योगदान दिया।

तिरुमला मंदिर में 10 घंटे में इतना बड़ा दान क्यों आया?

TTD की पुरानी डोनर पॉलिसी की अंतिम समय-सीमा 14 जुलाई 2026 को समाप्त हो रही थी। पुरानी नीति के तहत मिलने वाली दर्शन सुविधाओं का लाभ लेने के लिए दानदाताओं ने अंतिम दिन बड़ी संख्या में दान किया, जिससे 10 घंटे में राशि ₹96.98 करोड़ तक पहुंच गई।

TTD दान की राशि का उपयोग किन कार्यों में करता है?

TTD दान राशि का उपयोग अन्नदान (निःशुल्क भोजन सेवा), वेद एवं धार्मिक शिक्षा, अस्पताल व स्वास्थ्य सेवाओं, गोशालाओं के रखरखाव, छात्रवृत्ति योजनाओं और मंदिरों के संरक्षण जैसे धार्मिक व सामाजिक कार्यों में करता है।

तिरुमला तिरुपति मंदिर में ऑनलाइन दान कैसे करें?

श्रद्धालु TTD की आधिकारिक वेबसाइट tirumala.org के माध्यम से विभिन्न ट्रस्टों — जैसे श्री वेंकटेश्वर अन्नप्रसादम ट्रस्ट, प्राणदान ट्रस्ट और गोसंरक्षण ट्रस्ट — में ऑनलाइन दान कर सकते हैं।

क्या तिरुमला दुनिया का सबसे समृद्ध मंदिर है?

तिरुमला का श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर दुनिया के सबसे समृद्ध और सबसे अधिक दर्शन किए जाने वाले हिंदू मंदिरों में गिना जाता है। प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

Religion World

Editorial Review Note

Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. .

Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

July 16, 2026 • 4 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

Hinduism

Ganesh Chaturthi 2026: 10 दिन बप्पा को लगाएं अलग-अलग भोग, जानें किस दिन क्या चढ़ाएं

गणेश चतुर्थी 2026: 10 दिन बप्पा को लगाएं अलग-अलग भोग, जानें किस दिन क्या चढ़ाएं गणेश चतुर्थी का पर्व शुरू होते ही घर-घर में गणपति बप्पा की पूजा…

Read now
Hinduism

Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज कब है? जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और व्रत का महत्व

हरतालिका तीज 2026: हरतालिका तीज कब है? जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और व्रत का महत्व हिंदू धर्म में हरतालिका तीज का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।…

Read now
Hinduism

Ganesh Chaturthi 2026: महाभारत लिखते समय गणेश जी ने क्यों तोड़ा था अपना दांत? जानें एकदंत बनने की पौराणिक कथा

भगवान गणेश को हिंदू धर्म में प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले गणेश जी का स्मरण और पूजा करने…

Read now