कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन कर दिया गया है. इस लॉकडाउन के चलते घर में बंद लोग अवसाद में आ गए हैं. डिप्रेशन एक ऐसी समस्या है जिससे हमारी कार्यक्षमता प्रभावित होती है और हमारी शारीरिक व मानसिक विकास में व्यवधान आता है।
अवसाद से निपटने के कई तरीके व दवाएं हैं लेकिन अगर प्राकृतिक तरीकों से भी इस समस्या का समाधान कर सकते हैं। इससे आपकी सेहत को कोई नुकसान भी नहीं पहुंचेगा। तो चलिए जानते हैं वो टिप्स जो इस लॉकडाउन पीरियड में आपको काफी अच्छा महसूस कराएगा
अपनाएं व्यायाम
व्यायाम आपको सिर्फ शारीरिक रूप से ही स्वस्थ नहीं रखता, बल्कि यह आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी उतना ही जरूरी है। यह आपके शरीर में तो ऊर्जा का संचार करता है ही, साथ ही इससे आपके मस्तिष्क में हैप्पी हार्मोन्स रिलीज होते हैं, जिसके कारण आपके तनावग्रस्त होने की आशंका काफी हद तक कम हो जाती है।
फैमिली को दें टाइम
आज के समय में लोगों के पास अपने रिश्तों के लिए समय ही नहीं है। ऐसे में धीरे−धीरे व्यक्ति को अकेलापन सताने लगता है और फिर व्यक्ति अवसादग्रस्त हो जाता है। अब आपके पास मौका है कि इन 21 दिन आप अपने परिवार के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं । इससे आप खुश रहेंगे और आपको अकेलापन नहीं सताएगा।
काम को दें ब्रेक
यह भी अवसाद से बचने का बेहतरीन तरीका है। आमतौर पर लोग अपने काम में इतने बिजी हो जाते हैं कि वह खुद को आराम देना जरूरी ही नहीं
समझते। यहां तक कि छुट्टी के दिन भी काम करना उनकी आदत बन जाती हैं।
बढ़ता वर्क प्रेशर उन पर मानसिक दबाव बनाता है। अब इस 21 दिन के लॉकडाउन पीरियड में आपको काम से अच्छा ब्रेक मिला है तो इसका लाभ उठाएं और खुद को पूरी तरह मेंटली रिलैक्स करें।
खाने का रखें ख्याल
खाना सिर्फ पेट भरने के लिए नहीं होता, बल्कि यह आपको शारीरिक व मानसिक रूप से तंदरूस्त बनाता है। वैसे भी कहा जाता है कि जैसा खाओगे अन्न, वैसा होगा मन। इसलिए अपने खाने का खास ख्याल रखें।
डाइट में हेल्दी फूड ही शामिल करें। जितना हो सके, मौसमी फल व सब्जियां खाएं। इसमें मौजूद विटामिन व मिनरल्स सिर्फ आपके तन को ही नहीं, मन को भी तंदरूस्त रखते हैं।
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