रंगों का त्यौहार होली उल्लास और हर्ष लेकर आता है. लेकिन आज भी कुछ स्थान ऐसे हैं जहाँ होली खेलना वर्जित है या किसी कारणवश नहीं खेल पाते. तो चलिए आज हम आपको कुछ ऐसी जगह लेकर चलते हैं जहाँ लोग होली नहीं खेलते-
यहाँ पुरुषों, बच्चों को होली खेलना है मना

125 साल से होली मनाने पर प्रतिबंध
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की मुलताई तहसील के डहुआ गांव में 125 साल से होली मनाने पर प्रतिबंध है। यहां के लोगों की माने तो, कि लगभग 125 साल पहले इस गांव में होली के त्योहार वाले दिन गांव केप्रधान की बावड़ी में डूबने के कारण मौत हो गई थी।प्रधान की मौत से गांव वाले बहुत दुखी हुए और उनमें भय समा गया .अब यहां होली ना खेलना धार्मिक मान्यता बन चुकी है।
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महामारी के डर से नहीं मनाते होली
झारखंड के बोकारो के कसमार ब्लॉक स्थित दुर्गापुर गांव में 100 साल से होली नहीं खेली गई। कहते हैं की यहाँ के राजा के बेटे की होली के दिन मौत हो गयी थी और उसके बाद जब भी कोई होली खेलता तो गाँव में महामारी फ़ैल जाती थी. तभी से लोगों ने महामारी और किसी आपदा के भय से होली खेलना बंद कर दिया.
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श्राप के डर से नहीं मनाते होली

यहां देवी ने होली खेलने को किया मना
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से 35 किमी दूरी पर खरहरी नाम के एक गांव में लगभग 200 साल से होली का त्योहार नहीं मनाया जाता है। गांव के बुजुर्ग बताते हैं 150 साल पहले यहां भीषण आग लगी थी, जिसकेजिसके कारण गांव के हालात बेकाबू हो गए थे।आग लगने के बाद पूरे गांव में महामारी फैल गई। गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि इस त्रासदी से छुटकारा पाने के लिए एक हकीम को देवी ने स्वप्न में दर्शन दिए और होली खेलने को मना किया. तभी से इस गाँव में होली का त्यौहार नहीं मनाया जाता.
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