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परमार्थ निकेतन में रहकर अर्जेंटीना के योगियों ने सीखे योग और आयुर्वेद के गुर

परमार्थ निकेतन में रहकर अर्जेंटीना के योगियों ने सीखे योग और आयुर्वेद के गुर

परमार्थ निकेतन में रहकर अर्जेंटीना के योगियों ने सीखे योग और आयुर्वेद के गुर
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परमार्थ निकेतन में रहकर अर्जेंटीना के योगियों ने सीखे योग और आयुर्वेद के गुर

परमार्थ निकेतन में रहकर अर्जेंटीना के योगियों ने सीखे योग और आयुर्वेद के गुर

  • अर्जेंटीना से आये योगियों के दल ने परमार्थ निकेतन से ली विदाई
  • प्रकृति के साथ करे विनम्रतापूर्ण व्यवहार-स्वामी चिदानन्द सरस्वती
ऋषिकेश, 7 जनवरी।  अर्जेंटीना से आये योगियों के दल ने दो सप्ताह तक परमार्थ निकेतन में रहकर योग और आयुर्वेद का प्रशिक्षण प्राप्त कर आज परमार्थ से विदा ली। दल के सदस्यों ने परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी से मुलाकात कर आशीर्वाद प्राप्त किया। स्वामी जी महाराज ने अर्जेंटीना से आये सभी योगियों को रूद्राक्ष की माला पहनाकर विदा किया।
योगियों का यह दल विगत 2001 से प्रतिवर्ष परमार्थ निकेतन आ रहा है यहां आकर अर्जेंटीना दल के सदस्य वेद मंत्रों का उच्चारण, योग और आयुर्वेद का प्रशिक्षण  लेते है। दल के सदस्यों ने अनेक बार परमार्थ  निकेतन में होने वाले अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में भी सहभाग किया। अर्जेंटीना दल प्रमुख योगी पाओया अलेजाओरा प्रतिवर्ष नये सदस्यों के साथ परमार्थ निकेतन, भारत आते है। वे अर्जेंटीना के लोगों को भारत आने और भारतीय संस्कृति केे विषय में जानने के लिये प्रेरित करते है।
योगी पाओया अलेजाओरा ने पूज्य स्वामी जी की प्रेरणा एवं नेतृत्व में अर्जेंटीना में भी योग, आयुर्वेद, ध्यान एवं भारतीय संस्कृति का अलख जगाया है वे इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान कर रहे है। स्वामी जी ने उन्हे पर्यावरण संरक्षण हेतु कार्य करने के लिये प्रेरित किया और कहा कि वैश्विक स्तर पर घटता भूजल स्तर और प्रदूषित होती प्राणवायु आॅक्सीजन के लिये मिलकर कार्य करने की जरूरत है। भारतीय संस्कृति से परिपूर्ण इस दल के सदस्यों को स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने 2019 में प्रयाग एवं 2021 मंे हरिद्वार, उत्तराखण्ड में होने वाले कुम्भ मेला में सहभाग हेतु भारत में आमंत्रित किया। स्वामी जी ने कहा कि वास्तविक भारत का दर्शन कुम्भ मेला में ही होता है। कुम्भ मेला में भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, दर्शन सामाहित है।

अर्जेंटीना से आये योगियों को सम्बोधित करते हुये स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा, ‘भारतीय दर्शन, सिद्धांत और संस्कृति ने मानवतावादी दृष्टिकोण को जन्म दिया है वास्तव में अब हमें मिलकर प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति मानवीय रवैया अपनाना होगा और प्रकृति के साथ विनम्रता का व्यवहार करना होगा तभी हम एक समृ़द्ध और शांत विश्व के निर्माण की परिकल्पना साकार कर सकते है। उन्होने कहा कि वर्तमान समय में प्रदूषण, घटता जल और प्रदूषित होती प्राणवायु की समस्या वैश्विक स्तर पर है अतः इसके समाधान के लिये प्रयत्न भी वैश्विक स्तर पर ही सम्भव है। स्वामी जी ने योगियों से पर्यावरण प्रेमी-प्रकृति मित्र बनने का आह्वान किया।’
योगी पाओया अलेजाओरा ने कहा कि ’भारतीय संस्कृति लोक कल्याण की संस्कृति है; उदारता की संस्कृति है। भारत के पास अपार आध्यात्मिक संपदा है; यह राष्ट्र, संस्कृति एवं संस्कारों का संवाहक है। भारत ने विश्व को योग रूपी संपदा वरदान के रूप मेें प्रदान की है जो सभी के लिये अद्वितीय है। उन्होेने परमार्थ गंगा आरती के विषय में चर्चा करते हुये कहा कि आरती के क्षण अभिभूत करने वाले; मुग्ध करने वाले होते है, यह शान्ति केवल गंगा के तट पर ही मिल सकती है। उन्होने कहा कि परमार्थ निकेतन गंगा तट पर बिताया हर पल स्वर्ग में व्यतीत किये पलों के समान है। योगी जी ने कहा कि वे यहां आने के लिये औरों को भी प्रेरित करेंगे।’
योग पाओया अलेजाओरा ने अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव एवं 2019 में प्रयाग एवं 2021 मंे हरिद्वार, उत्तराखण्ड में होने वाले विश्व प्रसिद्ध कुम्भ मेला में सहभाग हेतु पूज्य स्वामी जी के आंमत्रण को स्वीकार करते हुये बड़ी संख्या में श्रद्धालुुओं के साथ सहभाग का संकल्प लिया।
अर्जेंटीना से आये योगियो के दल में योगी पाओया अलेजाओरा, जफिर बीना बोदोंडो रियोस, अन्ना फ्लोरिडा मोन्टेट, अनमेरी कोटीलो, एल्स रेक्वेल्ल अल्बानीज, जाॅरबिलीना मोरीइबो, मारिया बेट इनबोरी आई ओसी, नोरा एलिसिया पोर्टा, नोरा मैटिल्ड जुब्रिब, सिल्विया रिपा, मृता टेरेसा, लिलियाना मोनिका, एक्सपोजिटो, गुआदलुपे एक्समेना एकड़ एवं अन्य श्रद्धालु उपस्थित थे।

Editorial Review Note

Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. .

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February 7, 2018 4 min read
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