RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

सप्तमी आदिशक्ति मां कालरात्रि का दिन

सप्तमी आदिशक्ति मां कालरात्रि का दिन

सप्तमी आदिशक्ति मां कालरात्रि का दिन
Visual Archive

सप्तमी आदिशक्ति मां कालरात्रि का दिन

मां कालरात्रि : नवरात्रि के सातवें दिन की देवी

नवरात्रि के सातवें दिन आदिशक्ति मां कालरात्रि का पूजन किया जाता है। मां कालरात्रि का स्वरूप देखने में अत्यंत भयानक माना जाता है, लेकिन वे सदैव शुभ फल देने वाली हैं। इसी कारण उनका एक नाम शुभंकरी भी है। अतः भक्तों को उनके इस रूप से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। मां कालरात्रि दुष्टों का विनाश करने वाली और अपने भक्तों की रक्षा करने वाली देवी मानी जाती हैं।

मान्यता है कि दानव, दैत्य, राक्षस, भूत और प्रेत आदि उनके स्मरण मात्र से ही भयभीत होकर दूर भाग जाते हैं। वे ग्रह-बाधाओं को दूर करने वाली देवी भी मानी जाती हैं। उनकी कृपा से उपासक अग्नि-भय, जल-भय, जंतु-भय, शत्रु-भय और रात्रि-भय से मुक्त हो जाता है। मां की आराधना भक्त को निर्भयता और सुरक्षा का आशीर्वाद प्रदान करती है।

यह भी पढ़ें-बाबा अलाउद्दीन खान – मां शारदा के पुत्र

कालरात्रि का स्वरूप

मां के शरीर का वर्ण घने अंधकार के समान काला बताया गया है। उनके सिर के बाल बिखरे हुए हैं और गले में विद्युत के समान चमकने वाली माला सुशोभित होती है। उनके तीन नेत्र हैं, जो ब्रह्मांड के समान गोल बताए गए हैं। इन नेत्रों से विद्युत के समान चमकीली किरणें निःसृत होती रहती हैं। मां की नासिका के श्वास-प्रश्वास से अग्नि की भयंकर ज्वालाएं निकलती रहती हैं।

यह भी पढ़ें-जबलपुर में विराजमान है तीन लोकों की सुंदरी त्रिपुर सुंदरी

देवी का वाहन और आयुध

मां कालरात्रि का वाहन गर्दभ माना गया है। वे अपने ऊपर उठे हुए दाहिने हाथ की वरमुद्रा से भक्तों को वर प्रदान करती हैं। दाहिनी ओर का नीचे वाला हाथ अभयमुद्रा में रहता है। बाईं ओर के ऊपर वाले हाथ में लोहे का कांटा और नीचे वाले हाथ में कटार सुशोभित होती है।

पूजा का फल

मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना करने से सभी पापों से मुक्ति मिलने की मान्यता है। उनकी आराधना से शत्रुओं का नाश होता है और जीवन से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं। भक्तों को साहस, सुरक्षा और शुभ फल की प्राप्ति होती है।

नवरात्रि के सातवें दिन मां की उपासना विशेष रूप से भय, बाधाओं और अशुभ प्रभावों को दूर करने वाली मानी जाती है। उनकी कृपा से साधक के जीवन में निर्भयता, शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसलिए मां की पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है।

नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नवरात्रि के सातवें दिन किस देवी की पूजा की जाती है?

नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है।

मां कालरात्रि का स्वरूप कैसा माना जाता है?

मां कालरात्रि का स्वरूप घने अंधकार के समान काला, तेजस्वी और दुष्टों का विनाश करने वाला माना जाता है।

मां कालरात्रि का वाहन क्या है?

मां का वाहन गर्दभ माना गया है।

मां कालरात्रि की पूजा से क्या फल मिलता है?

मां कालरात्रि की पूजा से भय, बाधाएं और नकारात्मक शक्तियां दूर होने तथा साहस, सुरक्षा और शुभ फल मिलने की मान्यता है।


—————–

रिलीजन वर्ल्ड देश की एकमात्र सभी धर्मों की पूरी जानकारी देने वाली वेबसाइट है। रिलीजन वर्ल्ड सदैव सभी धर्मों की सूचनाओं को निष्पक्षता से पेश करेगा। आप सभी तरह की सूचना, खबर, जानकारी, राय, सुझाव हमें इस ईमेल पर भेज सकते हैं – religionworldin@gmail.com – या इस नंबर पर वाट्सएप कर सकते हैं – 9717000666 – आप हमें ट्विटर , फेसबुक और यूट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर सकते हैं।
Twitter, Facebook and Youtube.

RW

Editorial Review Note

Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

September 27, 2017 • 3 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

Hinduism

Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर घर में क्यों बनाए जाते हैं कान्हा के नन्हे पैरों के निशान? जानें पौराणिक मान्यता

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर घर के मुख्य द्वार से पूजा स्थल तक भगवान कृष्ण के पैरों के निशान बनाने की परंपरा बेहद लोकप्रिय है। इस दिन भक्त पूरे श्रद्धाभाव…

Read now
Hinduism

Raksha Bandhan 2026: सबसे पहले किसने बांधी थी राखी? क्या वेदों और पुराणों में है इसका जिक्र, जानें पूरी कहानी

रक्षाबंधन आज भाई-बहन के प्रेम और रक्षा के संकल्प से जुड़ा सबसे लोकप्रिय त्योहार है। सावन पूर्णिमा के दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है, आरती…

Read now
Hinduism

Onam 2026: 26 अगस्त को मनाया जाएगा थिरुवोनम, जानें क्यों राजा महाबली के स्वागत में सजते हैं केरल के घर?

प्रकाशित: 24 अगस्त 2026  |  अंतिम अपडेट: 24 अगस्त 2026 ओणम 2026 का सबसे महत्वपूर्ण दिन थिरुवोनम इस साल 26 अगस्त, बुधवार को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता के…

Read now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *