पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में एप्पल वैली, कैलिफोर्निया-अमेरिका में शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस में श्री शुकदेवजी महाराज की लीलाओं का वर्णन भक्तों को श्रवण कराया।
महाराज श्री ने कथा की शुरआत “मीठी रस सो भरी राधा रानी लागे, महरानी लागे भजन से की। महाराज श्री ने कहा की मेरे प्यारे प्रभु प्रेमिओ आप सब भद्रा पक्ष में राधा अष्ठमी के समय पर भागवत कथा श्रवण कर रहें है।
भगवान श्री कृष्णा के गौ लोक प्रस्थान के बाद राजा परीक्षित को प्रथम बार श्रीमद्भागवत कथा को श्रवण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। तब से चली आ रही ये परंपरा आज तक हम सब के मध्य उपस्थित है और अनेकों-अनेक विद्वानों के द्वारा ऋषि मुनि ब्राह्मण के द्वारा हमको श्रीमद भागवत कथा प्राप्त होती है। कथा मैं आपको नया सुनने को मिलता है ये हमारा और आप सबका सौभाग्य है।
महाराज श्री ने कहा -श्री शुक जब कथा सुन रहे थे तब उनकी आंखों से अश्रु बह रहा थे इसलिए अश्रु बह रहे थे क्योंकि श्री कृष्ण की विदाई का प्रसंग चल रहा था। श्री कृष्ण इस धरा धाम को तयाग कर अपने धाम के लिए जा रहे है ये सुनते हुए शुक रो पड़े। ठाकुर की कथा सुन कर ठाकुर का हो गया निश्चित तौर पर उसके संस्कार अच्छे होंगे। महाराज श्री जीे ने कहा की कथा उन्हीं को अच्छी लगती है जिनके संस्कार अच्छे होते है, हर किसी को कथा अच्छी नहीं लग सकती है। जिन्हें अपने माँ बाप से, बुजुरुर्गों से अच्छे कर्मो से जो मिला है उन्हीं को कथा अच्छी लग सकती है।


बाबा ने सोचा की शुक कथा चोरी से सुन रहा है हाथ मैं त्रिशूल लेके बाबा दौड़े श्री शुक आगे-आगे बाबा पीछे-पीछे आत्म रूप से दौड़े। शुक व्यास पत्नी के मुख से गर्भ अस्थान में प्रवेश कर गए और बाबा भोले नाथ व्यास जी आश्रम में डट के बैठ गए की जब आएगा तब मारूंगा। 9महीने बाद तो आओगे न तब मार के जाऊँगा शुकदेव बोले मैं 9 साल तक नहीं आने वाला ये भक्त और भगवान् की लड़ाई है, 9 साल नहीं 12 साल हो गए शुक देव जी को माँ के गर्भ में उसके बाद ही उन्होंने धरा पर जन्म लिया।
——————-
रिलीजन वर्ल्ड देश की एकमात्र सभी धर्मों की पूरी जानकारी देने वाली वेबसाइट है। रिलीजन वर्ल्ड सदैव सभी धर्मों की सूचनाओं को निष्पक्षता से पेश करेगा। आप सभी तरह की सूचना, खबर, जानकारी, राय, सुझाव हमें इस ईमेल पर भेज सकते हैं – religionworldin@gmail.com – या इस नंबर पर वाट्सएप कर सकते हैं – 9717000666 – आप हमें ट्विटर , फेसबुक और यूट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर सकते हैं।
Twitter, Facebook and Youtube.
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

Leave a Reply