कृष्ण को क्यों प्रिय हैं यह पांच चीज़ें
भगवान श्री कृष्ण को पांच चीजों से बहुत प्रेम है, कृष्ण का इनके प्रति प्रेम का उद्देश्य मनुष्य को जीवन के कई रहस्यों एवं ज्ञान से परिचय करना है. इस विषय पर हमने ज्योतिषाचार्य प्रदीप भट्टाचार्य से बातचीत की जिन्होंने हमें इस गूढ़ रहस्य से परिचित कराया.आइये जानते हैं क्या है वो पांच चीज़ें और क्या इसके पीछे का रहस्य-
बांसुरी से सीखें मीठा बोलना
बांसुरी भगवान श्री कृष्ण को अति प्रिय है, क्योंकि बांसुरी में तीन गुण है. पहला बांसुरी में गांठ नहीं है, जो संकेत देता है कि अपने अंदर किसी भी प्रकार की गांठ मत रखों. मन में बदले की भावना मत रखो. दूसरा बिना बजाये ये बजती नहीं है. मानो बता रही है कि जब तक ना कहा जाए तब तक मत बोलो. और तीसरा जब भी बजती है मधुर ही बजती है. जिसका अर्थ हुआ जब भी बोलो, मीठा ही बोलो. जब ऐसे गुण किसी में भगवान देखते हैं, तो उसे उठाकर अपने होंठों से लगा लेते हैं.
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इसलिए कृष्ण को प्यारी है गाय
ज्योतिषाचार्य प्रदीप भट्टाचार्य बताते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण को गौ यानि की गाय अत्यंत प्रिय है. दरअसल, गौ सब कार्यों में उदार तथा समस्त गुणों की खान है. गौ का मूत्र, गोबर, दूध, दही और घी, इन्हे पंचगव्य कहते हैं. मान्यता है कि इनका पान कर लेने से शरीर के भीतर पाप नहीं ठहरता. जो गौ की एक बार प्रदक्षिणा करके उसे प्रणाम करता है, वह सब पापों से मुक्त होकर अक्षय स्वर्ग का सुख भोगता है.
मोर से ब्रह्मचर्य की शिक्षा
आचार्य जी बताते हैं कि मोर को चिर-ब्रह्मचर्य युक्त प्राणी समझा जाता है. अतः प्रेम में ब्रह्मचर्य की महान भावना को समाहित करने के प्रतीक रूप में कृष्ण मोर पंख धारण करते हैं. मोर मुकुट का गहरा रंग दुःख और कठिनाइयों, हल्का रंग सुख-शांति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है.
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कमल पवित्रता का देता है ज्ञान
कमल कीचड़ में उगता है और उससे ही पोषण लेता है, लेकिन हमेशा कीचड़ से अलग ही रहता है. इसलिए कमल पवित्रता का प्रतीक है. इसकी सुंदरता और सुगंध सभी का मन मोहने वाली होती है. ज्योतिषाचार्य प्रदीप भट्टाचार्य जी कहते हैं कि इसके साथ ही कमल यह संदेश भी देता है कि हमें कैसे जीना चाहिए? सांसारिक और आध्यात्मिक जीवन किस प्रकार जिया जाए इसका सरल तरीका बताता है कमल.
मिसरी से सीखें घुल मिल जाना
कान्हा को माखन मिसरी बहुत ही प्रिय है. मिसरी का एक महत्वपूर्ण गुण यह है कि जब इसे माखन में मिलाया जाता है, तो उसकी मिठास माखन के कण-कण में घुल जाती है. उसके प्रत्येक हिस्से में मिसरी की मिठास समा जाती है. मिसरी युक्त माखन जीवन और व्यवहार में प्रेम को अपनाने का संदेश देता है. यह बताता है कि प्रेम में किसी प्रकार से घुल मिल जाना चाहिए.
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गले में वैजयंती माला

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