साल 2020 समाप्त होने जा रहा है और नए वर्ष 2021 के आगमन के लिए सभी तैयारियां हो रही हैं। साल 2020 ने आते ही सभी को कोरोना की चपेट में ले लिए था जिस कारण यह वर्ष लोगों के लिए काफी दुखदायी साबित हुआ।
साल 2020 में लोगों ने कई दुखद घटनाओं का अनुभव किया।वहीं साल 2020 में कई बड़ी धार्मिक घटनाएं भी हुई। चलिए नज़र डालते हैं साल 2020 की प्रमुख धार्मिक घटनाओं पर-
ग्रहण

इस साल छह ग्रहण लगे थे। इनमें चार चंद्र गहण और दो सूर्य ग्रहण थे।
पहला चंद्रग्रहण-10 जनवरी, 2020। भारत में दिखा।
दूसरा चंद्रग्रहण-5 जून 2020। भारत में दिखा।
पहला सूर्यग्रहण-21 जून 2020। भारत में दिखा।
तीसरा चंद्रग्रहण-5 जुलाई 2020। भारत में नहीं दिखा।
चौथा चंद्रग्रहण-30 नवंबर 2020। भारत में दिखा।
दूसरा सूर्यग्रहण-14 दिसंबर, 2020। भारत में नहीं दिखा।
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श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 फरवरी 2020 को लोकसभा में राम मंदिर पर चर्चा के दौरान घोषणा की कि राम मंदिर के लिए बनने वाले ट्रस्ट का नाम ‘श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ रखा गया। इस ट्रस्ट में कुल 15 सदस्य थे।ट्रस्ट में शामिल किए जाने वाले लोगों में ऐडवोकेट के. पराशरण, कामेश्वर चौपाल, महंत दिनेंद्र दास और अयोध्या राज परिवार से जुड़े राजा बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र जैसे नाम प्रमुख थे।
जनता कर्फ्यू
भारत में तेजी से पैर पसार रहे कोरोना वायरस को मात देने के लिए 22 मार्च को 14 घंटे का जनता कर्फ्यू लगाया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से जनता कर्फ्यू के दौरान रविवार यानी 22 मार्च 2020 को शाम 5 बजे 5 मिनट के लिए अपने घर से कोरोना कमांडो के लिए ताली या थाली बजाने की अपील की। जिससे मेडिकल स्टाफ समेत उन सब लोगों का अभिवादन किया जा सके जो कोरोना से जनता को बचाने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं।
धार्मिक स्थल बंद

कोरोना वायरस के चलते मंदिर, मस्जिद, चर्च व गुरुद्वारे में सभी जगह ताले लगे।भारत के प्रमुख धार्मिक स्थल जैसे तिरुपति बालाजी, वैष्णोदेवी, बद्रीनाथ धाम सभी धार्मिक स्थलों को बंद कर दिया गया। यहां तक साल 2020 में अमरनाथ यात्रा पर भी रोक लगा दी गयी. लॉक डाउन खुलने के बाद भी धार्मिक स्थलों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया।
राम मंदिर का शिलान्यास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए 5 अगस्त को भूमि पूजन किया और मंदिर की आधारशिला रखी। सुप्रीम कोर्ट ने साल 2019 में दशकों पुराने मुद्दे का समाधान करते हुए अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग रास्ता साफ किया था। राम मंदिर का शिलान्यास दोपहर 12 बजकर 44 मिनट और 8 सेकेंड पर किया गया।
सोमनाथ मंदिर

साल 2020 में जाते जाते गुजरात के सौराष्ट्र में स्थित सोमनाथ मंदिर के 1400 कलशों को सोने से मढ़ने का काम किया जा रहा है। हालांकि यह कार्य 2021 के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। सोने से मढ़ाई का यह कार्य सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट कर रहा है।गौरतलब है कि गुजरात के सौराष्ट्र में स्थित सोमनाथ मंदिर को भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग में से सबसे पहला मंदिर माना जाता है। ऋग्वेद के मुताबिक, सोमनाथ मंदिर का निर्माण चंद्रदेव ने किया था।
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