विश्व पृथ्वी दिवस की 50 वीं वर्षगांठ का जश्न
- पृथ्वी दिवस 2020 घोषणाः बीज रोपण – हरित विश्व के लिये
- विश्व पृथ्वी दिवस पर परमार्थ निकेतन और ग्लोबल इंटरफेथ वाश एलांयस की संयुक्त पहल
- विश्व पृथ्वी दिवस की 50 वीं वर्षगांठ का जश्न
- पृथ्वी को हरियाली और खुशहाली से भरे रखने का महासंकल्प
22 अप्रैल, ऋषिकेश। विश्व पृथ्वी दिवस की 50 वीं वर्षगांठ पर परमार्थ निकेतन और ग्लोबल इंटरफेथ वाश एलायंस के संयुक्त तत्वाधान में दुनिया भर के धर्मगुरूओं और फेथ नेताओं को एक साथ ला कर हरित विश्व के निर्माण हेतु एकजुट करने का अद्भुत प्रयास किया जा रहा है। साथ ही कैसे मानवता इस संकट से खुद को और माँ प्रकृति को बाहर निकाल सके तथा सामंजस्य के साथ आगे बढ़ सकते हैं।
हम एक ऐसी दुनिया कैसे बना सकते हैं जहाँ पृथ्वी और मानवता दोनों स्वस्थ हो सकते हैं? प्यार, एकता और एकता के बीज हमें इस समय रोपण और पौष्टिक होने की जरूरत है जो कि एक ’नए सामान्य’ बगीचे में बढ़े। हमे जीने का एक नया तरीका और हरित तरीका बनाना होगा। होम वेबिनार के माध्यम से दुनिया भर के अग्रणी संगठन जो विश्व के 180 से 200 देशों में कार्य कर रही विभिन्न संस्थाओं, अनेक धर्मगुरूओं, मोटिवेशनल स्पीकर, वैज्ञानिक और पर्यावरणविदों ने कोविड – 19 से खुद को और अपनी पृथ्वी को बचाने के लिये एक शक्तिशाली संदेश दिया।
इस वेबनार में पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती जी, इजरायल से रबाई डेविड रोसेन, इंग्लैंड से भाई साहिब मोहिंदर सिंह जी, देवबंद और दिल्ली से मौलाना महमूद मदनी जी, यूएस से रेवरेंड माइकल बेकविथ, प्रसिद्ध पर्यावरणविद् डॉ वंदना शिवा जी, उत्तराखंड, डाॅ साध्वी भगवती सरस्वती जी, न्यूयार्क से रिलीजन आॅफ पीस की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती आज़ा करम, यूएस रेवरेंड विक्टर काज़ियानियन, ऑड्रे किट एंड्रयू हार्वे, नीदरलैंड से रबाई अवराम सोएटेंडोर्प, फादर पॉल मूनजेली और मैथ्यु वान डेर वेलडन आदि शामिल हुये। यूएस से देवा प्रमाल और मितेन के दिव्य संगीत के साथ पैनल के सभी सदस्यों ने अपना दिव्य संदेश प्रदान किया।
परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि हर चीज का प्लान ए और प्लान बी हो सकता है लेकिन पृथ्वी का कोई प्लान बी नहीं है केवल एक ही तो पृथ्वी है। कोई दूसरी पृथ्वी नहीं है हमारे पास कि उसके लिये कोई प्लान बी या प्लानेट बी हो सके। पृथ्वी तो एक है इसलिये हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा और समय मिलकर काम करने का आ गया है। यही करूणा का संदेश है कि ’’कोरोना से करूणा की ओर मुड़े तथा अपने पर, अपनों पर अपनी पृथ्वी पर करूणा करे क्योकि प्रकृति बचेगी, पृथ्वी बचेगी तो आने वाली संतति और संसार बचेगा। पृथ्वी अब तक हमारे लिये सब कुछ सहती रही है अब समय आ गया है कि अब हम सब मिलकर अपनी पृथ्वी के लिये कुछ करें। सम्पूर्ण ब्रह्मण्ड में केवल पृथ्वी ही ऐसा ग्रह है जिस पर जीवन संभव है। यह ईश्वर प्रदŸा उपहार है हमारे लिये, पृथ्वी को हमारी आवश्यकता नहीं है परन्तु हमारे जीवन की कल्पना पृथ्वी के बिना असम्भव है। अब समय आ गया है कि पहले पर्यावरणीय सुरक्षा पर ध्यान दिया जायें फिर स्वयं की सुरक्षा के विषय में विचार किया जायें।
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम, जल आपूर्ति और स्वच्छता सहयोग परिषद ; जीनेवा स्विट्जरलैण्ड, रिलीजन फाॅर पीस इंटरनेशनल, विश्व धर्म संसद, यूनाईटेड रिलीजन इनिशिएटिव, (यूआरआई) (संयुक्त धर्म पहल) और फेथ फाॅर अर्थ, साथ ही यूएस की यूनिफाइड और आस्ट्रेलिया की अपलिफ्ट कनेक्ट के साथ साझेदारी में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ये सभी संस्थायें विश्व के 180 से 200 देशों के लिये कार्य कर रही है।
पैनल में धर्मगुरू तथा अन्य वैश्विक नेताओं के साथ तीन प्रेरक सत्रों में किया गया। पृथ्वी को स्वस्थ रखने तथा पृथ्वी के विषय पर पैनल, प्रमुख धर्मगुरूओं और संयुक्त राष्ट्र के प्रमुखों के साथ आस्था और विश्वास पर आधारित विषयों पर चिंतन किया गया।
Watch the Event Here : https://www.facebook.com/events/253767229096045
निम्नलिखित उच्च स्तरीय नेताओं, प्रेरक वक्ताओं और विचारकों ने अपने विचार व्यक्त करेंगे ..
1.पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वतीजी, परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष और ग्लोबल इंटरफेथ डब्ल्यूएएस एलायंस के सह-संस्थापक, ऋषिकेश, भारत
2. रबाई डेविड रोसेन, अंतर्राष्ट्रीय यहूदी यहूदी समिति, यरुशलम, इजराइल के अंतरराष्ट्रीय निदेशक
3. भाई साहिब मोहिंदर सिंह जी, यूके के चेरिटेबल ऑर्गेनाइजेशन के चेयरमैन, बर्मिंघम के चेयरमैन
4.मौलाना महमूद मदनी जी, जमीयत उलेमा-ए-हिंद के महासचिव, दिल्ली, भारत
5 रेवरेंड माइकल बेकविथ, एगैप इंटरनेशनल स्पिरिचुअल सेंटर, लॉस एंजिल्स, संयुक्त राज्य अमेरिका के संस्थापक और आध्यात्मिक निदेशक
6 डाॅ वंदना शिवाजी, विश्व-प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और कार्यकर्ता, नवद्या, देहरादून, भारत के संस्थापक
7. साध्वी भगवती सरस्वती जी, ग्लोबल इंटरफेथ डब्ल्यूएएस एलायंस, ऋषिकेश, भारत के महासचिव
8.डाॅ आज़ा करम, शांति, न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य अमेरिका के धर्म के महासचिव
9 रेवरेंड विक्टर कजांजियन, संयुक्त धर्म पहल के कार्यकारी निदेशक, सैन फ्रांसिस्को, यूएसए
10.आड्रे कितागावा, विश्व धर्म संसद, न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य अमेरिका की अध्यक्ष
11. इयद अबुमगली, निदेशक, पृथ्वी के लिए विश्वास, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम, नैरोबी, केन्या
12. हार्वे, लेखक, वक्ता और पवित्र सक्रियता संस्थान, शिकागो के संस्थापक ध् निदेशक
13. रबाई अवराम सोएटेंडर्प, जैकब सोएटॉन्डॉर्प इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन वैल्यूज के संस्थापक, सह-संस्थापक ग्रीन क्रॉस इंटरनेशनल, सह-संस्थापक ग्लोबल इंटरफेथ डब्ल्यूएएस एलायंस, एम्स्टर्डम, नीदरलैंड्स
14.फादर पॉल मूनजेली, कैरितास इंडिया, दिल्ली, भारत के कार्यकारी निदेशक
15.मैथ्यू वान डेर वेलडन, प्रबंधक, डब्ल्यूएसएससीसी, जिनेवा, स्विट्जरलैंड की एशिया क्षेत्रीय इकाई
16. देवा प्रमाल और मितेन के दिव्य संगीत के साथ दुनिया के अन्य
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
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