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गुरू कौन ? गुरू का अर्थ क्या है – पुण्डरीकजी महाराज

गुरू कौन ? गुरू का अर्थ क्या है – पुण्डरीकजी महाराज

गुरू कौन ?  गुरू का अर्थ क्या है – पुण्डरीकजी महाराज
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गुरू कौन ? गुरू का अर्थ क्या है – पुण्डरीकजी महाराज

गुरू कौन ? गुरू का अर्थ क्या है

  • पुण्डरीकजी महाराज

गुरु एक छोटा सा शब्द पर अपने मे अनन्त कोटि अर्थ समाए हुए ।गुरु =माता + पिता । माता का वात्सल्य और प्रेम को उड़ेलने के साथ साथ पिता के दायित्व को निभाते हैं गुरुदेव, अंतर सिर्फ यही कि वह हमारी अन्तरात्मा का अपनी कृपा से पोषण करते हैं । गु शब्द का अर्थ अज्ञान और रु शब्द का अर्थ आध्यात्मिक ज्ञान का तेज ।

“गु” शब्द का अर्थ अज्ञान और “रु” शब्द का अर्थ

आध्यात्मिक ज्ञान का तेज

गुरु अर्थात जो जीव के अज्ञान को अपने आध्यात्मिक तेज से नाश कर उसमें एक नई ऊर्जा का संचार कर देते हैं ।

गुरु पूर्णिमा के अर्थ को सार्थकता प्रदान करते हुए गुरुदेव पूर्ण चन्द्र की भाँति अपनी शिष्य के अंधकारमय माया ग्रस्त जीवन मे अपनी कृपा चाँदनी के प्रकाश से उसके जीवन को भक्ति पथ का पथिक बना उसका जीवन उज्ज्वल कर उसे भी पूर्ण कर उसे ठाकुर के श्रीचरणों में समर्पित कर देते हैं ।

गुरु कुम्हार शीष कुम्भ है, गढ़ि गढ़ि काढे खोट ।
अंतर हाथ सहार दै, बाहर बाहै चोट ।।

गुरु एक साधारण जीव ही नही अपितु श्री हरि स्वयं ही जीव मात्र पर कृपा करने के लिये गुरु के रूप में धरा पर पधारते हैं। गुरुदेव हमारा उद्धार करने के लिए, हमे सुपात्र बना..हमें रस से ओत-प्रोत कर हमारे जीवन की यात्रा को माया से श्री कृष्ण तक ले जातें हैं ।

शिष्य के हृदयोदगार गुरु तक अवश्यमेव पहुंचते हैं, हमारी गुरुदेव की प्रति निष्ठा ,समर्पण ही हमारी भक्ति पथ का नाप दण्ड है।गुरुदेव की देह की पूजा तो हर समय सुलभ नही पर अगर हम उनकी हर आज्ञा का, उनके द्वारा दिये गए उनके अनमोल धन श्रीनाम मन्त्र का श्रद्धा ओर विश्वास से नित्य प्रति चिंतन करना ही उनकी पूजा है…वास्तविकता तो यही है कि गुरू की आज्ञा को निष्ठापूर्वक शिरोधार्य करना ही गुरूदेव की पूजा है।

  • पुण्डरीकजी महाराज वृंदावन के राधारमणजू पंरपरा के श्रीमन् माधव गौड़ेश्वर वैष्णवाचार्य हैं

Editorial Review Note

Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. .

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July 15, 2019 2 min read
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