जन्म कुंडली के ऐसे योग देते हैं शेयर मार्केट में लाभ…

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जन्म कुंडली के ऐसे योग देते हैं शेयर मार्केट में लाभ…

आजकल शेयर मार्किट एक ऐसा विषय है जिसकी और हर एक व्यक्ति आकर्षित होता है और इसे धनलाभ अर्जित करने के लिए एक सुनहरे मार्ग के रूप में देखा जाने लगा है और अधिकांश व्यक्ति अपने पास उपस्थित धन का कुछ ना कुछ भाग शेयर मार्किट में इन्वेस्ट करने के इच्छुक होते ही हैं, पर सभी व्यक्तियों को इस क्षेत्र से लाभ प्राप्त होता ही हो ऐसा नहीं है, जहाँ बहुत से लोग शेयर में अपना धन इन्वेस्ट करके बड़ा लाभ कमाते हैं तो बहुत से व्यक्तियों को भारी नुकसान का भी सामना करना पड़ता है.

ज्योतिषाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्री जी ने इस विषय ओर जानकारी देते हुए बताया कि ज्योतिषीय दृष्टि में प्रत्येक व्यक्ति की जन्मकुंडली में ग्रह स्थिति भिन्न-भिन्न होती है इसलिए जिस कार्य में एक व्यक्ति उन्नति कर रहा है दूसरा भी उसमे सफल हो ऐसा आवश्यक नहीं है इसी प्रकार शेयर मार्किट का क्षेत्र किसी व्यक्ति के लिए लाभदायक होगा या नहीं यह पूरी तरह उसकी कुंडली में बनी ग्रह स्थिति पर निर्भर करता है.

उनके अनुसार जन्म कुंडली में निम्न ग्रह योग शेयर मार्किट से लाभ कराने में अपनी भूमिका निभाते हैं.

  • ज्योतिष में शेयर मार्किट के लिए सीधे सीधे किसी एक ग्रह की भूमिका न होकर कुंडली के “पंचम भाव” को सर्वाधिक महत्व दिया गया है.पण्डित दयानन्द शास्त्री जी के मुताबिक  जन्मकुंडली के पंचम भाव को शेयर, लॉट्री या स्पेकुलेशन आदि का कारक भाव माना गया है इसलिए शेयर मार्किट से जुड़ने या लाभ प्राप्त करने में सबसे पहले तो कुंडली के पंचम भाव और पंचमेश का शुभ स्थिति में होना आवश्यक है.
  • इसके बाद लाभ स्थान अर्थात कुंडली के ग्यारहवे भाव की भी यहाँ महत्वपूर्ण भूमिका है क्योंकि किसी भी प्रकार से इन्वेस्ट किये गए धन से आपको लाभ प्राप्त हो पायेगा या नहीं या किस स्तर का लाभ जीवन में होगा यह लाभ स्थान और लाभेश की स्थिति पर निर्भर करता है.
  • इस स्थान पर  शुक्र धन और विलासिता का कारक होने से यहाँ अपनी सहायक भूमिका निभाता है..
  • इसी प्रकार राहु को आकस्मिक कार्य या झटके के कार्यों का कारक होने से राहुकी भी यहाँ सहायक भूमिका होती है, अतः निष्कर्षतः कुंडली में पंचम भावऔर पंचमेश बली स्थिति में होने पर शेयर–मार्केट से शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं .
  • इसके अलावा लाभ स्थान, लाभेश  और शुक्र जितनी अच्छी और मजबूत स्थिति में होंगे उतना ही अच्छी मात्रा में व्यक्ति को लाभ होता है.

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ये हैं शेयर-मार्किट में लाभ (सफलता) के कुछ विशेष ग्रहयोग –

यदि कुंडली में पंचमेश पंचम भाव में ही स्थित हो तो शेयर मार्किट से जुड़कर लाभ प्राप्त होता है.

पण्डित दयानन्द शास्त्री के अनुसार यदि पंचमेश (पंचम भाव का स्वामी) स्व या उच्च राशि में होकर शुभ स्थान में हो तो शेयर मार्किट में लाभ प्राप्त होता है.

  • राहु और चंद्रमा शेयर मार्केट  नुकसान के कारक हैं तो गुरु और बुध फायदे के कारक ग्रह माने जाते हैं.
  • ध्यान रखें, ग्रहों का उदय और अस्त शेयर मार्केट पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालता है. वहीं ग्रहण का भी शेयर मार्केट पर भी असर पड़ता है.
  • यदि बली पंचमेश की पंचम भाव पर दृष्टि हो तो यह भी शेयर मार्केट में सफलता दिलाता है.
  • पंचमेश का दशम या एकादश भावमें होना भी शेयर मार्किट से जुड़कर लाभ कराता है.
  • यदि पंचमेश दशम भाव में औरदशमेश पंचम भाव में हो तो शेयर मार्किट से जुड़कर व्यक्ति लाभ प्राप्त करता है.
  • किसी भी जातक की जन्म कुंडली में गुरु के मजबूत होने पर कमोडिटी मार्केट में मुनाफा होता है. बुध के शुभ प्रभाव में जातक शेयर मार्केट सलाहकार बनता है या शेयर मार्केट में अच्छा बिजनेस करता है.
  • यदि जन्म कुंडली में सूर्य और राहु, राहु और चंद्रमा या बृ‍हस्पति और राहु की युति हो तो जातक को शेयर मार्केट  से दूर ही रहना चाहिए. दूसरे भाव में राहु हो तो शेयर मार्केट से दूर रहें.
  • यदि जन्म कुंडली  में केंद्र में राहु हो तो जातक शेयर मार्केट में तो सफल होता है लेकिन किसी भी तरह से उस पर गरीबी छा जाती है.

पण्डित दयानन्द शास्त्री जी ने बताया कि यदि जन्म कुण्डली के पंचमेश लाभ स्थान (ग्यारहवा भाव) में और लाभेश पंचम भाव में हो तो व्यक्ति शेयर मार्किट से बहुत लाभकमाता है.

पंचमेश और धनेश का राशि परिवर्तन भी शेयर मार्किट में अच्छे परिणाम दिलाता है.

यदि लाभेश लाभ स्थान में हो या लाभेश की लाभ स्थान पर दृष्टि हो तथा पंचमेश और पंचम भाव शुभ स्थिति में हों तो भी शेयर मार्किट में अच्छा लाभ मिलता है.

जब जन्म कुण्डली में पंचमेश का लाभेश या दशमेश के साथ केंद्र – त्रिकोण में होना भी इस क्षेत्र से लाभ कराता है.

ज्योतिषाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्री जी के अनुसार किसी जन्म कुंडली में भाग्येश और पंचमेश का राशि परिवर्तन भी शेयर मार्किट के लिएअच्छा योग है.राहु का लाभ स्थान (ग्यारहवा भाव) में होना शेयर मार्किट के क्षेत्र के लिए सहायक होता है पर पंचम भावऔर पंचमेश शुभ स्थिति में होने चाहियें.

यदि शुक्र स्व या उच्च राशि में होतथा पंचमेश शुभ स्थान (केंद्र–त्रिकोण) में हो तो यह भी शेयर मार्किट में अच्छी सफलता दिलाता है.

जब जन्म कुंडली में राहु का उच्च राशि में होकर शुभ स्थान में बैठना भी व्यक्ति को आकस्मिक निर्णय लेने की अच्छी क्षमता देकर शेयर मार्किट के क्षेत्र में सहायक होता है.राहु शुभ भाव में हो कुंडली के शुभकारक ग्रहों के प्रभाव में हो तथा किसी ग्रह के साथ कोई दुर्योग न बना रहा हो तो भी इस क्षेत्र के लिए सहायक होता है.

विशेष – जैसा की हमने यहाँ देखा के कुंडली का पंचम भाव शेयर मार्किट के कार्य में अपनी अहम भूमिका निभाता है और लाभ स्थान व लाभेश की स्थिति होने वाले लाभ का स्तर तय करती है तो यहाँ विशेष बात यही है के पंचम भाव और पंचमेश बली होने पर भी आपकी पूरी कुंडली की स्ट्रैन्थ कितनी है यह बात संपूर्ण सफलता को निश्चित करती है अर्थात पंचम भाव और पंचमेश तो बहुत लोगो की कुंडली में बलि हो सकते हैं पर हर व्यक्ति की कुंडली में बने बाकि अच्छे या कमजोर ग्रहयोग प्रत्येक व्यक्ति को भिन्न स्तरकी सफलता देते हैं.  कुंडली में पंचम भाव, पंचमेश व लाभ स्थान शुभ स्थिति में होने पर जो ग्रह कुंडली में बहुत बलवान और अच्छी स्थिति में होउन से सम्बंधित वस्तुओं पर निवेश करना अच्छा होता है.

पण्डित दयानन्द शास्त्री जी ने इस विषय पर समझाते हुए बताया कि वैदिक ज्योतिष के अनुसार जिन लोगों को राहु अनुकूल चल रहा होता है या जिन पर राहु की महादशा होती है, उन्हीं को इन धंधों से लाभ होता है. राहु के साथ साथ ही कुण्डली में मौजूद धनेश-एकादशेश, लग्नेश, चतुर्थेश, पंचमेश, भाग्येश यानि नवमेश की स्थिति भी मजबूत हो, तो ही व्यक्ति इन धंधों से जिंदगी भर कमा सकता है, फिर चाहे उस आदमी को सट्टे, लॉटरी या शेयर मार्केट की ए बी सी डी भी मालूम न हो.

ये ग्रह-गोचर भी देते हैं शेयर मार्केट में लाभ

यदि लग्नेश, नवमेश, दशमेश, एकादशेश अथवा चतुर्थेश व पंचमेश की दशा-अंतरदशा चल रही हो, संबंधित स्वामी ग्रहों की स्थिति मजबूत हो, ग्रह उच्च के हों, गोचर भी अनुकूल हो, शनि की साढ़ेसाती या ढैया की स्थिति न हो, क्रूर व पापी ग्रहों का संयोग न उपस्थित हो या फिर चंद्रमा बली हो तो ऐसी कुण्डली वाले लोग सट्टा, लाटरी, शेयर मार्केट, जुए आदि में बहुत जल्दी अथाह धन कमाने में सफल रहते हैं. इसके अलावा यदि जातक की जन्म कुण्डली में अष्टम भाव बेहद मजबूत हो तो भी सट्टा, लाटरी, शेयर आदि में अच्छा लाभ कमाने का योग बनता है. यही नहीं जिसकी कुंडली में अष्टम भाव मजबूत होता है तो वह विरासती संपत्ति में जमीन-जायदाद भी प्राप्त करता है.

“जिन लोगो की कुंडली में पंचमेश नीच राशि मे हो, छटे, आठवे या बारहवे भावमे हो, पंचम भाव में पाप योग बन रहे हों, लाभेश पाप भाव में हो या लाभ स्थान और लाभेश पीड़ित हों उन्हें शेयर मार्किट में इन्वेस्ट नहीं करना चाहिए ऐसे में हानि की अधिक सम्भावनाहोती है.”

इसके अतिरिक्त कुंडली में चल रही ग्रह दशायें और गोचर ग्रह,वर्तमान में लाभ या हानि को निश्चित करते हैं इसलिए किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श के बाद ही इस क्षेत्र भाग्य आजमाएं.

ध्यान रखें —

सट्टा, जुआ, लॉटरी, शेयर मार्केट ये सभी ज्योतिष में राहू के अधीन माने जाते हैं. सट्टा, लॉटरी, शेयर मार्केट, कमोडिटी बाजार ये सभी राहु के ही कर्मक्षेत्र हैं. अतः सबसे पहले हमें यह समझ लेना चाहिए कि सट्टा, लॉटरी, शेयर मार्केट या कमोडिटी बाजार में लाभ-हानि का गणित केवल बाजार के अनुसार नहीं चलता. इसका सबसे अधिक संबंध व्यक्ति विशेष की किस्मत से है. यही कारण है कि जब मंदी के दौर में पूरी दुनिया डूब रही होती है, कुछ लोग उस निराश माहौल में भी कमा कर करोड़पति बन जाते हैं.

इन उपाय से हो सकता हैं लाभ—

– यदि आप भी शेयर मार्केट में किस्मत आज़माना चाहते हैं तो पन्ना रत्न इसमें आपकी मदद कर सकता है. किसी अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श लेकर ही धारण करें.

– सुबह-शाम राहु के मंत्र का जाप करें.

– बुधवार और शुक्रवार के दिन मछलियों को आटे की गोलियां बनाकर खिलाएं.

– अपने साथ नीले रंग का चमकीला रुमाल रखें.

ज्योतिषाचार्य पंडित दयानद शास्त्री 

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