बौद्ध संग्रहालय में होगी डिजिटल गाइड
गोरखपुर, 26 मार्च; सरकार ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यटन को बढ़ावा देने में जुटी है. उसने गोरखपुर को एक और तोहफा दिया है. राजकीय बौद्ध संग्रहालय में रखी मौर्य काल, गुप्त काल और मध्यकालीन मूर्तियों का इतिहास जानने के लिए पर्यटकों को किसी गाइड की जरूरत नहीं होगी. निदेशालय के डिजिटल पर्सनल गाइड के प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए शासन ने इसके लिए 33.07 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत कर दी है. कार्यदायी संस्था यूपी डेस्को इसका काम जल्द से जल्द शुरू करने की तैयारी में है.
यह भी पढ़ें-झारखंड के इटखोरी में बनेगा विश्व का सबसे बड़ा बौद्ध स्तूप
शहर के तारामंडल क्षेत्र में स्थित राजकीय बौद्ध संग्रहालय सैलानियों के लिए पर्यटन का महत्वपूर्ण स्थान है. इस संग्रहालय में पाषाण काल से लेकर मध्य काल तक की पुरातात्विक चीजें धरोहर के रूप में रखी गई हैं. इस संग्रहालय में बुद्ध, हिंदु और जैन धर्म से जुड़ी ऐसी तमाम पेटिंग, मूर्तिया और अन्य सामान हैं जो प्राचीन भारत के इतिहास से सैलानियों को अवगत कराती हैं. कई बार सैलानियों को इन धरोहरों के बारे में जानकारी के लिए गाइड का सहारा लेना पड़ता था. ऐसे में उप्र संग्रहालय ने इसके लिए डिजिटल पर्सनल गाइड बनाने का प्रस्ताव शासन में भेजा था.
डिजिटल पर्सनल गाइड एक कम्प्यूटरीकृत उपकरण होगा, जो यहा रखे विशेष धरोहरों का इतिहास बताएगा. यहा साउंड सिस्टम के साथ स्क्रीन पर डिस्प्ले भी किया जा सकता है. निदेशालय के इस प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए शासन ने इसके लिए 33.07 लाख रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है. प्रस्ताव पर बजट के आवंटन की प्रक्त्रिया पूर्ण होने के बाद अब इसके निर्माण का काम भी जल्द शुरू होने की उम्मीद जग गई है. उप्र शासन के उपसचिव लुटावन राम ने उप्र संग्रहालय निदेशालय के निदेशक को इस संबंध में जानकारी दी है. इस कार्य के लिए यूपी डेस्को को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है, जिसे जल्द से जल्द कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं.
यह भी पढ़ें-महात्मा बुद्ध के बौद्ध दर्शन को पूरी दुनिया के लोगों ने अपनाया : नीतिश कुमार
बौद्ध संग्रहालय की डिजिटल पर्सनल गाइड तैयार होने के बाद यहा आने वाले सैलानियों को यहा रखी धरोहरों के बारे में विस्तार से सही जानकारी मिलेगी. इसके लिए उन्हें किसी गाइड के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. डिजिटल गाइड तैयार होने के बाद कोई भी पर्यटक सिर्फ एक बटन दबाकर उस संबंधित धरोहर का इतिहास जान सकेगा.
उप निदेशक, राजकीय बौद्ध संग्रहालय डा. मनोज कुमार का कहना है कि डिजिटल पर्सनल गाइड के लिए हम लोगों ने शासन में प्रस्ताव बनाकर भेजा था. इसके लिए बजट स्वीकृत होने के बाद अब इस काम में तेजी आएगी. पर्यटकों को इससे काफी लाभ होगा.
Editorial Review Note
Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.
Leave a Reply