पार्लियामेन्ट से पर्यावरण की यात्रा

- स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, साध्वी भगवती सरस्वती जी एवं संसद सदस्य श्री जैक गोल्डस्मिथ के साथ हाउस आॅफ काॅमन्स में हुई बैठक
- चर्चा के प्रमुख विषय नदी संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, सीवेज प्वांइट को सेल्फी प्वांइट के रूप में तब्दील करना, ग्रीन और क्लीन कुम्भ मेला, नदियों के तटों पर वृहद स्तर पर वृक्षारोपण, सतत विकास लक्ष्य को हासिल करना
- विभिन्न धर्मो के धर्मगुरूओं को संगठित कर स्वच्छ जल एवं स्वच्छता के लिये कार्य करना
लन्दन 5 जुलाई। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, गंगा एक्शन परिवार के प्रणेता एवं ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस के सह-संस्थापक स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज एवं जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी की संसद सदस्य, लन्दन जैक गोल्डस्मिथ के साथ हाउस आॅफ काॅमन्स में बैठक सम्पन्न हुयी।
इससे पहले जैक गोल्डस्मिथ की साध्वी भगवती सरस्वती जी से मुलाकात दादा जेपी वासवानी जी की 100 वीं जंयती समारोह में हुई थी। उस समय भी पर्यावरण एवं जल संरक्षण के विषयों पर विशद विचार विमर्श कर निर्णय लिया गया था कि दुनिया भर के विभिन्न जल और पर्यावरण विशेषज्ञ एक साथ मिलकर इस ग्लोबल समस्या का समाधान निकाले तो सकारात्मक परिणाम प्राप्त किये जा सकते है।

जैक गोल्डस्मिथ संसद बनने से पहले एक दशक तक पारिस्थितिक विज्ञान पत्रिका को निर्देशित और सम्मादित किया था। उन्हे मिखाइल गोर्बाचेव ग्लोबल ग्रीन अवाॅर्ड से सम्मानित किया गया। श्री जैक ने पर्यावरण के क्षेत्र में अद्भुत योगदान दिया है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने श्री जैक गोल्डस्मिथ से नदियों के संरक्षण में प्रदूषित होते जल के विषय में चर्चा करते हुये उत्तराखण्ड, ऋषिकेश में चन्द्रभागा प्रदूषित नाला जो कई वर्षो से गंगा में मिल रहा था। उस नाले को डच तकनीकी एवं जिओ ट्युब तकनीकी द्वारा स्वच्छ एवं उपयोग करने योग्य जल में परिवर्तित करने के विषय में जानकारी प्रदान की। स्वामी जी ने कहा, अब दुनिया के हर सीवर प्वाइंट को सेल्फी प्वाइंट में बदलने का समय आ गया है।
स्वामी जी ने कहा कि प्राणदायिनी नदियों के प्रवाह को अविरल बनाए रखने और उन्हे प्रदूषण मुक्त करने साथ ही नदियांे के तटों को हरियाली से युक्त करने पर जोर देना होगा। नदी के किनारो पर कम से कम 200 मीटर के दायरे में सघन वृक्षारोपण किया जाना चाहिये। उन्होने बताया कि रिस्पना नदी देहरादून और इलाहाबाद में सरकार, विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से वृहद स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है ताकि मृतप्राय नदियों को प्राणवान बनाया जा सके।
जैक गोल्डस्मिथ ने कहा कि ईको-सिस्टम या पारिस्थितिकी तंत्र को बनाये रखना 21 सदी की जरूरत है। बिना पारिस्थितिकी तंत्र के पृथ्वी और प्राणियों का तंत्र प्रदूषित हो जायेगा। उन्होने कहा कि जंगल, जमीन और जीवन का आपस में गहरा सम्बंध है, जंगल और जमीन प्रदूषण मुक्त रहेगे तभी जीवन स्वस्थ रह सकता है। जीवा की अन्तर्राट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि दुनिया में रहने वाले समस्त प्राणियों को प्राणवान बने रहने के लिये प्राणवायु आॅक्सीजन की जरूरत है और वह प्राणतत्व वृक्षो में समाहित है। अतः अपनी आने वाली पीढ़ियों के जीवन हेतु वृक्षों का पोषण करना नितांत आवश्यक है। जैक गोल्डस्मिथ ने कहा कि स्वामी जी के साथ हुयी चर्चा में भारत में व्याप्त जल की समस्याओं के विषय में जानकारी प्राप्त हुई। जल की समस्या किसी एक राष्ट्र की नहीं बल्कि पूरे प्लानेट की है अतः इस हेतु मिलकर अवश्य प्रभावी कदम उठाये जायेंगे।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने इलाहाबाद में मनाये जाने वाले स्वच्छ और हरित महाकुम्भ में सहभाग हेतु जैक गोल्डस्मिथ को आंमत्रित किया। उन्होने इस निमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करते हुये आश्वस्त किया की वे अवश्य महाकुम्भ में सहभाग करेंगे।
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

Leave a Reply