स्वामी चिदानन्द सरस्वती का 68वां जन्मदिवस : घर-घर तुलसी, हर घर तुलसी का आह्वान
- हर घर और हर घट में जले पर्यावरण का दीप
- स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने अपने 68 वें जन्मदिवस के अवसर पर वेबनार के माध्यम से देश और विदेश में रह रहे अनुयायियों को श्री तुलसी जी रोपण का संकल्प कराया
- आज के युग में मानवता की वेदना को अपने में समेटे सम्पूर्ण मानवता के लिये जीने वाले पथिक पूज्य स्वामी जी आपको हम सभी की ओर से शत्-शत् नमन
ऋषिकेश, 3 जून। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, ग्लोबल इंटरफेथ वाश एलायंस के सह संस्थापक एवं गंगा एक्शन परिवार के प्रणेता स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज का 68 वें जन्मदिन के अवसर पर परमार्थ निकेतन में सोशल डिसटेंसिंग का गंभीरता से पालन करते हुये प्रातःकाल विशेष हवन का किया। तत्पश्चात स्वामी जी ने परमार्थ प्रांगण में तुलसी जी के पौधा किया।

आज पूज्य स्वामी जी के जन्मदिवस पर विश्व शान्ति एवं कोरोना से मुक्ति के लिये महामृत्युजंय मंत्र, गायत्री महामंत्र, अन्य वैदिक मंत्र एवं ’’ऊँ शान्त कोरोना शान्त स्वाहा’’ के दिव्य मंत्रों की आहुतियों से हवन किया।

शरीर के 68 वर्ष पूर्ण होने पर स्वामी जी ने संदेश दिया कि ’’जीवन ही सर्वोत्तम उपहार है। उन्होंने अपने अनुयायियों से निवेदन किया कि इस बार या कभी भी कोई उपहार न भेजे। कृपया अपने-अपने घरों में श्री तुलसी जी का रोपण करें यही मानवता के लिये दिव्य उपहार होगा।’’
स्वामी जी ने जन्मदिवस पर तुलसी जी के रोपण का संदेश देते हुये कहा कि ’’घर-घर तुलसी, हर घर तुलसी, जय-जय तुलसी, जग में तुलसी। अब समय आ गया है, श्री तुलसी जी के महत्व को पूरा विश्व समझे। भारतीय दर्शन और संस्कृति में श्री तुलसी जी का विशेष महत्व हैं। श्री तुलसी जी चमत्कारी महाऔषधी एवं अनेक औषधीय गुणों से युक्त है। अपने ग्रंथों में, भारतीय जीवन में और गांवों से लेकर शहरों तक, हर घर में तुलसी जी को बहुत ही पवित्र स्थान दिया गया है। आध्यात्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं स्वास्थ्य की दृष्टि से तथा सब तरह से तुलसी जी ने सभी को जोड़ा है।

वैज्ञानिक आधार पर कहा गया है कि तुलसी जी की लकड़ी में विशेष विद्युतीय गुण होता है इसलिये लोग तुलसी की माला धारण करते हैं। जिससे शरीर में विद्युतीय प्रभाव बढ़ जाता है, परिणाम स्वरूप हम अनेक रोगों के आक्रमण से बच जाते है। तुलसी जी रोगों से हमारी रक्षा करती है, तुलसी जी ने पूरे विश्व में अद्भुत पहचान बनायी है, अथर्ववेद के अनुसार तुलसी जी में त्वचा सम्बंधित अनेकों रोगों को नष्ट करने की शक्ति है। साथ ही आयुर्वेद के अनुसार तुलसी सबसे गुणकारी और उत्तम औषधि है।

महर्षि चरक और सुंश्रुत जी ने भी श्वास रोग, पार्श्वशूल, वातनाशक, कफनाशक, अपचन, खांसी आदि अनेक रोगों में तुलसी जी को अत्यधिक लाभदायक माना है। तुलसी जी शरीर में रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ने का सर्वोत्तम माध्यम है। मुझे तो लगता है कोरोना के काल में तुलसी महाऔषधि, कोरोना का महाकाल बनकर आयी है।
पर्यावरणविदों ने भी तुलसी जी के पौधों को पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक माना है; पर्यावरण को शुद्ध करने वाला पौधा माना है तथा इसमें मानव को स्वस्थ करने के चमत्कारी गुण बताये हैं। आयुर्वेद हो या होमियोपैथी, यूनानी हो या घरेलू नुस्खे हों सभी ने तुलसी जी को औषधिय गुणों से युक्त पाया है। पर्यावरण के संतुलन के लिये आत्मिक विकास के लिये, शरीर के शोधन के लिये, इम्यूनिटी के संर्वद्धन के लिये, घर-घर में तुलसी जी का रोपण करें। आज हमने जन्मदिवस पर सभी से निवेदन किया कि जन्मदिवस पर कोई भी उपहार न भेजें अगर कुछ करना चाहते है तोे हर घर में; हर घट में तुलसी हो इसका संकल्प लें और इस कार्य को आगे बढ़ाये बस यही सबसे बड़ी भेंट होगी, आज अपने जन्मदिन के अवसर पर स्वामी जी ने यह दिव्य निवेदन अपने भक्तों और अनुयायियों से किया।
वास्तव में पूज्य स्वामी जी आज के युग में मावनता की वेदना को अपने में समेटे सम्पूर्ण मानवता के लिये जीने वाले पथिक हैं आपको हम सभी की ओर से शत्-शत् नमन।
कोरोना काल में जिन कोरोना वाॅरियर्स ने सेवा करते हुये आपने जीवन को खोया, कोरोना महामारी के कारण जिन्होंने अपने जीवन को खोया तथा इस आपदा के समय वे मजदूर जिन्होने देश को अपने पसीने से सींचा पर खुद भूख और गरीबी की जंग हार गये उन सभी की आत्मा की शान्ति के लिये विशेष आहूतियां प्रदान की गयी। कोरोना काल में जो हमारे फ्रंट लाइन वर्कर्स हैं उनकी शक्ति और मनोबल बना रहे, इस हेतु विशेष प्रार्थना की। साथ ही जो लोग अपने घरों और अस्पतालों में कोरोना से जंग लड़ रहे हैं, उनके लिये मंगल कामनायें एवं विशेष की।
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
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