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छोटी काशी में माघ महोत्सव का आगाज:  संस्कार, संस्कृति और सामाजिक विकास पर मंथन

छोटी काशी में माघ महोत्सव का आगाज:  संस्कार, संस्कृति और सामाजिक विकास पर मंथन

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छोटी काशी में माघ महोत्सव का आगाज:  संस्कार, संस्कृति और सामाजिक विकास पर मंथन

छोटी काशी में माघ महोत्सव का आगाज:  संस्कार, संस्कृति और सामाजिक विकास पर मंथन

बसंत पंचमी पर जयपुर में राज्य स्तरीय माघ महोत्सव का आगाज हुआ। इस मौके पर प्रदेश भर के संत जुटे। संत सम्मेलन में जीवनशैली, संस्कृति और संस्कारों के जरिए सामाजिक विकास पर चर्चा हुई। संतों ने अपने संबोधन में प्रदूषित होती संस्कृति के दुष्परिणामों के बारे में बताया। इस मौके पर दिव्य भारत की भूमिका में संतों का योगदान विषय पर कॉन्फ्रेंस भी हुई। संतों ने भोजन और आचरण की शुद्धता पर खास जोर दिया। साथ ही पवित्रता की राह पर चलकर दिव्यता हासिल करने का मंत्र भी दिया। हर काल में संतों ने सामाजिक और राष्ट्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संतों ने भारतीय संस्कारों की ताकत के बारे में बताते हुए संस्कृत और हिंदी के महत्व को भी समझाया।

राजस्थान संस्कृत अकादमी, राजस्थान संस्कृत शिक्षा समिति और देवस्थान विभाग की ओर से ये आयोजन किया जा रहा है। जयपुर स्थित कृषि अनुसंधान केंद्र, दुर्गापुरा में यह यह आयोजन हुआ। इस मौके पर दानशील सम्मान समारोह का आयोजन भी किया गया जिसमें प्रदेशभर के भामाशाहों के साथ ही संतों का सम्मान भी किया गया।

ऑस्ट्रेलिया में जन्मे संत ज्ञानेश्वर पुरी भी संत सम्मेलन में शामिल हुए। इनके साथ ही संत राजेन्द्र दास, निरंजन दास, बालमुकुंदाचार्य, बिहारी दास, निरंजन नाथ, साध्वी प्रियंवदा और अलबेली माधुरीशरण समेत सैंकड़ों संत और बुद्धिजीवी शामिल हुए।

31 जनवरी तक होंगे आयोजन-

10 दिन तक चलने वाले माघ महोत्सव के तहत पूरे राजस्थान में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 24-25 जनवरी को बीकानेर के महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय संस्कृत संगोष्ठी होगी। 26 जनवरी को भरतपुर के टाउन हॉल में सांस्कृतिक समारोह एवं नाट्य मंचन का आयोजन होगा। इसी कड़ी में 27 जनवरी को जोधपुर के हनुवंत आदर्श विद्या मंदिर में संस्कृत युवा सम्मेलन होगा। 28 जनवरी को निम्बार्क शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, उदयपुर में राष्ट्रीय संस्कृत कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। 30 जनवरी को सेवा धाम, जवाहर नगर, जयपुर में संस्कृत प्रतियोगिताएं होंगी वहीं 31 जनवरी को सिरोही के एस पी कॉलेज में इस 10 दिवसीय महोत्सव का समापन होगा।

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January 24, 2018 3 min read
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