कैसे मनाया जाता है रक्षाबंधन भारत के अलग-अलग राज्यों में
रक्षाबंधन सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भाई-बहन के प्यार, विश्वास और सुरक्षा के अटूट बंधन का प्रतीक है।
भारत की सांस्कृतिक विविधता के कारण, इसे हर राज्य में अपने-अपने अनोखे तरीके और परंपराओं के साथ मनाया जाता है। आइए जानते हैं, भारत के अलग-अलग राज्यों में रक्षाबंधन के रंग-रूप और रीति-रिवाज़।
1. उत्तर भारत: पारंपरिक और भव्य उत्सव
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में रक्षाबंधन का माहौल कई दिन पहले से ही शुरू हो जाता है।
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बहनें राखी और मिठाई की खरीदारी करती हैं।
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भाई को तिलक लगाकर, आरती उतारकर राखी बांधी जाती है।
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बदले में भाई बहन को उपहार और आशीर्वाद देता है।
यहां का त्योहार रंग-बिरंगा और परिवार-केंद्रित होता है।
2. राजस्थान: लूंड़ी और कच्छा राखी की परंपरा
राजस्थान में रक्षाबंधन के दिन बहन अपने भाई के साथ-साथ भाभी के लिए भी राखी या ‘लूंड़ी’ बांधती है।
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कुछ जगहों पर ‘कच्छा राखी’ का चलन है, जो दूर के रिश्तेदारों या मित्रों को बांधी जाती है।
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यहाँ यह त्योहार भाई-बहन के साथ-साथ पूरे परिवार के संबंधों को मजबूत करता है।
3. महाराष्ट्र: नारियल पूर्णिमा और रक्षाबंधन
महाराष्ट्र में रक्षाबंधन नारियल पूर्णिमा के साथ मनाया जाता है।
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मछुआरे समुद्र की पूजा कर सुरक्षित यात्रा और अच्छी पकड़ की प्रार्थना करते हैं।
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बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है, और नारियल जल में अर्पित किया जाता है।
4. पश्चिम बंगाल और ओडिशा: झूला और झूलन यात्रा
पश्चिम बंगाल और ओडिशा में रक्षाबंधन का दिन झूलन यात्रा के उत्सव से भी जुड़ा है।
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राधा-कृष्ण की झांकी और झूले सजाए जाते हैं।
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भाई-बहन एक-दूसरे को राखी बांधकर मिठाई खिलाते हैं।
5. गुजरात: पूजा और रक्षासूत्र की परंपरा
गुजरात में रक्षाबंधन पर राखी बांधने के साथ-साथ रक्षासूत्र बांधने की भी परंपरा है।
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यह सूत्र सिर्फ भाइयों को नहीं, बल्कि गुरु, मित्र और भगवान को भी बांधा जाता है।
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यहां त्योहार धार्मिक आस्था और भाईचारे का संगम है।
6. दक्षिण भारत: अवनी अवित्तम और यज्ञोपवीत
तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में रक्षाबंधन को अवनी अवित्तम कहते हैं।
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इस दिन ब्राह्मण समुदाय यज्ञोपवीत (जनेऊ) बदलते हैं और वेद-पाठ करते हैं।
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बहनें भाइयों को राखी बांधती हैं, लेकिन यहां त्योहार का स्वरूप धार्मिक अनुष्ठानों के साथ जुड़ा हुआ है।
7. बिहार और झारखंड: कच्छा राखी का महत्व
यहां बहनें राखी बांधने के साथ-साथ भाई के ललाट पर चंदन का तिलक लगाती हैं और आरती उतारती हैं।
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राखी बांधने के बाद भाई बहन को अनाज, कपड़े और पैसे उपहार में देता है।
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यहां का त्योहार सादगी और अपनापन से भरपूर होता है।
8. नेपाल: जनै पूर्णिमा और राखी
भारत के पड़ोसी देश नेपाल में भी रक्षाबंधन को जनै पूर्णिमा के नाम से मनाया जाता है।
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यहां ब्राह्मण और क्षत्रिय समुदाय अपने पवित्र धागे (जनै) को बदलते हैं।
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बहनें भाइयों को राखी बांधती हैं और लंबी उम्र की कामना करती हैं।
रक्षाबंधन भारत की विविधता में एकता का प्रतीक है।
भले ही हर राज्य में इसे मनाने का तरीका अलग हो, लेकिन भावनाएं एक ही हैं — भाई-बहन का अटूट बंधन और स्नेह।
यह त्योहार हमें याद दिलाता है कि रिश्तों में प्यार और सम्मान सबसे बड़ा उपहार है।
~ रिलीजन वर्ल्ड ब्यूरो
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
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