शारदीय नवरात्रि 2019
- इस वर्ष सर्वार्थ सिद्धि योग एवं अमृतसिद्धि योग में होगा शारदीय नवरात्रि का शुभ आरंभ
- 8 अक्टूबर 2019 को विजयादशमी
इस वर्ष शारदीय नवरात्रि 29 सितंबर 2019 से शुरु होने जा रहे हैं। हिंदू धर्म के लोगों के लिए ये पूजा अर्चना के विशेष दिन होते हैं। इन दिनों मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की उपासना की जाती है। नवरात्रि के इन में 9 दिनों तक माता दुर्गा के 9 स्वरूपों की आराधना करने से जीवन में ऋद्धि-सिद्धि, सुख- शांति, मान-सम्मान, यश और समृद्धि की प्राप्ति शीघ्र ही होती है। माता दुर्गा हिन्दू धर्म में आद्यशक्ति के रूप में सुप्रतिष्ठित है तथा माता शीघ्र फल प्रदान करनेवाली देवी के रूप में लोक में प्रसिद्ध है। देवीभागवत पुराण के अनुसार आश्विन मास में माता की पूजा-अर्चना वा नवरात्र व्रत करने से मनुष्य पर देवी दुर्गा की कृपा सम्पूर्ण वर्ष बनी रहती है और मनुष्य का कल्याण होता है।
हमारे देश में शारदीय (आश्विन) नवरात्रि का सबसे अधिक महत्व माना जाता है, इस समय देश के लगभग सभी छोटे-बड़ें शहरो, गांवों में माँ दुर्गा की मृतिका से बनी प्रतिमा का अस्थाई स्थापना करके पूजा आराधना की जाती है। शरद ऋतु की इस आश्विन नवरात्रि को माँ दुर्गा की असुरों पर विजय पर्व के रूप में मनाया जाता है, इसलिए नौ दिनों तक माँ दुर्गा के विभिन्न नौ स्वरुपों की विशेष पूजा की जाती है।
नवरात्रि पर्व मुख्य रूप से भारत के उत्तरी राज्यों सहित सभी क्षेत्रों में धूम-धाम से मनाया जाता है। नवरात्रि में देवी दुर्गा के भक्त नौ दिनों उपवास रखते हैं तथा माता की चौकी स्थापित की जाती हैं। नवरात्रि के नौ दिनों को बहुत पावन माना जाता है। इन दिनों घरों में मांस, मदिरा, प्याज, लहसुन आदि चीज़ों का परहेज़ कर सात्विक भोजन किया जाता है।
नौ दिन उपवास के बाद नवमी या दसवीं पूजन किया जाता है जिसमें कन्या पूजन का भी विशेष महत्व है। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना करके नौ दिनों तक देवी दुर्गा की आराधना और व्रत का संकल्प लिया जाता है। नवरात्रि के दिनों में चारों ओर माता की चौकी और जगराते कर भजन कीर्तन किया जाता है।
इस बार की नवरात्रि में किसी बीजो तिथि का क्षय नहीं है। 8 अक्टूबर 2019 को विजयादशमी है इसी दिन नवरात्रि पूजन का समापन होगा। नवरात्र में लोग अपने घरों में कलश की स्थापना करते हैं।
यह रहेंगी शरद नवरात्रि की तिथियां
नवरात्रि प्रथम दिन 1 (प्रतिपदा) को देवी की अस्थाई मूर्ति की स्थापना, घटस्थापना (कलश स्थापना) होगी। पहले दिन माँ शैलपुत्री की होगी। 29 सितंबर 2019 (रविवार) को
नवरात्रि दिन 2 (द्वितीया)
मां ब्रह्मचारिणी पूजा, 30 सितंबर 2019 (सोमवार)
नवरात्रि दिन 3 (तृतीया)
मां चंद्रघंटा पूजा, 1 अक्टूबर 2019, (मंगलवार)
नवरात्रि दिन 4 (चतुर्थी)
मां कूष्मांडा पूजा, 2 अक्टूबर 2019 (बुधवार)
नवरात्रि दिन 5 (पंचमी)
मां स्कंदमाता पूजा, 3 अक्टूबर 2019 (गुरुवार)
नवरात्रि दिन 6 (षष्ठी)
मां कात्यायनी पूजा, 4 अक्टूबर 2019 (शुक्रवार)
नवरात्रि दिन 7 (सप्तमी)
मां कालरात्रि पूजा, 5 अक्टूबर 2019 (शनिवार)
नवरात्रि दिन 8 (अष्टमी)
मां महागौरी, दुर्गा महा अष्टमी पूजा, दुर्गा महा नवमी पूजा
6 अक्टूबर 2019, (रविवार)
नवरात्रि दिन 9 (नवमी)
मां सिद्धिदात्री नवरात्रि पारणा 7 अक्टूबर 2019, (सोमवार) को किया जाएगा।शारदीय नवरात्रि के नवमें दिन माँ सिद्धदात्री की आयुध पूजा, नवमी हवन, नवरात्रि पारण आदि संपन्न होगा। घट विसर्जन भी इसी दिन किया जा सकता है।
नवरात्रि दिन 10 (दशमी)
दुर्गा विसर्जन, विजय दशमी (दशहरे का महापर्व) का पर्व 8 अक्टूबर 2019, (मंगलवार) को मनाया जाएगा।शारदीय नवरात्रि के दसवें दिन दशमी तिथि को माँ दुर्गा की विदाई एवं अस्थाई रूप से स्थापित मूर्ति विसर्जन होगा।
लेख – पं. दयानंद शास्त्री, उज्जैन
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
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