महाशिवरात्रि 2020 पर बन रहे हैं तीन महासंयोग
शिव आराधना का महाशिवरात्रि पर्व है 21 फरवरी 2020 को शश, सुस्थिर व सर्वार्थ सिद्धि जैसे शुभ योगों के बीच मनेगा।
इन योगों के चलते इस दिन की शुभता में बढ़ोतरी होगी, वही श्रद्धालुओं द्वारा की गई साधना उपासना का उन्हें कई गुना पुण्य फल प्राप्त होगा। शिवालयों में इस दिन भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा अर्चना, जलाभिषेक व रात्रि जागरण के आयोजन होंगे।
महाशिवरात्रि पर इस बार 29 वर्षों बाद शश योग बन रहा हैं। इसका कारण यह है कि शनि 29 साल बाद अपनी राशि मकर में है।
इसी तरह गुरु भी अपनी राशि धनु में स्थित है। ऐसी स्थिति और चंद्र शनि के 1, 4, 7 या दसवें स्थान पर होने पर यह योग निर्मित होता है। इस योग में की गई पूजा जातक के लिए विशेष फलदायी होती है। इस दिन सर्वार्थसिद्धि व सुस्थिर योग भी रहेंगे।

पण्डित दयानन्द शास्त्री जी बताते हैं कि श्रवण नक्षत्र और चतुर्दशी के एक साथ होने पर यह योग बनते हैं। यह दोनों योग भी शुभ माने गए हैं। इस दिन की गई पूजा का विशेष फल मिलता है। इस वर्ष महाशिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग भी रहेगा। इस योग में भगवान शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना को श्रेष्ठ माना गया है। महाशिवरात्रि को शिव पुराण और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए।
शिवरात्रि की शुभता में बढ़ोतरी करेगा तीन योगों का संयोग
इस महाशिवरात्रि पर चंद्र शनि की मकर में युति के साथ पंच महापुरुष योग बन रहा है, इसे शश योग भी कहते हैं।
श्रवण नक्षत्र में आने वाली शिवरात्रि और मकर राशि के चंद्रमा का योग बनती है। यह संयोग शनि के मकर राशि में होने से और चंद्र का गोचर क्रम में शनि के अधिपत्य वाली मकर राशि में होने से शश योग का संयोग बन रहा है। इस दिन रात्रि के चारों प्रहर में शिव पूजा करना चाहिए।
शिवरात्रि है सिद्धि रात्रि
शश योग कई जातकों की कुंडली में भी होता है। इस योग वाले जातकों को शिवरात्रि पर शिव की विशेष उपासना का श्रेष्ठ फल प्राप्त होता है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती है। यह योग हंस योग, मालव्य व रूचक योग की बातें उतना ही विशेष होता है। साधना की सिद्धि के लिए दीपावली के बाद महाशिवरात्रि को सिद्धी रात्रि माना गया है।
इस वर्ष 2020 में महाशिवरात्रि की दूसरी विशेष बात ये है कि महाशिवरात्रि के पावन दिन पर सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है। जिसमें शुभ कार्य संपन्न करने से लाभ मिलता है। इसी के साथ 117 साल बाद शनि और शुक्र का दुर्लभ योग भी महाशिवरात्रि के दिन बन रहा है। इस शिवरात्रि शनि अपनी राशि मकर में मौजूद रहेंगे और शुक्र अपनी उच्च राशि मीन में रहेंगे। बताया जा रहा है कि ये स्थिति 1903 में बनी थी। इस योग के कारण भगवान शिव की अराधना करने से शनि, गुरु और शुक्र ग्रह मजबूत होंगे।
महाशिवरात्रि के दिन श्रद्धालुओं को ज्यादा से ज्यादा दान देने से पुण्य मिलता है. इसके साथ ही महाशिवरात्रि के अवसर पर साधु-संतों के साथ ब्राह्मणों और गरीबों को भोजन कराकर वस्त्र दान करना चाहिए. साथ ही गायों को हरा चारा खिलाना भी शुभ माना जाता है।
महाशिवरात्रि के अवसर पर पक्षियों को दाना डालने के साथ कुंडली लगाना भी शुभ माना जाता है। साथ ही इस दिन पीपल को जल चढ़ाने से भी शुभ फल की प्राप्ति होती है। इसके साथ साथ शिव पुराण और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना भी शुभफल दाई होता है।
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
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