अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के पश्चात हुआ ऐतिहासिक ईद मिलन समारोह

- धर्मगुरूओं ने वतन को चमन बनाये रखने का दिया संदेश
- भारत में अमन रहेगा तभी चमन खिलेगा-स्वामी चिदानन्द सरस्वती
- भारत एक गुलदस्ता है इसकी खुशबु कायम रखना हर भारतवासी का धर्म – हजरत मौलाना मदनी
ईद मिलन समारोह में स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, हजरत मौलाना महमूद मदनी साहब, हाजी मोहम्मद हारून, डाॅ मोहम्मद सलीम, 37 वें ड्राइकुंग कायबाॅन चेटसंग जी, स्वामी अग्निवेश जी एवं अन्य विद्वानों ने किया सहभाग
ऋषिकेश, 22 जून। अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विश्व के अनेक देशों ने भारतीय विधा को आत्मसात किया वहीं दूसरी ओर योग दिवस के पश्चात भारतीय धर्मगुरूओं ने ऐतिहासिक ईद मिलन समारोह आई टी सी मौर्या, दिल्ली में मनाया। इस समारोह में परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, जमीयत उलेमा ए हिन्द के महासचिव हजरत मौलाना महमूद मदनी साहब, प्रमुख जीमयत उलेमा एम पी हाजी मोहम्मद हारून, 37 वें ड्राइकुंग कायबाॅन चेटसंग रेनपोंजे जी, स्वामी अग्निवेश जी, पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी जी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव श्री सीताराम येचुरी जी, इन्डिया टीवी के प्रमुख श्री रजत शर्मा जी एवं अन्य धार्मिक विद्वान, मीडिया जगत, उद्योगजगत की गणमान्य विभूतियों ने सहभाग किया।
ईद समारोह के माध्यम से धर्मगुरूओं ने मिलकर रहने और देश में अमन और खुशहाली बनाये रखने का आह्वान किया। देश के युवाओं को संदेश दिया कि जाति-पाति, भेदभाव, धर्म, द्वेष से उपर उठकर अपने वतन को चमन बनाने तथा अमन स्थापित करने के लिये कार्य करे।

मीडिया को सम्बोधित करते हुये स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा, ’अपने वतन को चमन बनाये रखने के लिये आगे बढ़े, भारत में शान्ति स्थापित करने के लिये कार्य करे। देश में अमन रहेगा तभी चमन खिला रहेगा इसलिये सभी को मिलकर अपने वतन के लिये कार्य करना होगा। स्वामी जी ने कहा कि हम सभी ने अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया अब हमें ’योग इन एक्शन’ के साथ हम एक दूसरे का सहयोग करे। एक-दूसरे का उपयोग नहीं बल्कि सहयोग करे। अब समय आ गया कि हम देश में एकता और अखंडता को कायम करने के नये-नये प्रयोग करे ताकि जो इस देश की फिदरत है; कुदरत है और स्वभाव है उसी के अनुरूप हमे प्रयोग करने चाहिये। उन्होने कहा कि इस तरह के प्रयोग ही सबसे बड़ा योग है, हम एक-दूसरे को आश्वासन दे अर्थात आश्वासन योग करे और विश्वास दिलायें की कुछ भी हो जाये हम अपने देश की एकता को बनाये रखेंगे।’
जमीयत उलेमा ए हिन्द के महासचिव हजरत मौलाना महमूद मदनी साहब ने कहा, ’’भारत एक गुलदस्ता है और हम उस गुलदस्ते के एक फूल है। इस गुलदस्ते की खुशबु को बनाये रखने के लिये हम सब को एकता, सद्भाव और भाईचारे का पोषण देना होगा तभी यह वतन खुशहाल बना रहेगा।’’

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुये रूद्राक्ष का पौधा विभिन्न धर्मो के धर्मगुरूओं को भेंट किया। उन्होने कहा कि आगामी मानसून में हम हरियाली संर्वद्धन हेतु मिलकर कार्य करे और हरियाली के संदेश को प्रसारित करने में अपना योगदान प्रदान करे क्योकि पर्यावरण बचेगा तो प्रार्थनायें बचेगी; पर्यावरण बचेगा तो प्राणी बचेंगे तथा पर्यावरण बचेगा तो पृथ्वी बचेगी। स्वामी जी ने कहा, बड़े दिन पर बड़े दिल के साथ आगे बढ़े और साथ-साथ मिलकर कार्य करे।
ईद मिलन समारोह में उपस्थित स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, हजरत मौलाना महमूद मदनी साहब और 37 वें ड्राइकुंग कायबाॅन चेटसंग रेनपोंजे जी ने पर्यावरण संरक्षण के लिये मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया तथा देश वासियों को भी मिलकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
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