परमार्थ निकेतन और HDFC Bank मिलकर करेंगे पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ भारत के लिये कार्य

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परमार्थ निकेतन और HDFC Bank मिलकर करेंगे पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ भारत के लिये कार्य

  • परमार्थ निकेतन से चलते-चलते प्रबंध निदेशक एचडीएफसी बैंक श्री आदित्य पुरी जी ने लिये तीन संकल्प
  • प्रत्येक संस्था और प्रत्येक व्यक्ति को निभानी होगी पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी मेरा कचरा, मेरी जिम्मेदारी – स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश, 3 अगस्त । प्रबंध निदेशक एचडीएफसी बैंक श्री आदित्य पुरी जी सपरिवार परमार्थ निकेतन प्रवास पर थे उनके साथ श्रीमती पुरी जी, उनकी अभिनेत्री  सुपुत्री अमृता पुरी और एचडीएफसी बैंक के सीएसआर के वरिष्ठ अधिकारी श्री शशिधर जगदीश जी भी थे। परमार्थ निकेतन से चलते-चलते स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निघ्य और प्रेरणा से श्री आदित्य पुरी जी ने तीन संकल्प लिये। साथ ही उन्होेंने घोषणा कि की परमार्थ निकेतन और एचडीएफसी बैंक पर्यावरण संरक्षण और ओजीएफ ( ओपन गार्बेज फ्री ) स्वर्गाश्रम, ऋषिकेश और देवप्रयाग के लिये मिलकर कार्य करेंगे।

स्वामी जी महाराज ने कहा कि भारत के ऊर्जावान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने बहुत ही कम समय में भारत में लगभग 9 करोड़ शौचालयों का निर्माण कर भारत  को खुले में शौच से मुक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है,  अब हम सभी का कर्तव्य है कि उनके संकल्प को अपना संकल्प बनाकर खुले में शौच से मुक्त, श्रेष्ठ, स्वच्छ और सुन्दर भारत बनाने में योगदान प्रदान करें। स्वामी जी महाराज ने कहा कि ओडीएफ भारत के साथ अब भारत को ओजीएफ ( ओपन गार्बेज फ्री ) भारत बनाना है और इस हेतु निरन्तर प्रयासों की नितांत अवश्यकता है क्योंकि हमारे भारत में जहां देखो गंदगी, कूड़े-कचरे के ढ़ेर लगे हैं उस पर मक्खियां भिनभिनाती हैं और वही मक्खियां हमारे भोजन को दूषित करती है, जिससे अनेक बीमारियों का सामना करना पड़ता है।

स्वामी जी ने बताया कि लक्ष्मण झूला क्षेत्र, ऋषिकेश शहर और देवप्रयाग प्रथम चरण में इन तीनों स्थानों में ओजीएफ ( ओपन गार्बेज फ्री ) योजना के तहत कूड़ा प्रबंधन का प्रयास किया जायेगा इस हेतु एचडीएफसी बैंक के साथ योजना बनायी जायेंगी, यह प्रयास सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ तो दूसरे चरण में हरिद्वार और अन्य शहरों के लिये योजना बनायी जा सकती हैं। उन्होने बताया कि इस योजना के तहत हम कूड़े-कचरे को डंप नही करेंगे बल्कि उसकी एक सुचारू व्यवस्था की जायेगी, जिसके द्वारा कचरे से खाद बनायी जायेगी और उस खाद को बगीचों के लिये उपयोग में लाया जायेगा इस प्रकार हम कचरे से कंचन की यात्रा की ओर आगे बढ़ सकते हैं।

स्वामी जी ने कहा कि हम स्वर्गाश्रम, ऋषिकेश और देवप्रयाग शहर की बात करें तो छोटे-छोटे प्रकृति की गोद में बसे प्यारे से शहर है। ऋषिकेश तो योग की जन्मभूमि के रूप में पूरे विश्व में ख्याति प्राप्त है आज वह कचरे और मक्खियों से पटा हुआ है। अगर कूड़े का सूचारू रूप से निदान लगाया जाये तो गंदगी, मक्खियों, और बीमारियों से निजात मिल सकती हैं।

स्वामी जी ने कहा कि हमारे अन्दर यह भाव उत्पन्न होना चाहिये कि मेरा शहर सुन्दर हो, प्रकृति ने उसे जो सुन्दरता दी है उसे बरकरार रखे तथा मेरा कचरा मेरी जिम्मेदारी है तो उसका निपटारा भी मैं कंरू तभी हम अपने  शहर को स्वच्छ, सुंदर और हरित बना सकते है। उन्होने सभी से आह्वान किया कि आईये इस स्वच्छता कि मुहिम में सहयोग करे और स्वच्छ स्वर्गाश्रम, स्वच्छ ऋषिकेश और स्वच्छ देवप्रयाग बनाने हेतु आगे आये।

स्वामी जी महाराज ने कहा कि वर्ष 2021 में हरिद्वार महाकुम्भ का आयोजन होने वाला है, हम सभी हरिद्वार, ऋषिकेश और उत्तराखण्ड वासी उसके मेजबान होंगे  देश-विदेश से कुम्भ में आस्था की डुबकी लगाने श्रद्धालु आयेंगे इसलिये हमें अपने मेहमानों का स्वच्छता से स्वागत करने के लिये तैयार रहना पड़ेगा और उसकी तैयारी हमें आज से ही करनी होगी। उन्होने कहा कि हमारी तो परम्परा भी ’’अतिथि देवो भव’’ की है  अतः आईये इस प्यारी सी जिम्मेदारी का मिलकर निर्वहन करें और अपने शहर और राज्य को स्वच्छ और हरित बनाने में सहयोग प्रदान करें।

विश्व के ख्याति प्राप्त सीईओ में शुमार एचडीएफसी बैंक के प्रबंध निदेशक श्री आदित्य पुरी जी को उनके इस पावन संकल्प के लिये स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने आशीर्वाद दिया तथा भगवान गणेश की दिव्य प्रतिमा भेंट की ताकि उनका यह पावन संकल्प निर्विध्न सम्पन्न हो सके। साथ ही एचडीएफसी बैंक सीएसआर के वरिष्ठ अधिकारी श्री शशिधर जगदीश जी का अभिनन्दन करते हुये रूद्राक्ष का पौधा स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने भेंट किया।

विश्व स्तर पर स्वच्छ जल की आपूर्ति हेतु स्वामी जी महाराज के साथ श्री आदित्य पुरी जी, श्रीमती पुरी, अमृता पुरी और श्री शशिधर जगदीश पुरी जी ने वाटर ब्लेसिंग सेरेमनी सम्पन्न की। ओजीएफ भारत के लिये मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

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