बोधगया, 18 मार्च; भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। सरकार के एहतियातन आदेश को देखते हुए बोधगया में विदेशी बौद्ध मंदिरों में ग्रुप में मेडिटेशन और चैन्टिंग करना बंद है।
मंगलवार से बोधगया महाबोधि सोसायटी ऑफ इंडिया(श्रीलंकाई बौद्ध मंदिर) का गेट दो दिनों के लिए बंद रखने का फैसला मंदिर प्रबंधन ने लिया है।
जानकारी के अनुसार बोधगया के ज्यादातर बौद्ध मंदिरों में चैटिंग, प्रेयर मेडिटेशन बंद कर दिया गया है। महाबोधि सोसायटी के एक कर्मी ने बताया कि कोरोना वायरस से सुरक्षा को देखते हुए मंदिर का गेट फिलहाल दो से तीन दिनों के लिए बंद किया गया है।
यहां के अलावे भारत में सारनाथ, लुंबनी, कुशीनगर में मौजूद सोसायटी के मंदिर भी बंद रखने का निर्णय लिया गया है। हालांकि मंदिर में रोज की तरह पूजा पाठ होते रहेंगी। ऐसे में बोधगया घूमने आए पर्यटक बंद पड़ी मंदिरों का दर्शन व पूजा नहीं कर सकेंगे।
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श्रीलंका सरकार ने जारी की एडवाइजरी
कोरोना वायरस के खौफ के कारण श्रीलंका सरकार ने भारत में मौजूद अपने देश वासियों को वापस देश लौटने का एडवाइजरी जारी कर दी है।
इस आदेश के बाद बोधगया में महाबोधि मंदिर का दर्शन और पूजा करने पहुंचे श्रीलंकाई बौद्ध श्रद्धालुओं को बोधगया से वापस श्रीलंका लौटना होगा।
बौद्ध मंदिर के एक भिक्षु ने बताया कि श्रीलंका सरकार की एडवाइजरी पत्र आया है। 19 मार्च तक सभी पर्यटकों को दिल्ली पहुंचने को कहा गया है।
दिल्ली से श्रीलंका की सरकारी विमान उनको वापस श्रीलंका ले जाया जाएगा। बोधगया में अभी 200 से ज्यादा श्रीलंकाई पर्यटक हैं। वहीं बोधगया आने पर विदेशी पर्यटकों पर फिलहाल रोक लगी है।
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