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100 फीट ऊंचा शिव ध्वज लहराकर मनाई गई महाशिवरात्रि

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100 फीट ऊंचा शिव ध्वज लहराकर मनाई गई महाशिवरात्रि

100 फीट ऊंचा शिव ध्वज लहराकर मनाई गई महाशिवरात्रि

  • 100 फीट ऊंचा लहराकर मनाया गया शिव ध्वज, हजारों लोगों ने की साधना
  • विकारों को परमात्मा शिव पर अर्पण कर सदगुणों को अपनाने की अपील

आबू रोड, 21 फरवरी, निसं। हजारों की संख्या में लोगों का उमड़ा हुजुम, मन में परमात्मा शिव का आशीष पाने की ललक और तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंजते आसमान से पूरा माहौल अध्यात्मय हो गया। प्रात: काल ध्यान साधना के बाद ब्रह्माकुमारीज संस्थान के शांतिवन स्थित सम्मेलन सभागार के ग्राउण्ड में कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए ब्रह्माकुमारीज संस्थान की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी ने कहा कि परमात्मा शिव के अवतरण का यादगार है महाशिवरात्रि का पर्व। जब हम अपनी बुराईयों को अर्पण करते है तो परमात्मा उसके बदले सदगुणों  से भर देते हैं।

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उन्होंने लोगों से अपील की कि आज हमारे जीवन का श्रेष्ठ दिन है। क्योंकि परमात्मा ने अवतरित होकर इस दुनिया को बदलने का महान कार्य किया है। जब इस दुनिया में अत्याचार और अधर्म अपनी चरम सीमा पर होता है। तब परमात्मा को इस सृष्टि पर आना पड़ता है। परमात्मा के इस महान कार्य को ही शिवरात्रि के रूप में मनाते हैं। इसलिए आज परमात्मा को इस सृष्टि पर आये 84 वर्ष हो गये। राजयोग ध्यान के जरिए मनुष्य को नर से नारायण बनाने का कार्य कर रहे हैं।

ब्रह्माकुमारीज संस्था के महासचिव बीके निर्वेर ने कहा कि आज परमात्मा को इस धरती पर अवतरित हुए 84 वर्ष हो गये। अज्ञान की रात्रि में परमात्मा शिव का आना ही शिवरात्रि कहलाता है। यह परमात्मा के अवतरण की स्मृति है। इसलिए आज के दिन लोगों को शिव मंदिरों में भांग धतूरा, अक का फूल चढ़ाना इस बात का द्योतक है कि परमात्मा केवल बुराईयों को ही लेकर अच्छाईयां देते हैं। इसलिए हमें अपनी बुराईयों को उनके उपर चढ़ाना चाहिए।

कार्यक्रम में शांतिवन की कार्यक्रम प्रबन्धिका बीके मुन्नी ने कहा कि हमारे अन्दर जो भी विकार उसे समाप्त करने का प्रयास करना चाहिए। आज के दिन परमात्मा ने जीवन में सदगुणों को उतारने का दिन है। इसलिए आज के दिन संकल्प करें कि हमें ही अपने जीवन में गुणों को धारण कर श्रेष्ठ बनना है। इस समारोह में मीडिया प्रभाग के अध्यक्ष बीके करूणा, ब्रह्माकुमारीज संस्थान के कार्यकारी सचिव बीके मृत्युंजय, शांतिवन प्रबन्धक बीके भूपाल ने लोगों से आह्वान किया कि वे जीवन में श्रेष्ठ संस्कारों को अपनायें।

इस अवसर पर विशाल केक काटकर परमात्मा शिव का 84वां शिवजयन्ती मनायी गयी। जिसमें हजारों लोगों ने शरीक होकर विश्व शांति की कामना की। प्रात: काल से ही ध्यान साधना का दौर चला और लोगों ने परमात्मा शिव के उपर अपने बुराईयोंं को अर्पण कर श्रेष्ठ संस्कारों को धारण करने की अपील की।

सौ फीट का लहराया शिव ध्वज: शांतिवन में शिवजयन्ति के अवसर पर सौ फीट का शिव ध्वज लहराया गया। जिससे लोगों ने तालियों की गडग़ड़ाहट से स्वागत किया।

ये भी रहे उपस्थित: इस अवसर पर सोशल एक्टिविटी ग्रुप के अध्यक्ष बीके भरत, ग्लोबल हास्पिटल के चिकित्सा निदेशक डॉ प्रताप मिडढा, डॉ बनारसी, यूरोपियन सेवाकेन्द्रां की निदेशिका बीके जयंति, रसिया की बीके सुधा, जर्मनी की बीके सुदेश, जापान की बीके रजनी समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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Editorial Review Note

Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. .

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February 22, 2020 3 min read
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