स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज का देहावसान

 In Hinduism

भारत माता मंदिर के संस्थापक निवृत्त शंकराचार्य स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज का देहावसान

नयी दिल्ली, 25 जून; निवृत्त-जगद्गुरू शंकराचार्य ,पद्मभूषण पूज्य गुरुदेव स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज आज प्रातः 25 जून मंगलवार में अपना पाञ्चभौतिक शरीर त्यागकर ब्रह्मलीन हो गये. वह हरिद्वार में भारत माता मंदिर के संस्थापक भी थे. 26 जून बुधवार को भारतमाता जनहित ट्रस्ट के “राघव कुटीर” के आंगन में उन्हें शाम चार बजे समाधि दी जाएगी.

वह पिछले 15 दिनों से गंभीर रूप से बीमार थे और उनका देहरादून के मैक्स हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था. लंबे समय तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद उन्हें 5 दिन पहले हरिद्वार स्टेट उनके आश्रम ले आया गया था. यहीं पर उनकी कुटी को आईसीयू में तब्दील कर उनका इलाज चल रहा था. साथ ही उनके दीर्घायु होने की कामना को लेकर धार्मिक अनुष्ठान भी किए जा रहे थे.

स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी को उनके निवास स्थान राघव कुटीर में बुधवार को समाधि दी जाएगी. सत्यमित्रानंद गिरी के ब्रह्मलीन होने से संत समाज में शोक की लहर दौड़ गई है और देशभर के सभी प्रमुख संतो का राघव को ट्वीट पहुंचना शुरू हो गया है. स्वामी अवधेशानंद गिरी, जगतगुरु राज राजेश्वर आश्रम महामंडलेश्वर अभी चेतनानंद महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद स्वामी विवेकानंद भूमा पीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ ने उनके ब्रह्मलीन होने पर शोक व्यक्त किया है

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