अगर आप 2027 में शादी की योजना बना रहे हैं, तो सबसे पहले यह जान लें – विवाह मुहूर्त 2027 के अनुसार पूरे साल में लगभग 90 से अधिक शुभ विवाह दिन उपलब्ध हैं, लेकिन ये समान रूप से बंटे हुए नहीं हैं। मई 2027 सबसे अधिक (17 दिन) शुभ मुहूर्त वाला महीना है, जबकि अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में एक भी शुभ विवाह दिन उपलब्ध नहीं है। इस लेख में आपको महीनेवार तिथि, नक्षत्र, तिथि (Tithi) और मुहूर्त समय की पूरी सूची मिलेगी, साथ ही यह भी कि खरमास, चातुर्मास और शुक्र तारा अस्त जैसे निषिद्ध काल शादी की तारीख को कैसे प्रभावित करते हैं — और अंत में सबसे प्रबल तिथियां कौन-सी हैं।
महत्वपूर्ण सूचना: नीचे दी गई सभी तिथियां वैदिक पंचांग (सूर्य-चंद्र स्थिति, नक्षत्र, योग, करण शुद्धि) पर आधारित हैं और पूरे भारत में लगभग समान रहती हैं। परंतु मुहूर्त का सटीक समय (घंटे-मिनट) आपके शहर के सूर्योदय पर निर्भर करता है और स्थान के अनुसार बदलता है। नीचे दिए समय संकेतात्मक हैं – अंतिम तिथि तय करने से पहले अपने स्थानीय पंचांग या योग्य ज्योतिषाचार्य से पुष्टि अवश्य करें।
विवाह मुहूर्त क्यों देखा जाता है?
हिंदू धर्म में विवाह 16 संस्कारों में से एक पवित्र संस्कार है, केवल सामाजिक बंधन नहीं। इसीलिए वैदिक ज्योतिष में विवाह के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण और ग्रहों की स्थिति – इन पाँच अंगों (पंचांग) का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में संपन्न विवाह दांपत्य जीवन में स्थिरता, सामंजस्य और सौभाग्य लेकर आता है।
व्यावहारिक रूप से मुहूर्त निर्धारण का उद्देश्य है – ऐसे समय का चयन जब आकाशीय स्थितियां (विशेषकर गुरु और शुक्र ग्रह) अनुकूल हों और कोई निषिद्ध योग या करण उपस्थित न हो। मुहूर्त चिंतामणि और धर्मसिंधु जैसे शास्त्रीय ग्रंथ स्पष्ट कहते हैं कि शुक्र तारा या गुरु तारा के अस्त (Asta/Combust) रहते विवाह नहीं किया जाना चाहिए — यही कारण है कि 2027 में जुलाई के मध्य से नवंबर की शुरुआत तक लगभग कोई शुभ दिन नहीं है।
2027 में विवाह मुहूर्त — त्वरित सारांश (Key Facts)
- कुल शुभ विवाह दिन (2027): लगभग 90+
- सबसे अधिक मुहूर्त वाला महीना: मई (17 दिन)
- कोई मुहूर्त नहीं: अगस्त, सितंबर, अक्टूबर (शुक्र अस्त + चातुर्मास + खरमास)
- विवाह सीजन दोबारा शुरू: 10 नवंबर 2027 (देवउठनी एकादशी / तुलसी विवाह के बाद)
- सबसे प्रबल तिथियां (रोहिणी नक्षत्र): 14 फरवरी, 8 मई, 15 नवंबर, 12 दिसंबर 2027
महीनेवार विवाह मुहूर्त 2027 — पूरी सूची (तारीख · वार · नक्षत्र · तिथि)
समय के बारे में स्पष्ट बात: नीचे दी गई तारीख, वार, नक्षत्र और तिथि पूरे भारत में समान हैं। परंतु मुहूर्त का सटीक समय (घंटा-मिनट) आपके शहर के सूर्योदय पर निर्भर करता है — दिल्ली, अहमदाबाद, मुंबई, कोलकाता में यह अलग होगा। इसीलिए हम यहाँ एक निश्चित समय नहीं छाप रहे (वह अधिकांश पाठकों के लिए गलत होता)। अपने शहर का सटीक मुहूर्त समय जानने के लिए नीचे दिए DrikPanchang लिंक पर अपना शहर सेट करें।
जनवरी 2027 (8 शुभ दिन)
| तारीख | वार | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 18 जनवरी | सोमवार | रोहिणी, कृत्तिका | एकादशी |
| 19 जनवरी | मंगलवार | मृगशिरा | द्वादशी |
| 23 जनवरी | शनिवार | मघा | तृतीया |
| 24 जनवरी | रविवार | मघा | तृतीया |
| 25 जनवरी | सोमवार | उत्तराफाल्गुनी | पंचमी |
| 26 जनवरी | मंगलवार | उत्तराफाल्गुनी, हस्त | पंचमी/षष्ठी |
| 27 जनवरी | बुधवार | हस्त | षष्ठी |
| 30 जनवरी | शनिवार | अनुराधा | नवमी/दशमी |
फरवरी 2027 (12 शुभ दिन)
| तारीख | वार | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 1 फरवरी | सोमवार | मूल | द्वादशी |
| 2 फरवरी | मंगलवार | मूल | द्वादशी |
| 10 फरवरी | बुधवार | उत्तरा भाद्रपद | चतुर्थी |
| 11 फरवरी | गुरुवार | उत्तरा भाद्रपद, रेवती | पंचमी |
| 17 फरवरी | बुधवार | रोहिणी | नवमी |
| 20 फरवरी | शनिवार | मघा | प्रतिपदा |
| 21 फरवरी | रविवार | उत्तराफाल्गुनी | द्वितीया |
| 22 फरवरी | सोमवार | उत्तराफाल्गुनी | द्वितीया/तृतीया |
| 24 फरवरी | बुधवार | स्वाति | पंचमी |
| 25 फरवरी | गुरुवार | स्वाति | षष्ठी |
| 27 फरवरी | शनिवार | अनुराधा | अष्टमी |
मार्च 2027 (7 शुभ दिन) — 14 मार्च के बाद खरमास आरंभ
| तारीख | वार | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 1 मार्च | सोमवार | मूल | नवमी/दशमी |
| 3 मार्च | बुधवार | उत्तराषाढ़ा | एकादशी/द्वादशी |
| 4 मार्च | गुरुवार | उत्तराषाढ़ा | द्वादशी |
| 9 मार्च | मंगलवार | उत्तरा भाद्रपद | प्रतिपदा/द्वितीया |
| 10 मार्च | बुधवार | उत्तरा भाद्रपद, रेवती | द्वितीया/तृतीया |
| 14 मार्च | रविवार | रोहिणी | सप्तमी |
अप्रैल 2027 (10 शुभ दिन) — खरमास 14 अप्रैल तक; मुहूर्त 17 अप्रैल से
| तारीख | वार | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 17 अप्रैल | शनिवार | उत्तराफाल्गुनी | द्वादशी/त्रयोदशी |
| 18 अप्रैल | रविवार | उत्तराफाल्गुनी | त्रयोदशी |
| 19 अप्रैल | सोमवार | हस्त | चतुर्दशी |
| 20 अप्रैल | मंगलवार | स्वाति | प्रतिपदा |
| 22 अप्रैल | गुरुवार | अनुराधा | तृतीया/चतुर्थी |
| 23 अप्रैल | शुक्रवार | अनुराधा | चतुर्थी |
| 24 अप्रैल | शनिवार | मूल | पंचमी |
| 25 अप्रैल | रविवार | मूल | पंचमी/षष्ठी |
| 27 अप्रैल | मंगलवार | उत्तराषाढ़ा | सप्तमी/अष्टमी |
मई 2027 (17 शुभ दिन) — वर्ष का सर्वश्रेष्ठ महीना
| तारीख | वार | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 3 मई | सोमवार | रेवती | त्रयोदशी |
| 4 मई | मंगलवार | रेवती | त्रयोदशी |
| 7 मई | शुक्रवार | रोहिणी | द्वितीया |
| 8 मई | शनिवार | मृगशिरा | तृतीया/चतुर्थी |
| 9 मई | रविवार | मृगशिरा | चतुर्थी |
| 13 मई | गुरुवार | मघा | अष्टमी/नवमी |
| 14 मई | शुक्रवार | उत्तराफाल्गुनी | दशमी |
| 15 मई | शनिवार | उत्तराफाल्गुनी | एकादशी |
| 16 मई | रविवार | हस्त | द्वादशी |
| 18 मई | मंगलवार | स्वाति | चतुर्दशी |
| 20 मई | गुरुवार | अनुराधा | प्रतिपदा |
| 22 मई | शनिवार | मूल | तृतीया |
| 24 मई | सोमवार | उत्तराषाढ़ा | पंचमी |
| 25 मई | मंगलवार | उत्तराषाढ़ा | पंचमी |
| 29 मई | शनिवार | उत्तरा भाद्रपद | दशमी |
| 30 मई | रविवार | उत्तरा भाद्रपद, रेवती | दशमी/एकादशी |
| 31 मई | सोमवार | रेवती | एकादशी |
जून 2027 (14 शुभ दिन)
| तारीख | वार | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 4 जून | शुक्रवार | मृगशिरा | प्रतिपदा |
| 9 जून | बुधवार | मघा | षष्ठी/सप्तमी |
| 11 जून | शुक्रवार | उत्तराफाल्गुनी | अष्टमी/नवमी |
| 12 जून | शनिवार | हस्त | दशमी |
| 14 जून | सोमवार | स्वाति | द्वादशी |
| 15 जून | मंगलवार | विशाखा, स्वाति | द्वादशी |
| 16 जून | बुधवार | अनुराधा | त्रयोदशी/चतुर्दशी |
| 17 जून | गुरुवार | अनुराधा | चतुर्दशी |
| 18 जून | शुक्रवार | मूल | प्रतिपदा |
| 19 जून | शनिवार | मूल | प्रतिपदा |
| 20 जून | रविवार | उत्तराषाढ़ा | द्वितीया/तृतीया |
| 21 जून | सोमवार | उत्तराषाढ़ा | तृतीया |
| 26 जून | शनिवार | उत्तरा भाद्रपद | सप्तमी/अष्टमी |
| 27 जून | रविवार | उत्तरा भाद्रपद, रेवती | अष्टमी/नवमी |
जुलाई 2027 (3 शुभ दिन) — इसके बाद चातुर्मास/शुक्र अस्त
| तारीख | वार | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 8 जुलाई | गुरुवार | मघा | पंचमी |
| 9 जुलाई | शुक्रवार | उत्तराफाल्गुनी | षष्ठी/सप्तमी |
| 12 जुलाई | सोमवार | स्वाति | नवमी/दशमी |
अगस्त – सितंबर – अक्टूबर 2027
कोई शुभ विवाह मुहूर्त नहीं। कारण: शुक्र तारा अस्त, चातुर्मास एवं सौर निषिद्ध मास। इन तीन महीनों में विवाह परंपरागत रूप से वर्जित है।
नवंबर 2027 (12 शुभ दिन) — सीजन पुनः आरंभ
| तारीख | वार | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 10 नवंबर | बुधवार | उत्तरा भाद्रपद | द्वादशी |
| 11 नवंबर | गुरुवार | उत्तरा भाद्रपद | द्वादशी |
| 12 नवंबर | शुक्रवार | रेवती | त्रयोदशी |
| 15 नवंबर | सोमवार | रोहिणी | द्वितीया |
| 16 नवंबर | मंगलवार | रोहिणी, मृगशिरा | द्वितीया/तृतीया |
| 17 नवंबर | बुधवार | मृगशिरा | चतुर्थी |
| 21 नवंबर | रविवार | मघा | अष्टमी/नवमी |
| 23 नवंबर | मंगलवार | उत्तराफाल्गुनी | एकादशी |
| 24 नवंबर | बुधवार | हस्त | एकादशी/द्वादशी |
| 25 नवंबर | गुरुवार | स्वाति | त्रयोदशी |
| 26 नवंबर | शुक्रवार | स्वाति | त्रयोदशी |
| 29 नवंबर | सोमवार | मूल | द्वितीया |
दिसंबर 2027 (8 शुभ दिन) — 15 दिसंबर के बाद खरमास
| तारीख | वार | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|
| 1 दिसंबर | बुधवार | उत्तराषाढ़ा | पंचमी |
| 2 दिसंबर | गुरुवार | उत्तराषाढ़ा | पंचमी |
| 7 दिसंबर | मंगलवार | उत्तरा भाद्रपद | नवमी |
| 8 दिसंबर | बुधवार | उत्तरा भाद्रपद | नवमी/दशमी |
| 9 दिसंबर | गुरुवार | रेवती | एकादशी |
| 12 दिसंबर | रविवार | रोहिणी | चतुर्दशी |
| 13 दिसंबर | सोमवार | रोहिणी, मृगशिरा | पूर्णिमा |
| 14 दिसंबर | मंगलवार | मृगशिरा | पूर्णिमा/प्रतिपदा |
अपने शहर का सटीक मुहूर्त समय जानें: DrikPanchang पर विवाह मुहूर्त 2027 खोलें → ऊपर अपना शहर (जैसे नई दिल्ली / अहमदाबाद) सेट करें → हर तारीख का घंटा-मिनट स्तर का मुहूर्त दिखेगा।
सबसे शुभ तिथियां — रोहिणी नक्षत्र वाले दिन
पारंपरिक रूप से रोहिणी नक्षत्र को विवाह के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। 2027 में ये विशेष दिन हैं:
- 14 फरवरी 2027 (रविवार) — रोहिणी, दोपहर बाद का मुहूर्त
- 8 मई 2027 (शनिवार) — रोहिणी, द्वितीया
- 15 नवंबर 2027 (सोमवार) — रोहिणी, द्वितीया
- 12 दिसंबर 2027 (रविवार) — रोहिणी, चतुर्दशी
यदि आपकी कुंडली में कोई विशेष बाधा नहीं है, तो ये चार तिथियां “अतिरिक्त शुभ” श्रेणी में आती हैं।
विवाह मुहूर्त कैसे तय किया जाता है? (केवल कैलेंडर पर्याप्त नहीं)
यह सबसे बड़ी गलतफहमी है — कैलेंडर में हरे रंग की तारीख देखकर शादी तय कर लेना। एक तिथि सामान्य रूप से शुभ हो सकती है, पर आपके लिए अशुभ। योग्य ज्योतिषाचार्य अंतिम मुहूर्त इन आधारों पर तय करते हैं:
- वर-वधू की जन्म कुंडली और गुण मिलान (36 में से न्यूनतम 18 गुण)
- चंद्रबल और ताराबल (वर-वधू की राशि से चंद्रमा व जन्म नक्षत्र की स्थिति)
- ग्रह दशा और मांगलिक दोष की जाँच
- लग्न शुद्धि — विवाह के क्षण की कुंडली में सप्तम भाव की स्थिति
- स्थानीय सूर्योदय — इसी कारण एक ही तिथि का शुभ समय अहमदाबाद, दिल्ली और काशी में अलग-अलग होता है
इसलिए ऊपर दी गई सूची को शुरुआती छँटनी (shortlist) मानें, अंतिम निर्णय नहीं।
निषिद्ध काल — 2027 में इन अवधियों में विवाह वर्जित
| निषिद्ध काल | 2027 में अनुमानित अवधि | कारण |
|---|---|---|
| खरमास (धनु/मीन संक्रांति) | ~14 मार्च – 14 अप्रैल; 15 दिसंबर के बाद | सूर्य गुरु की राशि में, मांगलिक कार्य वर्जित |
| चातुर्मास | ~जुलाई मध्य – नवंबर आरंभ | भगवान विष्णु का शयनकाल |
| शुक्र तारा अस्त | ~जुलाई–सितंबर | शुक्र ग्रह का अस्त होना |
| अधिक मास | पंचांग अनुसार | लीप-मास, मांगलिक कार्य स्थगित |
ध्यान दें: खरमास और शुक्र अस्त की सटीक तारीखें हर वर्ष बदलती हैं और स्थानीय पंचांग के अनुसार 1–2 दिन आगे-पीछे हो सकती हैं। ऊपर की तिथियां संकेतात्मक हैं।
विवाह से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
- सबसे पहले कुंडली मिलान (गुण मिलान) कराएं — तिथि उसके बाद।
- अपने शहर के स्थानीय पंचांग से मुहूर्त समय की पुष्टि करें।
- गुरु और शुक्र अस्त काल में विवाह से बचें।
- खरमास, चातुर्मास और अधिक मास की अवधि पहले से जान लें।
- वेन्यू और वेंडर बुकिंग शुभ दिनों (विशेषकर मई और नवंबर) में जल्दी भर जाती है — 4–6 महीने पहले बुक करें।
विवाह का धार्मिक महत्व
हिंदू परंपरा में विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों और दो आत्माओं का पवित्र मिलन है। सप्तपदी (अग्नि के सात फेरे) और वैदिक मंत्रों के साथ संपन्न यह संस्कार जीवनभर धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के साझा मार्ग पर चलने की प्रतिज्ञा है। अग्नि को साक्षी मानकर लिए गए ये सात वचन ही विवाह को एक अटूट संस्कार बनाते हैं — यही कारण है कि इसके लिए काल (समय) का चयन इतनी सावधानी से किया जाता है।
निष्कर्ष
2027 में विवाह के लिए वर्षभर पर्याप्त शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं — विशेषकर मई (17 दिन) और नवंबर (12 दिन) सबसे अनुकूल हैं। परंतु याद रखें: पंचांग की सामान्य शुभ तिथि और आपके लिए शुभ तिथि — दोनों अलग हो सकती हैं। इसलिए इस सूची से तारीखें छाँटें, फिर जन्म कुंडली, गुण मिलान और स्थानीय सूर्योदय के आधार पर योग्य ज्योतिषाचार्य से अंतिम मुहूर्त की पुष्टि कराएं। इससे आपका विवाह संस्कार पारंपरिक मान्यताओं के पूर्ण अनुरूप संपन्न होगा।
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
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