हरिद्वार, 1 मार्च; हरिद्वार कुंभ मेले को कोविड संक्रमण से बचाने के लिए उत्तराखंड सरकार आये दिन नए दिशा निर्देश जारी कर रही है. इस बार भी आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा नया एसओपी जारी किया गया है. इस एसओपी का अखाड़ा परिषद, संतों, स्थानीय पुजारी और व्यापारी बिरादरी ने विरोध किया है.
क्या है नया दिशा निर्देश
नए दिशा निर्देश के अनुसार हरिद्वार कुंभ में जो भी दिशा निर्देश का उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा. यह एसओपी प्रतिबंध कुंभ मेला क्षेत्र में और मेला अवधि तक ही लागू होंगे।
सख्त है नए एसओपी
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने सरकारी पोर्टलों पर अनिवार्य रजिस्ट्रेशन का हवाला देते हुए कहा है कि 72 घंटे की कोरोना निगेटिव रिपोर्ट, तीर्थयात्रियों के लिए ई-पास आवंटन और आपदा प्रबंधन अधिनियम और कोविड एसओपी के उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के यह नियम काफी सख्त हैं.
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प्रोटोकॉल में भव्य कुंभ असंभव
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने सवाल उठाया है कि जब प्रयागराज में आयोजित माघ मेला और वृंदावन मेले में ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं था तो हरिद्वार महाकुंभ में क्यों?
महंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि इस तरह के कठोर प्रतिबंधों, प्रोटोकॉलों और प्रक्रियाओं में एक भव्य कुंभ का आयोजन कैसे किया जा सकता है? कोरोना का डर या सुरक्षा उपायों के नाम पर अनुचित प्रतिबंध नहीं लगाए जाने चाहिए.
हालांकि सरकार ने भव्य कुंभ मेले का आयोजन करने का आश्वासन दिया है, लेकिन हमने प्रतिबंधों को कम करने का आग्रह किया क्योंकि कोविड-19 का असर अब कम हो गया है और टीकाकरण भी किया जा रहा है.
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