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इतिहास : हरिद्वार कुंभ का संघर्षों और दुर्घटनाओं से नाता

इतिहास : हरिद्वार कुंभ का संघर्षों और दुर्घटनाओं से नाता

इतिहास : हरिद्वार कुंभ का संघर्षों और दुर्घटनाओं से नाता
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इतिहास : हरिद्वार कुंभ का संघर्षों और दुर्घटनाओं से नाता

प्रत्येक जगह पर कुंभ में सबसे पहले शाही स्नान को लेकर संन्यासियों के अखाड़ों के बीच संघर्ष का इतिहास रहा है. कभी कभी तो यह संघर्ष खूनी संघर्ष में भी बदला है. चलिए जानते हैं हरिद्वार कुंभ मेले में संन्यासी अखाड़ों के बीच संघर्ष का संक्षिप्त इतिहास.



वैष्णव और शैव संप्रदाय

वैष्णव और शैव संप्रदाय के झगड़े प्राचीनकाल से ही चलते आ रहे हैं, हालांकि कभी कुंभ में स्नान को लेकर संघर्ष नहीं हुआ. लेकिन जब से अखाड़ों का निर्माण हुआ है तब से कुंभ में शाही स्नान को लेकर संघर्ष भी शुरू होने लगा.

एक वक्त ऐसा भी आया कि शाही स्नान के वक्त तमाम अखाड़ों एवं साधुओं के संप्रदायों के बीच मामूली कहासुनी भी खूनी संघर्ष का रूप लेने लगी थी. इसके लिए शासन और प्रशासन को मुस्तेद रहना पड़ता है.

यह भी पढ़ें-महाकुंभ का मुख्य शाही स्नान सफलता पूर्वक सम्पन्न

हरिद्वार कुंभ मेले में हादसे

हरिद्वार के कुंभ मेले में संघर्ष और हादसों का पुराना इतिहास रहा है. वर्ष 1310 के महाकुंभ में महानिर्वाणी अखाड़े और रामानंद वैष्णवों के बीच हुए झगड़े ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया था. वर्ष 1398 के अर्धकुंभ में तो तैमूर लंग के आक्रमण से कई जानें गई थीं.

वर्ष 1760 में शैव सन्यासियों व वैष्णव बैरागियों के बीच संघर्ष हुआ था. 1796 के कुम्भ में शैव संयासी और निर्मल संप्रदाय आपस में भिड़ गए थे.

1927 में बैरीकेडिंग टूटने से काफी बड़ी दुर्घटना हो गई थी. वर्ष 1986 में भी दुर्घटना के कारण कई लोग हताहत हो गए. 1998 में हर की पौड़ी में अखाड़ों के बीच संघर्ष हुआ था.

2004 के अर्धकुंभ मेले में एक महिला से पुलिस द्वारा की गई छेडछाड़ ने जनता, खासकर व्यापारियों को सड़क पर संघर्ष के लिए मजबूर कर दिया, जिसमें एक युवक की मौत हो गई थी. 2010 के बैसाखी शाही स्नान में दुर्घटना में 7 लोगों की मौत हो गयी थी.



 इस बार सकुशल संपन्न हुआ कुम्भ

वर्ष 2021 में आयोजित महाकुम्भ में पहली बार ऐसा हुआ कि बैसाखी का शाही स्नान बिना किसी विवाद, दुर्घटना अथवा रंजिशपूर्ण घटनाओं के संपन्न हुआ.इस बार जुलूसों में अखाड़ों ने 1100 से 1157 वाहनों को अपनी शाही स्नान जुलुस में शामिल किया.
आईजी संजय गुंज्याल ने बताया कि इस बार पेशवाई से लेकर शाही स्नान तक का मेला पुलिस ने सकुशल संपन्न कराया.14 अप्रैल का सही स्नान भी बिना किसी दुर्घटना के निपट गया.

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April 16, 2021 2 min read
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