वृन्दावन, 15 फरवरी; उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक दिवसीय दौरे पर धर्म नगरी वृन्दावन पहुंचे. मुख्यमंत्री यहां 16 फरवरी से शुरू होने जा रहे 40 दिवसीय कुम्भ मेला की व्यवस्थाओं को परखने एवं विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के लिए आये हुए थे .
मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से वृन्दावन स्थित पवन हंस हेलिपैड पर उतरे. यहां उनका कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण, श्री कांत शर्मा और महेंद्र सिंह ने पटका पहनाकर स्वागत किया।
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स्वागत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का काफिला बाँके बिहारी जी के दर्शनों के लिए बाँके बिहारी मंदिर रवाना हुआ . जहाँ मन्दिर के सेवायत ने उनको विधि विधान से पूजा अर्चना कराई और भगवान का अंगवस्त्र एवं प्रसाद भेंट किया.

बाँके बिहारी जी के दर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री सन्त ज्ञानानंद के आश्रम पहुँचे जहाँ आध्यात्मिक चर्चा की एवं दोपहर का भोजन किया . सन्त ज्ञानानंद से मुलाकात करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर्यटक सुविधा केंद्र पहुँचे जहाँ उन्होंने सन्तों से मुलाकात की .

करीब एक घण्टे तक सन्तों के बीच रहने के बाद वह परिक्रमा मार्ग स्थित विजय कौशल के आश्रम पहुँचे . यहां उन्होंने सन्त विजय कौशल से गोपनीय मुलाकात की।

संत विजय कौशल के यहाँ से मुख्यमंत्री का काफिला यमुना तट पर लग रहे कुम्भ मेला स्थल पर पहुँचा . यहाँ वह सांस्कृतिक पंडाल पहुँचे . जहाँ उनका स्वागत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झलकियां प्रस्तुत कर किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहाँ 411 करोड़ की 95 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया . इनमें 47 परियोजनाओं का लोकार्पण और 48 का शिलान्यास किया.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने उद्बोधन में कहा कि ब्रज वह जगह है जहां से आस्था के बारे मे जाना जाता है. उन्होंने कहा कि जब कुम्भ पूर्व वैष्णव बैठक वृन्दावन कुंभ का प्रस्ताव आया उस समय कोविड 19 महामारी का विकराल रूप सामने था . लेकिन प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमने कोरोना की लड़ाई जीती और दो स्वदेशी वैक्सीन बनाई और विभिन्न देशों को दी . यही बजह है कि सरकार इस कुम्भ को करने की हिम्मत जुटा पाई।
जिस तरह प्रयागराज कुम्भ 2019 में स्वक्षता, सुरक्षा और सुव्यवस्था का एक मानक बनाया उसी तरह यहां भी बनाएं और दुनिया को एक सन्देश दिया जाए . इसके अलावा उन्होंने ब्रज में गौ सेवा को एक पहचान बनाने की बात कही.
योगी आदित्यनाथ के उद्बोधन से पूर्व ऊर्जा मंत्री श्री कांत शर्मा ,पशुधन मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण , सांसद हेमा मालिनी और सन्त फूलडोल बिहारी दास ने भी संबोधित किया .
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