वृन्दावन, 8 फरवरी: वृन्दावन कुंभ मेला बैठक में शामिल हो रहे खालसों के लिए तीनों अनी अखाड़ों के महंतों की मौजूदगी में भूमि आवंटन की प्रक्रिया रविवार को आरंभ हो गई.
पहले दिन 25 खालसों को प्लॉट आवंटित किए गए. मेला प्रशासन ने संतों को जमीन का आवंटन पूर्व में ही कर दिया है. अब संत उक्त जमीन के प्लॉट खालसों में बांट रहे हैं.
वृंदावन कुंभ मेला क्षेत्र में शिविरों के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूर्व निर्धारित तिथि के मुताबिक रविवार को आरंभ हुई. सुबह से शुरू हुई नापजोख की प्रक्रिया के तहत लगभग 25 खालसों को शिविर के लिए भूमि आवंटित की गई. इस मौके पर निर्मोही अनी अखाड़े के महंत राजेंद्र दास की भी मौजूदगी रही.
महंत राजेंद्र दास के अनुसार तीनों अनी अखाड़ों के देखरेख में यह वृन्दावन मेला बैठक होती रही है. यहां की व्यवस्थाएं मेला प्रशासन द्वारा की जाती रही हैं, लेकिन अब तक अखाड़ों के लिए पंचायती व्यवस्था नहीं हो सकी है. बिजली, पानी, और शौचालयों की व्यवस्था नहीं की गई है, जबकि भूमि आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
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दिगंबर अनी अखाड़े के महंत कृष्णदास ने कहा कि तीनों अनी अखाड़ों की देखरेख में संत-महंतों की व्यवस्था की जाती है, प्रशासन के अधिकारियों ने अभी तक अखाड़ों से संपर्क नहीं किया है, जिससे संत-महंतों के अनुरूप व्यवस्थाएं की जा सकें.
निर्वाणी अखाड़े के महंत धर्मदास ने प्रशासन से पानी, लाइट आदि के साथ-साथ शौचालय की व्यवस्था करने की बात रखी . इस दौरान निर्वाणी अनी के राष्ट्रीय महासचिव गौरी शंकर दास, वैष्णव अखाड़ा परिषद के महंत हरिशंकर नागा, सिंहपौर मंदिर के महंत सुंदरदास, महामंडलेश्वर महंत लाडिली शरण, संत गोपेशकृष्ण दास, प्रेमदास नागा काठिया बाबा आदि संत-महंत मौजूद रहे.
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