RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

क्या है विशु कानी पर्व, जानिए इसका महत्त्व और इसको मनाने की विधि

क्या है विशु कानी पर्व, जानिए इसका महत्त्व और इसको मनाने की विधि

क्या है विशु कानी पर्व, जानिए इसका महत्त्व और इसको मनाने की विधि
Visual Archive

क्या है विशु कानी पर्व, जानिए इसका महत्त्व और इसको मनाने की विधि

विषु कानी पर्व 14 अप्रैल को मनाया जाता है । भारत के दक्षिणी राज्य का विशु पर्व प्राचीनतम पर्वों में से एक है। यह पर्व धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व से जुड़ा हुआ है।



एक ओर जहां विशु  पर्व को नए साल से जोड़ा जाता है तो वहीं दूसरी ओर इस दिन भगवान विष्णु जी की विशेष आराधना की जाती है। आइए जानते हैं इस पर्व का महत्व क्या है।

मलयालम नववर्ष के रूप में मनाया जाता है ये पर्व

मलयालम कैलेंडर के अनुसार, विशु  पर्व नववर्ष के रूप में मनाया जाता है। दरअसल इसी दिन से सौर नव वर्ष शुरु होता है। मलयालम पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य अपनी राशि बदलकर (मेष) राशि में प्रवेश करता है। यही से वह एक वर्ष के लिए राशिचक्र की यात्रा प्रारंभ करता है।

धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार, विषु पर्व भगवान विष्णु जी के अवतार श्रीकृष्ण को समर्पित है। इसलिए इस पर्व में उनकी आराधना की जाती है। मान्यता के अनुसार ऐसा माना जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस का इसी दिन वध किया था और जगत को उनके अत्याचार से मुक्ति दिलाई दिलाई थी।

यह भी पढ़ें-बैसाखी 2020: लॉकडाउन में कैसे मनाएं बैसाखी, जानें शुभ मुहूर्त, स्नान-दान की विधि

ऐसे मनाया जाता है विषु 

यह पर्व केरल के अलावा कर्नाटक में भी बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। केरल में बाकायदा इस दिन सार्वजनिक अवकाश होता है। इस दिन प्रातः जल्दी उठकर लोग स्नान ध्यान करते हैं और विषु कानी दर्शन के साथ दिन की शुरुआत करते हैं।

यहां विषु कानी का आशय भगवान विष्णु जी के दर्शन से है। लोगों द्वारा विषु भोजन का आयोजन किया जाता है इसमें 26 प्रकार के शाकाहारी पकवान होते हैं।



इसके अलावा इस दिन झांकी निकाली जाती है। ऐसा कहा जाता है कि आज के दिन विष्णु भगवान के दर्शन करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।

You can send your stories/happenings here: info@religionworld.in

RW

Editorial Review Note

Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

April 14, 2020 2 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

Hinduism

दक्षिण भारत की शक्तिपीठ मसानी अम्मन: स्वास्थ्य, धन और सुरक्षा की देवी

दक्षिण भारत की शक्तिपीठ मसानी अम्मन: स्वास्थ्य, धन और सुरक्षा की देवी दक्षिण भारत की भूमि प्राचीन देवी-उपासना की समृद्ध परंपरा के लिए जानी जाती है। तमिलनाडु, केरल…

Read now
Hinduism

क्यों दक्षिण भारत में हनुमान, शिव और विष्णु की विशेष पूजा होती है?

क्यों दक्षिण भारत में हनुमान, शिव और विष्णु की विशेष पूजा होती है? दक्षिण भारत प्राचीन संस्कृति, विशाल मंदिरों, और अनगिनत आध्यात्मिक परंपराओं की धरती है। यहाँ भक्तिभाव…

Read now
Hinduism

भगवान के कई रूप क्यों होते हैं? 

भगवान के कई रूप क्यों होते हैं?  भारत की धार्मिक परंपराएँ अत्यंत समृद्ध, विविध और रहस्यमय हैं। यहाँ एक ईश्वर को अनेक रूपों में पूजने की अनोखी परंपरा…

Read now