पुरी, 12 मार्च; यस बैंक के इस संकट की गाज अब मंदिरों पर भी गिर गयी है . आरबीआई का फैसला आम लोगों के साथ पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर पर भी भारी पड़ गया है. यस बैंक की एक शाखा में भगवान जगन्नाथ के नाम से खुले अकाउंट में 545 करोड़ रुपए जमा हैं . आरबीआई के नए आदेश के बाद भक्त और पुजारी दोनों चिंतिंत हैं.
आरबीआई ने नकदी संकट से जूझ रहे यस बैंक पर रोक लगाते हुए उसके निदेशक मंडल को भंग कर दिया. इसके अलावा बैंक के जमाकर्ताओं के लिए 50,000 रुपए की निकासी की सीमा तय की है. बैंक के लिए एक प्रशासक की भी नियुक्ति की गई है.
रिजर्व बैंक ने सरकार के साथ सलाह के बाद जमाकर्ताओं के हितों के संरक्षण के लिए यह कदम उठाया है.
यह भी पढ़ें – COVID-19:अट्टूकल पोंगल में श्रद्धालु हुए शामिल, भय पर भारी पड़ी आस्था
आरबीआई ने यस बैंक के निदेशक मंडल को भी भंग कर दिया है. निदेशक मंडल पिछले छह माह से बैंक के लिए जरूरी पूंजी जुटाने में विफल रहा. भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी प्रशांत कुमार को यस बैंक का प्रशासक नियुक्त किया गया है.
हालांकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आश्वासन दिलाया है कि सभी का एक-एक पैसा सुरक्षित है. वहीं मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम ने भी यस बैंक के ग्राहकों के हितों की सुरक्षा का आश्वासन दिया.
You can send your stories/happenings here: info@religionworld.in
Editorial Review Note
Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.