बरसाना, 4 मार्च; कान्हा की नगरी में लड्डू होली की धूम रही । बरसाना स्थित ब्रह्मांचल पर्वत पर स्थित श्रीजी मंदिर पर लड्डू होली का आयोजन किया गया । मान्यता है कि बरसाना की लट्ठमार होली से ठीक एक दिन पहले खेली जाने वाली इस लड्डू होली का बृज में विशेष महत्त्व है। इस दिन नंदगाँव के हुरियारों को न्यौता देकर पांडा बरसाना लौटता है, जिसका सभी लड्डू फेंक कर स्वागत करते है। इस लड्डू होली की पूजा अर्चना में सुबह सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए और उन्होंने विधिविधान से पूजा अर्चना कर यूपी सरकार के ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा आयोजित रंगोत्सव कार्यक्रम की दीप प्रज्ज्वलन कर शुरुआत की। इस दौरान मुख्यमंत्री को राधा कृष्ण ने फूलों की होली खेल गुलाल लगाया और योगी ने चरण स्पर्श पर भगवान स्वरूपों से आशीर्वाद लिया।
बृज में लट्ठमार होली की परम्परा बेहद प्राचीन है और बरसाना को इसका केंद्र माना जाता है। बरसाने की लट्ठमार होली के विश्व प्रसिद्ध होने की वजह है इसका परंपरागत स्वरुप बरसाने की हुरियारिनो से होली खेलने के लिये नंदगाँव के हुरियारे आते है। इसके लिये बाकायदा एक दूत न्यौता देने नंदगाँव पहुंचता है जो आज के दिन लौट कर बरसाना आता है।
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इस दूत को यहाँ पांडा कहा जाता है और जब ये पांडा लौट कर बरसाने के प्रमुख श्रीजी मंदिर में पहुंचता है तो यहाँ मंदिर में सभी गोस्वामी इकठ्ठा होकर उसका स्वागत करते है और बधाई स्वरुप पांडा पर लड्डू फेंकते है। उसके बाद मंदिर प्रांगण में मौजूद भक्त भी पांडा के ऊपर लड्डू फेंकते है जिसे हम सभी लड्डू होली के नाम से जानते है. इस होली में शामिल होने के लिये देश के कोने-कोने से भक्त बरसाना पहुँचते है और लड्डू होली का आनंद उठाते है।
बरसाना के लाडली मंदिर में खेली गयी लड्डू होली इसे देखने की लिए लाखों श्रद्धालु उमड़ पड़े। जिसमें श्रद्धालु पर पहले से राधारानी मंदिर के सेवायत द्वारा लड्डू फेंक कर होली की शुरुआत की जाती है। उसके बाद श्रद्धालु अपने साथ लाए लड़डूओं को एक दूसरे पर मार कर होली का आनंद लेते हैं और नाचते गाते और गुलाल उड़ाते है। और पूरी तरह होली के रंग में रंग जाते है। भगवान के साथ होली खेल कर मस्त हो जाते है।इस होली में शामिल होने वाले भक्तों के उत्साह की एक खास वजह यह है कि जो लड्डू खाने के लिये होता है इस दिन उन्हें इससे होली खेलने का मौका मिलता है और साथ ही अगले दिन होने वाली लट्ठमार होली को खेलने के लिये तो इनका उत्साह देखते ही बनता है।
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