अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव : आयुष मंत्रालय, मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान का त्रिदिवसीय आयोजन दिल्ली में

- मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान नई दिल्ली एवं आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित त्रिदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का समापन
- अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव की अध्यक्षता श्री श्रीपद येसो नाईक जी और मुख्य अतिथि श्रीमती सुमित्रा महाजन जी, विशिष्ट अतिथि स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, आचार्य बालकृष्ण जी
- योग बनाता है व्यक्ति को योग्य, पृथ्वी को बचाना है तो पर्यावरण को बचाना होगा- स्वामी चिदानन्द सरस्वती
ऋषिकेश, 23 मार्च। ताल कटोरा इंडोर स्टेडियम में मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान, नई दिल्ली एवं आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित त्रिदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का समापन समारोह परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और आचार्य बालकृष्ण जी की पावन उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव समापन समारोह की अध्यक्षता माननीय राज्यमंत्री आयुष मंत्री, भारत सरकार श्री श्रीपद येसो नाईक जी ने की तथा आज के कार्यक्रम की मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष माननीय श्रीमती सुमित्रा महाजन जी तथा इस पावन अवसर पर पंतजलि योग पीठ से आचार्य बालकृष्ण शास्त्री जी, जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी, श्री नरेश कुमार जी, डाॅ एमवी भोले, डाॅ नागेन्द्र जी तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों ने सहभाग किया।

ताल कटोरा इंडोर स्टेडियम में योग के विविध आयामों यथा योग के वैज्ञानिक पहलू, इंटीग्रेशन आॅफ योग एण्ड हेल्थ केयर, स्पेशल थेरेपी तकनीक इन योग, योग सूत्र, योग विषय पर सत्संग, क्विज काम्पटीशन, योग के क्षेत्र की सक्सेस स्टोरीज और क्विज काम्पटीशन के विजेताओं को पुरस्कार वितरण किया गया।

अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के समापन समारोह को सम्बोधित करते हुये परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा, ’वसुधैव कुटुम्बकम को साकार करने के लिये योग एक प्रयोग है। योग, व्यक्ति को योग्य बनाता है और उस योग्यता का उपयोग समाज के लिये; पर्यावरण के लिये; नदियों के लिये तथा पूरी धरती को प्रदूषण मुक्त करने के लिये करें। स्वामी जी ने कहा कि योग से करे नये-नये प्रयोग और उन प्रयोगों का उपयोग विश्व बन्धुत्व के लिये; समरसता, सद्भाव; संस्कार; संस्कृति और शान्ति की स्थापना के लिये योग का प्रयोग करे। स्वामी जी महाराज ने कहा, योग, अब पर्यावरण के करे प्रयोग। योग के साथ-साथ पर्यावरण योग भी बहुत जरूरी है। हमें पृथ्वी को बचाना है तो पर्यावरण को बचाना होगा। स्वामी जी ने कहा कि इस देश ने अपनी संस्कृति को संस्कारों को जो महत्व दिया है उसी के कारण ये देश आज पूरे विश्व में 1000 सालों तक अनेक शासकों के द्वारा दिये दुःख को झेलता हुआ भी आगे बढ़ता रहा और आज भी जिंदा है और सदियों तक जिंदा रहेगा। योग किसी भी प्रकार के वाद और विवाद को समाप्त कर सकता है।
आचार्य बालकृष्ण शास्त्री जी ने कहा कि योग, रोगों से मुक्ति की माध्यम है। योग के माध्यम से हम परमपिता परमात्मा की निकटता प्राप्त कर सकते है। अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का मतलब है कि अब योग की शक्ति को पूरी दुनिया ने स्वीकार किया है उन्होने इसका श्रेय माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं स्वामी रामदेव जी महाराज को दिया।

राज्यमंत्री आयुष मंत्री, भारत सरकार श्री श्रीपद येसो नाईक जी ने उपस्थित सभी महानुभावों का धन्यवाद किया और कहा कि हम सभी मिलकर योग का अभ्यास करे और योग को बढ़ावा दे। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज एवं अन्य अतिथियों ने क्विज काम्पटीशन के विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र वितरित किये। इस अवसर पर वहां उपस्थित सभी अतिथियों को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प कराया। स्वामी जी महाराज ने विशिष्ट अतिथियों को रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया।
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
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