संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार दिवस पर आचार्य लोकेश सम्मानित
- मानवाधिकारों की रक्षा करना ही हम सभी का धर्म और कर्म : आचार्य डॉ. लोकेश मुनि
नई दिल्ली: दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग ने इण्डिया इस्लामिक सेंटर में यूनाइटेड नेशन मानवधिकार दिवस के उपलक्ष्य में एक समारोह आयोजित किया गया । इस सम्मेलन में मुस्लिम, सिक्ख, जैन, बौद्ध, ईसाई, पारसी धर्मों के आचार्यों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लेकर संबोधित किया।
जैन आचार्य डॉ. लोकेश मुनि को मानवाधिकारों की रक्षा, साम्प्रदायिक सौहार्द व मानवी एकता के लिए आयोग द्वारा सम्मानित किया गया। समारोह को सम्बोधित करते हुए आचार्य लोकेश मुनि ने कहा कि अधिकारों के साथ हमें कर्तव्यों पर भी ध्यान देना होगा । इस वक्त देश में जन अधिकारों की सुरक्षा और राष्टृीय स्तर पर समस्याओं की पहचान कर उनके हल के उद्देश्य से एक अभियान चलाया जाए । इसके अंतर्गत सर्व प्रथम जन सामान्य को वास्तविक परिस्थितयों से अवगत और उनके विषय में शिक्षित किया जाना चाहिए । मानवाधिकारों की रक्षा करना ही हम सभी का धर्म भी है और कर्म भी।
आचार्य लोकेश मुनि ने कहा कि अनेकता में एकता भारत की मौलिक विशेषता है, सर्वधर्म सद्भाव उसका मूलमंत्र है। उन्होंने कहा कि हमें अपने अधिकारों को संविधान के अनुसार पालन करने की जरूरत है। हमें अपने नैतिक मूल्य और संस्कार को कभी नहीं भूलना चाहिए। ये संस्कार ही हमें शीर्ष पर ले जाते हैं, लेकिन आज जिस तरह से समाज में नैतिक मूल्यों में गिरावट आ रही है, वह चिंता का विषय है।
इस अवसर पर सिख धर्म से जत्थेदार ज्ञानी रणजीत सिंह ने अपने विचार व्यक्त किये| दिल्ली आयोग अध्यक्ष डॉ. जफरुल इस्लाम खान ने स्वागत भाषण दिया तथा मुस्लिम, सिक्ख, जैन, बौद्ध, ईसाई, फारसी धर्मों के प्रतिनिधियों सम्मानित किया।
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
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